धुंध और ठंड गेंहू – सरसों की फसल के लिए कितनी गुणकारी , खास खबर
December 21st, 2019 | Post by :- | 154 Views

नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  । नूह जिले में आजकल कोहरे की चादर एवं जानलेवा ठंड इंसान से लेकर मवेशियों – पक्षियों की मुसीबत बढ़ा रही हो , लेकिन गेंहू – सरसों के लिए यह मौसम बेहद शुभ संकेत है। उत्पादन से लेकर क्वालिटी में सुधार इस सीजन की वजह से होने से इंकार नहीं किया जा सकता। इसी सीजन को लेकर हमने बात की कृषि विभाग के उपनिदेशक चांदराम सिंगरोहा से , उन्होंने किसान को ठंड से नहीं घबराने कही। पत्रकारों से बातचीत ने उप निदेशक चांदराम ने कहा कि नूह जिले में अधिकतर लोग कृषि पर आधारित हैं। जिलेभर में 77100 हैक्टेयर भूमि में गेंहू की फसल बिजाई है। ठंड में बिजाई के करीब 21 दिन बाद गेंहू की फसल को सिंचाई करना बेहद जरुरी है। सिंचाई में देरी हुई तो फसल को नुकसान ठंड से हो सकता है या अन्य समस्याएं उत्पादन बेहतर होने को लेकर किसान के सामने आ सकती हैं , बात अगर सरसों की करें तो सरसों की बिजाई 24 हजार  हैक्टेयर भूमि में पीला सोना खड़ा है। ठंड में सरसों को सिंचाई करके बचाया जा सकता है। कड़ाके की ठंड सिर्फ उन किसानों की चिंता बढ़ा सकती है , जिनके पास सिंचाई के साधन नहीं हैं , लेकिन कई दिन पहले ओलावृष्टि के साथ हुई बरसात से पूरे इलाके के लोगों के लिए अच्छी खबर आई। गेंहू की फसल को किसी भी तरह का कोई नुकसान अभी तक इलाके में देखने को नहीं मिल रहा है। पारा भले ही 8 – 9 डिग्री से रात के समय और भी नीचे लुढ़क रहा हो , लेकिन किसान की फसल को इस सीजन का नुकसान कम बल्कि मुनाफा अधिक है। कृषि विभाग नूह इस मौसम को फसलों के अनुकूल मानकर चल रहा है।

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