एनआरसी कैब को लेकर सड़कों पर उतरे लोग ,किया विरोध प्रदर्शन
December 21st, 2019 | Post by :- | 109 Views
नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  ।   मुस्लिम बाहुल्य जिला नूह में बुधवार को एनआरसी – कैब के विरोध में हुए प्रदर्शन में भारी भीड़ उमड़ी। गुरुग्राम – अलवर राष्ट्रीय राजमार्ग 248 ए पर नूह से गांधी ग्राम घासेड़ा तक करीब 7 किलोमीटर दूर तक पैदल मार्च निकाला। जहां तक नजर जा रही थी , बस इंसान ही इंसान नजर आ रहे थे। मुस्लिमों के अलावा दलितों , महिलाओं ने भी बढ़चढ़ कर प्रदर्शन में भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना पर नजर रखने के लिए हरियाणा पुलिस के जवान पूरी तरह मुस्तैद थे। प्रदर्शन पूरी तरह गांधीवादी तरीके से किया गया। नूह से घासेड़ा गांव तक शुरू हुए प्रदर्शन में लोग तीन घंटे तक डटे रहे। घासेड़ा गांव की ईदगाह परिसर में भीड़ को कांग्रेस नेताओं , पूर्व राज्यसभा सांसद अली अनवर के अलावा समाजसेवियों , जामिया के छात्रों इत्यादि ने संबोधित किया। गुरुवार को अब मेवात से लोग मेवात दिवस को गम के साथ मनाने के लिए जंतर – मंत्र दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
मेवात जिले के इतिहास में अब तक जितने भी प्रदर्शन सरकार – प्रशासन के खिलाफ किये गए हैं , उनमें से सफल प्रदर्शन ही नहीं बल्कि भीड़  से अव्वल प्रदर्शन भी हो सकता है। आयोजकों से लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को भी अंदेशा नहीं था कि इतनी बड़ी तादाद में लोग एनआरसी – कैब बिल के विरोध में इस तरह उमड़ हैं। भीड़ ने सबके अनुमान को कमतर करते हुए करीब 50 हजार लोगों की भीड़ ईदगाह , सड़क , मकानों , वाहनों की छतों पर नजर आ रही थी। करीब सात किलोमीटर दूरी लोगों ने नारेबाजी करते हुए तय की , लोगों का जोश देखते ही बन रहा था। प्रदर्शन में 80 फीसदी युवाओं की भागीदारी रही। कुल मिलाकर नूह में बुधवार को हुए प्रदर्शन में मेवातियों ने पूरी ताकत दिखाई और सरकार को संदेश दे दिया कि अगर उन्होंने इन बिलों को लागू किया तो आगे इससे भी बड़ा प्रदर्शन हो सकता है। पुलिस प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दमकल गाड़ी , पानी बौछार करने वाली वाटर कैनन से लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये थे , लेकिन सुरक्षाबलों की तैनाती की जो बात की गई थी , ऐसा प्रदर्शन के दौरान कुछ भी देखने को नहीं मिला। भीड़ जैसे पैदल घासेड़ा गांव पहुँची वैसे ही वापस नूह शहर तक लोग वाहनों की कमी की वजह से वापस पहुंचे। कुल मिलाकर एनआरसी तथा कैब बिल के खिलाफ देश भर में जितने भी बड़े प्रदर्शन हुए हैं , उनमें नूह जिले का विरोध प्रदर्शन भी कामयाबी के साथ शामिल हो गया।  प्रदर्शन में जामिया , जेनएयू , डीयू इत्यादि के छात्रों की भागीदारी भी रही। सभी ने उपरोक्त बिलों का एक सुर में विरोध करते हुए इन्हें वापस लेने की बात कही। पीएम नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह को भीड़ ने पानी पी – पीकर कोसा। विरोध प्रदर्शन की अगुवाई जिले के प्रमुख समाजसेवी संगठन मेवात विकास सभा द्वारा की गई। भाजपा का कोई भी मुस्लिम नेता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं हुआ। इस अवसर पर पूर्व राज्यसभा सांसद अली अनवर , विधायक आफ़ताब अहमद , महताब अहमद , मुफ़्ती जाहिद हुसैन , सलामुद्दीन नौटकी प्रधान मेवात विकास सभा , उमर मोहमद पाड़ला , अब्दुल्ला पाड़ला , मुमताज प्रवीण , दीन मोहमद मामलिका , उमरी प्रधान खेड़ला , आरिफ बघौला , आरिफ टाई , इरशाद चैयरमेन , जावेद खानपुरिया , इब्राहिम इंजीनियर बिसरू , जावेद अहमद एडवोकेट , ताहिर हुसैन एडवोकेट , पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान , शाहिद मेवाती , जाकिर हुसैन अल्वी , अशरफ सरपंच , वली मोहमद जिला पार्षद इत्यादि गणमान्य लोग मौजूद थे।
क्या थे सुरक्षा इंतजाम ;- नूह शहर से लेकर गांधी ग्राम घासेड़ा तक पुलिस का पुख्ता इंतजाम किया गया था। हरियाणा पुलिस के करीब 6 डीएसपी के नेतृत्व में करीब 2 हजार जवान तैनात थे। दमकल , वाटर कैनन , एम्बुलेंस तक का पुख्ता इंतजाम किया गया था। लघु सचिवालय मोड़ , पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस नूह , घासेड़ा , फिरोजपुर नमक में पुलिस बल भारी संख्या में लगाया गया था। इसके अलावा डयूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी , जो पल – पल  आला अधिकारियों को दे रहे थे। आला अधिकारी सूबे – केंद्र की सरकार को सारी जानकारी सांझा कर रहे थे। सुरक्षा बल के जवान दिखाई नहीं दिए।
पुलिस – प्रशासन के दवाब के बावजूद खूब जुटी भीड़ ;- पुलिस प्रशासन – जिला प्रशासन की कोशिश थी कि भीड़ सीएबी – एनआरसी विरोध प्रदर्शन में कम जुटे , साथ ही शांति पूर्व प्रदर्शन किया जाये। इसी के आधार पर कार्यक्रम स्थल की परमिशन सहित कुछ समाजसेवियों को पुलिस ने नोटिस तक थमा दिए , लेकिन लोगों का हौंसला अटूट रहा और उन्होंने वो कर दिखाया जो जिले के इतिहास में अब तक देखने को नहीं मिला था।
एसपी ने संभाला मोर्चा ;- प्रदर्शनकारी पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस  दस बजे से ही जुटना शुरू हो गए थे। एसपी संगीता कालिया ने प्रदर्शनकारियों के हौंसले पस्त करने के मकसद से खुद कमान संभाली और करीब साढ़े दस – ग्यारह बजे दलबल के साथ रेस्ट हाउस पहुंची। लोगों की संख्या कम देखते हुए उन्हें रेस्ट हाउस प्रांगण से बाहर कर दिया। उसके बाद प्रदर्शनकारी विधायक आफ़ताब अहमद के आवास के सामने उनकी खाली पड़ी जमीन में जुटने लगे तो कुछ युवा शहीद पार्क खेड़ला में एकजुट हुए। साढ़े ग्यारह बजे के करीब काफिला हाथों में बैनर , पोस्टर , स्लोगन लिखी पट्टी इत्यादि लेकर जोश के साथ पैदल घासेड़ा गांव की तरफ कूच करने लगे। भीड़ इतनी  दोनों और करीब 3 किलोमीटर लम्बी लाइन लग गई।
रुट तक बदलना पड़ा ;- नूह – घासेड़ा गांव तक हुए विरोध प्रदर्शन की वजह से वाहनों का पहिया थम गया। सड़क के दोनों और खचाखच भी थी। भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन के अधिकारियों  ट्रैफिक की आवाजाही को कुछ समय के लिए जिले के सबसे व्यस्तम मार्ग पर रोकना पड़ा। गनीमत रही की प्रदर्शन शांतिपूर्वक ढंग से निपट गया।
ईदगाह में जीतनी भीड़ अंदर , उतनी ही सड़क पर बाहर ;- एनआरसी – सीएबी बिल के विरोध करने लोग इस कद्र उमड़े की ईदगाह घासेड़ा का मैदान छोटा पड़ गया। घरों की छतों से लेकर गुरुग्राम -अलवर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी भीड़ इसी तरह दिखाई दी।
बाजारों – गांवों में गायब रही रौनक ;- नूह शहर से लेकर घासेड़ा इत्यादि गांवों में ज्यादा भीड़ प्रदर्शन में पहुंचने की वजह से भीड़भाड़ गायब दिखाई दी। अधिकतर दुकानें बंद दिखाई पड़ी तो वाहनों में भी लोग सफर करते कम दिखाई दिए।  शामिल हुए तो कुछ किसी अनहोनी के डर से बाहर नहीं निकले।
आज दिल्ली में मेवात दिवस को गम के साथ मनाया जायेगा ;- 19 दिसंबर 1947 को विभाजन  जब लोग पाकिस्तान जा रहे थे , तो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी  घासेड़ा गांव में अपने साथियों के साथ पहुंचकर लोगों से अपने वतन में रहने तथा उनको समान अधिकार देने का भरोसा दिलाया था ,  सरकार जिस तरह से लगातार मुस्लिम विरोधी बिल ला रही है। उससे मुस्लिम समाज आहत है। उसी दिन से 19 दिसंबर को मेवात दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है , लेकिन इस बार जामिया मिलिया , एमएमयू सहित देशभर में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर तानाशाह हकूमत ने लाठियां बरसाई हैं , उसकी वजह से इस बार गम के साथ दिल्ली में मेवात दिवस मनाने का फैसला लिया गया है।

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