14वें वित्त आयोग की राशि खर्च करने में विफल रही इंदौरा की पंचायतें —5 वर्षों में निर्धारित कार्य भी पूरे नहीं हो पाए 24 करोड रुपये में से खर्च किए 16 करोड रुपए
December 24th, 2019 | Post by :- | 280 Views

इंदौरा (मुकेश सरमाल)

14वें वित्त आयोग की राशि खर्च करने में विफल रही इंदौरा की पंचायतें

———5 वर्षों में निर्धारित कार्य भी पूरे नहीं हो पाए 24 करोड रुपये में से खर्च किए 16 करोड रुपए

जहां गरीब जनता अपनी समस्याओं को लेकर कभी जनमंच में जा रही है तो कभी कार्यालयों में चक्कर काट  धक्के खा  हारकर चूप बैठ जाती हैं और सरकारी कार्यप्रणाली और फॉर्मेलिटी  के चक्रों में  अपना काम  करवाने से वंचित रह जाती है लेकिन पंचायती राज विभाग की कार्यप्रणाली इतनी निठली है कि पंचायतों को पर्याप्त बजट मुहैया कराए जाने के बावजूद भी पंचायतें  डाले गए  कार्य ही मुकम्मल नहीं करवा पाई है जबकि पंचायतों के पास बजट खर्च करने के लिए कुछ माही बचे बचे हैं
इस मामले में विकासखंड इंदौरा की बात करें तो वहां कुल 49 पंचायतें हैं लेकिन वर्ष 2015 16 से वर्ष 2019 तक के 5 सालों में अब तक 14 वित्त आयोग की राशि को खर्च कर पाने में लगभग सभी पंचायतें विफल रही हैं जबकि इस वित्त सत्र को मात्र सत्र को मात्र तीन माही शेष बचे हैं ऐसे में धन का प्रावधान होने के बावजूद भी इंदौरा की सारी पंचायतें द्वारा विकास कार्य विकास कार्य पंचायतें द्वारा विकास कार्य द्वारा विकास कार्य विकास कार्य करवाने में सुस्ती बरतना सबकी समझ से परे है वर्ष 2015 16 से वर्ष 2019 तक इंदौरा ब्लॉक की 49 पंचायतों के लिए 14 वित्त आयोग की 23 करोड 77 लाख 13 हजार 576 रुपए की राशि स्वीकृत की गई है लेकिन लगभग 5 सालों में सारी पंचायतें केवल 15 .71 करोड रुपए ही खर्च ही खर्च कर पाई हैं जबकि 8 करोड 6 लाख  5 हजार  72रुपए की राशि खर्च किए जाना शेष है अब सवाल यह उठता है कि जो पंचायतें लगभग 5 साल में 15.71 करोड रुपए राशि खर्च कर पाई हैं बे अगले कुछ माह में 8 करोड से से अधिक की राशि के विकास कार्य को कैसे करवा पाएंगे वही पंचायतें द्वारा डाले गए सल्फों के कार्य क्यों नहीं कर पाई हैं सरकार को पंचायत प्रधानों की जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए उनसे इस बारे में जवाबतली करनी चाहिए

___________मंड मियानी विकास कार्यों विकास कार्यों में सबसे पीछे
विकासखंड इंदौरा की पंचायत मंड मियानी विकास करवाने में पूरे ब्लॉक में सबसे पिछड़ी हुई है इस पंचायत को 14वें वित्त आयोग में संताली कार्यों के लिए 32.08 लाख रुपए की की राशि स्वीकृत की गई थी जबकि पंचायत केवल 9 लाख रुपए के 6 कार्य ही 5सालों में करवा पाई है और 2 साल का काम चल रहा है तथा 39 कार्य करवाए जाने बाकी हैं पंचायत केबल28.21 प्रतिशत राशि ही खर्च कर पाई है
__________घोड़न पंचायत विकास कार्यों में नंबर एक पर
इंदौरा ब्लॉक में यहां विकास कार्यों मैं अधिकतर पंचायतें विफल रही हैं वहीं वहीं विफल रही हैं वहीं  घोड़न पंचायत ने 97.31 प्रतिशत राशि खर्च कर नंबर एक पर पर है इस पंचायत में 99 विकास कार्यों के लिए51.96 लाख रुपए स्वीकृत हुए थे जिसमें से पंचायत 50.56लाख रुपए के कार्यों को करवा चुकी है और केवल 1.40 लाख  रुपए के कार्य करवाने जाना शेष बचे हैं
________पंचायत लोध्वा के पास बचे हैं 43 लाख रुपए
वही पंचायत लोधवां के पास 43लाख रुपये ,सुरड़वा के पास 38.75लाख रुपये, भोग्रवां पंचायत के पास 36.75 लाख रुपये
इंदपूर में 35.52लाख रुपये मलाहड़ी पचांयत में28.44लाख रुपये ,उलैहडियां में 24.33लाख रुपये भलाख में 22.99लाख रुपये मोहटली 18.29लाख रुपये राजा खासा 17.99लाख रुपये भपू में 15.87लाख रुपये ठाकूरद्वारा 20.19लाख रुपये सहित सभी पंचायतों में लाखों रुपए की राशि खर्च की जानी शेष है शेष है

————स्वीकृत राशि खर्च काम करने में इंदौरा की टॉप 5 पंचायत

पंचायत घोड़न स्वीकृत राशि 51.96लाख खर्च की गई राशि 50.56लाख खर्च प्रतिशत 97.31
पचायत गगवाल स्वीकृत राशि 1.05 करोड़ खर्च की गई राशि 93.29 लाख खर्चे प्रतिशत 92.76
माजरा पंचायत स्वीकृत राशि17.32 लाख खर्च की गई राशि 16 लाख खर्च प्रतिशत92.38
इंदौरा पंचायत स्वीकृत राशि 96.78लाख खर्च की गई राशि 89.35लाख खर्चे प्रतिशत92.38
बलीर पंचायत स्वीकृत राशि 24.75 लाख खर्च की गई राशि 22.84 लाख खर्च प्रतिशत 92.29

———–स्वीकृत राशि खर्च करने में सबसे पीछे 5 पंचायतें

पंचायत मंड मियानी स्वीकृत राशि 32.08लाख खर्च की गई राशि 9.04 लाख खर्च प्रतिशत 28.21
पंचायत सीरत स्वीकृत राशि 1.04 करोड़ खर्च की गई राशि 32.29 लाख खर्च प्रतिशत30.91
पंचायत पराल स्वीकृत राशि52.09 खर्च की गई राशि 20.11लाख खर्च प्रतिशत 38.62
पंचायत गंगथ सभी कृत राशि 88.48लाख खर्च की गई राशि-34.45लाख खर्च प्रतिशत38.94
पचांयत गदराणा स्वीकृत राशि 35.03लाख खर्च की गई राशि 15.17लाख खर्चे प्रतिशत43.32
( नोट: आंकड़े अक्टूबर 2019 तक के हैं)

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