हवन यज्ञ कर स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती का मनाया बलिदान दिवस
December 23rd, 2019 | Post by :- | 126 Views

नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  ।  नूह के आर्य समाज मंदिर में रविवार को स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती का बलिदान दिवस मनाया। इस अवसर पर आर्य समाज मंदिर में हवन यज्ञ किया गया। हवन यज्ञ के बाद मालब निवासी राजेश शर्मा और सूनील गर्ग ने देशभक्ति के भजनों के साथ स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती को श्रद्धांजलि दी। आर्य समाज के प्रधान  ज्ञानचंद आर्य ने स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती के जीवन पर प्रकाश डालते कहा कि उनका जन्म 22 फरवरी 1856 को पंजाब के तलवन नामक गांव में नानक चंद खत्री के यहां हुआ। जिनका नाम मुंशीराम रखा गया। नानक चंद पुलिस सेवा में बड़े अधिकारी थे। इसलिए मुंशीराम उच्च शिक्षा प्राप्त कर वकील बने, लेकिन कुसंगति के कारण मुंशीराम का ध्यान नास्तिकता की तरफ हो गया और स्वामी दयानंद के उपदेशों से परम श्रद्धावान हुए। संन्यास लेकर आपने पूरा जीवन समाज सेवा में समर्पित किया। वे कांग्रेस के अमृतसर अधिवेशन के स्वागत अध्यक्ष बने और दिल्ली की शाही जामा मस्जिद के मिम्बर से भाषण देने वाले अकेले गैर मुस्लिम व्यक्ति बने। उन्होंने अछुतोद्धार सभा का गठन किया। जिससे महात्मा गांधी से रिश्तों में कुछ खटास आई और उन्होंने कांग्रेस से त्यागपत्र देकर हिंदु महासभा ज्वाईन की। उन्होंने आजीवन अछुतोद्धार सभा और शुद्धि सभा द्वारा समाज सेवा का कार्य किया। दिल्ली में एक विशाल जुलुस का नेतृत्व करते हुए घंटाघर चांदनी चौक में अंग्रेजी संगीनों के सामने अपने कुर्ते के बटन खोल कर गोली चलाने की चुनौती दी। अंग्रेजी संगीने झुक गई और जुलुस आगे निकल गया। 23 दिसंबर 1926 को स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती को बीमारी की अवस्था में एक धर्मांध व्यक्ति अब्दुल रसीद ने शहीद कर दिया। आजादी के बाद स्वतंत्र भारत सरकार ने घंटाघर चांदनी चौक दिल्ली में एक प्रतिमा स्थापित की। वहीं इस कार्यक्रम में सुरेश आर्य, सुनील गर्ग, प्रकाश सैनी, सुरेश अग्रवाल, मास्टर शीशपाल, मास्टर जयभगवान, किशन चंद गर्ग, राजेश शर्मा, शेर सिंह चौहान सहित अन्य मौजूद रहे।

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