यहां नाम की नगर परिषद, जनता को स्वयं करने पड़ रहे विकास कार्य
December 22nd, 2019 | Post by :- | 84 Views

बद्दी नगर परिषद में विकास कार्य न हो पाने पर जनता चुने गए नुमाइंदो से बेहद खफा है। नगर परिषद बंद पड़ी नालियों को खुलवाने व निर्माण कार्य नहीं कर रहे हैं, वहीं नुमाइंदे भी सब देख अनजान बने हुए हैं। स्थानीय बाशिंदों का कहना है कि कई मर्तबा शिकायत करने के पश्चात भी विकास कार्य नहीं करवाए जा रहे हैं। नगर परिषद पर भाजपा के कब्जे को एक वर्ष के करीब होने को हैं, मगर विकास शुन्य के बराबर हुआ है। अगर बात करें वार्ड नंबर 7 में न तो लाईटें लगाई गई न ही नालियों की सफाई का कार्य करवाया गया। बन्द पड़ी नालियों की वजह से होने पर कीचड़ भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। वार्ड नंबर 7 के कुछ लोगों ने तो नगर परिषद के गैर जिम्मेदाराना रवैए से खफा हो अपने घरों व दुकानों के बाहर बंद पड़ी नालियों को स्वयं ही साफ करवाना शुरू कर दिया है। स्थानीय लोग पैसे एकत्रित कर नालियों के निर्माण कार्य में जुट गए हैं। वार्ड के स्थानीय लोगों जी पी सिंह, राजू सिंह, पम्मी धीमान, राजिंदर कुमार, सोनू कुमार, मोहित राणा, हैप्पी सिंह, निर्मल जसवाल, सर्वजीत सिंह, सोनी वर्मा आदि का कहना है कि नगर परिषद अधिकारियों तथा स्थानीय पार्षद को समस्या बारे शिकायत की गई।

वहीं सबसे बड़ी समस्या दुकानों के बाहर बंद पड़ी नालियों को साफ पर लिखित व मौखिक प्रार्थना की गई। लेकिन नगर परिषद ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। बंद पड़ी नालियों से निकल रहे गंदे पानी से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और साथ के दो स्कूल होने के वजह से खासकर बच्चों को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो नन्हें मुन्हे बच्चें इस गंदे पानी में फ़िसल कर गिर भी जाते है।

जिसके चलते स्थानीय निवासियों ने रास्ते को पैसा एकत्रित व स्वयं श्रमिक सेवा कर नालियों को साफ व नालियों के निर्माण का कार्य आरंभ कर दिया है। वहीं इसी वार्ड के राजिंदर कुमार, पंकज कौशल, मोहित राणा, राजू कुमार, एस शर्मा, ने भी अपने पैसे खर्च कर नालियों की सफाई व नालियो, रास्तों को पक्का करवाया है।

जिसके चलते स्थानीय निवासियों कहना है कि जब हमें अपने स्तर पर ही विकास कार्य करवाने हैं तो सरकार द्वारा नगर परिषद का गठन क्यों किया गया। इससे अच्छी तो ग्राम पंचायत थी, कम से कम विकास कार्यों को तो तरजीह दी जाती थी। नगर परिषद अधिकारियों तथा स्थानीय पार्षद को इस बारे कई बार शिकायत करने के पश्चात कोई कार्य नही हो सका।  स्थानीय निवासियों का कहना है कि शायद ही किसी ने पिछले चार सालों से यहाँ के पार्षद का चेहरा देखा हो। जितने के बाद पार्षद मदन लाल ने पिछले चार सालों में वार्ड में आने की जरूरत तक नही समझी।

उन्होंने सरकार से मांग की है कि नगर परिषद अधिकारियों तथा वहां विराजमान नुमाइंदो को विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए जाएं, या नगर परिषद को निरस्त कर पुनः ग्राम पंचायत का दर्जा प्रदान किया जाए।

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