विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर दौड़ी देश की पहली पारदर्शी कोच, पांच घंटे के चुकाने होंगे 630 रुपए
December 25th, 2019 | Post by :- | 92 Views

विश्व धरोहर में शुमार कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर मंगलवार से सात कोच वाली विस्टाडोम कोच ट्रेन दौड़ी। पारदर्शी विस्टाडोम ट्रेन कालका से सुबह 7 बजे रवाना हुई और दोपहर 12:55 बजे शिमला पहुंची। जबकि शिमला से इसके चलने का समय दोपहर बाद 3 बजकर चलेगी और रात 9:15 बजे कालका पहुंचेगी। ट्रेन का किराया 630 रुपए प्रति यात्री है। ट्रेन के हर कोच में 15 चेयरकार सीटें हैं। एसी के साथ हनीकॉम ब्लाइंड पर्दा लगाया गया है। ट्रेन की शीशेयुक्त छत गर्म होने पर हनीकॉम ब्लाइंड पर्दा खोलने पर गर्मी का अहसास नहीं होगा। यह पर्दा कोच के अंदर लगाया गया है। यह देखने में तो फिल्टर की तरह लगता है, लेकिन धूप को रोकने में काफी कारगार है। पर्दा गिरते ही एसी पूरे कोच में प्रॉपर कूलिंग करेगा। यह पर्दा पहले वाले विस्टाडोम कोच में नहीं लगाया गया है। शिमला रेलवे स्टेशन अधीक्षक प्रिंस सेठी ने बताया कि भारतीय रेलवे ने क्रिसमस और नए साल के शुभ मौके पर होली-डे स्पेशल विस्टाडोम ट्वाय ट्रेन को चलाने की मंजूरी दी है। जो आज से इस ट्रैक पर दौड़नी शुरू हो गई है। विस्टाडोम ट्रेन में सात डिब्बे हैं। जिसमें 90 यात्रियों के बैठने की जगह है। जिसके एक डिब्बे में 15 लोगों के बैठने की क्षमता है। फ़िलहाल भारतीय रेलवे ने इसे 24 दिसंबर 2020 तक चलाने की अनुमति प्रदान की है। प्रिंस सेठी ने बताया कि यदि विस्टाडोम ट्रेन का परिणाम अच्छा रहा तो इसको चालू रखा जाएगा। इसके ऊपर व दोनों तरफ शीशे लगें है व घूमने वाली सीट है। जिससे इस धरोहर हो करीब से निहारा जा सकता है। उधर विस्टाडोम के इस सफ़र में पहली बार गवाह बने पर्यटकों ने भी इस ट्रेन की सराहना की ओर कहा कि ये पारदर्शी कोच पूरी तरह से आरामदायक है। चारों तरफ लगे शीशों से क़ुदरत को निहारा जा सकता है। चेयर भी घूमने वाली है। हां थोड़ा किराया जरूर ज़्यादा है लेकिन इसके आरामदायक सफ़र के आगे ठीक है।

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