बॉर्डर एरिया होने के कारण इलाके में नशा तस्करी ज्यादा : दीपांशु बंसल 
December 21st, 2019 | Post by :- | 133 Views
– पंजाब,हिमाचल व चंडीगढ़ से लगते ग्रामीण इलाकों के रास्तों पर नाकाबंदी जरूरी 
कहा – जिले में धड़ले से नशा कारोबारी बेच रहे है नशा,चिट्टा-समैक-कोकेन-निकोटिन आदि नशीले पदार्थ युवाओ का भविष्य कर रहे बर्बाद 
कालका (रोहित शर्मा) ।  एक तरफ जहां हरियाणा सरकार सूबे को नशा मुक्त करने का दावा करती है तो वही हिमाचल,पंजाब व चंडीगढ़ से सटीक जिला पंचकूला में धड़ले से नशा कारोबारी चिट्टा,कोकेन,स्मैक,निकोटिन व अन्य नशीले पदार्थ की बिक्री को रोकने में नाकाम है व युवा-छात्र प्रमुख रूप से नशा कारोबारियों का शिकार हो रहे है।उक्त आरोप कांग्रेस छात्र संगठन,एनएसयूआई में राष्ट्रीय संयोजक व शिवालिक विकास मंच के उपाध्यक्ष दीपांशु बंसल ने ब्यान जारी करते हुए लगाए है।दीपांशु बंसल के अनुसार बार्डर एरिया होने के कारण इलाके में नशा तस्करी काफी बढ़ गई है जिसके लिए उनका सुझाव है कि सरकार व प्रशासन बार्डर इलाको से सटीक ग्रामीण क्षेत्रो में नाकाबंदी करे जिससे इलाके में नशीले पदार्थो के आगमन को रोका जा सके।दीपांशु ने कहा सबसे ज्यादा नशा यदि कही बिकता है और युवाओ को नशो की लत लगती है तो वो विभिन्न हुक्का बार्स में निकोटिन हुक्के के सेवन या फिर वहां मौजूद अन्य नशे करके लगती है क्योंकि दुर्भाग्य से पुलिस व सम्बंधित विभाग इन हुक्का बार्स को बंद करने की सूरत में कोई कार्यवाही नही करते परन्तु यह आश्चर्य की बात है कि किन लोगो के संरक्षण में इन हुक्का बार्स को चलाया जा रहा है कि सरकार 8 महीने बाद भी इस संदर्भ में आरटीआई में जवाब न दे सकी,ज्ञापन देने के बावजूद कोई कार्यवाही नही की और लीगल नोटिस देने के बावजूद धड़ले से हुक्का बार चल रहे है जिनमे सरेआम नशो का सेवन किया जा रहा है जिसके लिए अब पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की शरण लेंगे और नशे को खत्म करने के लिए कार्य करेंगे।
इलाके में बिक रहा सरेआम नशा—-
दीपांशु ने कहा कि इलाके में नशा इस कदर आम हो गया है कि नशा कारोबारी अब नशे को कही छुप कर नही बल्कि सरेआम बेच रहे है,यही नही अब नशे का कारोबार इलाके के गांवो,शहरों और गलियों में जगह जगह पहुँचगया है जिसकी रोकथाम जरूरी है अन्यथा इलाके का भविष्य अंधकार में चला जाएगा।पहले तो नशा तस्करी गिने चुने इलाको में होती थी परन्तु अब नशा तस्करी सरेआम है।इसके साथ साथ अवैध दारू भी इलाके में बेची जा रही है।
दीपांशु बंसल ने कहा नशे की रोकथाम केवल पुलिस की ही जिम्मेवारी नही है,इसके लिए सभी को अपना दायित्व समझते हुए जिम्मेवारी लेनी चाहिए और नशा कारोबारियों को पकड़ना चाहिए।पहले पिंजोर-कालका में नशे का नामोनिशान नही था परन्तु पिछले कुछ वर्षों से नशा आम है।बंसल अनेको बार डीजीपी,डीसीपी व सम्बंधित अधिकारियों को नशा रोकथाम की मांग करते आ रहे है।

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