गांव के हिंदू समाज के लोगों ने मिलकर कराया मुस्लिम बेटी का निकाह
December 19th, 2019 | Post by :- | 68 Views

लोकहित एक्सप्रेस

पलवल/ प्रवीण आहूजा

! हिंदू मुस्लिम परिवार ने दी एकता की मिसाल !

हिंदू मुस्लिम की एकता को देखते हुए हिंदू समाज के सभी लोगों ने मिलकर मुस्लिम बेटी का निकाह करवाया हालांकि ऐसे मामले कम मिलते हैं लेकिन स्थानीय हिंदुओं ने अपने और मुसलमान परिवारों के बीच आपसी प्रेम को बढ़ाने के लिए एकता का परिचय देते हुए निकाह करवाया गांव सोंधहद में मुस्लिम परिवार की बेटी का निकाह हिंदू मुस्लिम भाईचारे की एकता का मिसाल बनी सबसे अच्छी बात यह रही कि निकाह के दौरान गांव के हिंदू समाज पूरी तरह से इस कार्यक्रम में शामिल हुआ। और सब ने मिलकर इस निकाह को सफल बनाने के लिए अपना अपना योगदान भी दिया हैरानी की बात तो यह रही कि जहां हिंदू मुस्लिम की आपसी भेदभाव के चलते हुए उसको मद्देनजर ना रखते हुए स्थानीय लोगों ने निकाह के लिए जब कन्यादान का अवसर आया तो लाखों रुपए की धनराशि भी एकत्रित हो गई  निकाह में गांव के लोगों ने मुस्लिम समाज के रीति रिवाज के अंसारी कन्यादान की रस्म को अदा भी किया गया।

निकाह के बाद दुल्हन के रूप में बेटी जानिस्था जब ससुराल के लिए रुखसत हुई तो सबकी आंखें भी नम हो गए निकाह को देखने के लिए गांव ही नहीं बल्कि आसपास के गांव के सैकड़ों महिलाएं और पुरुषों का हुजूम उमड़ पड़ा। पुनहाना खंड के गांव पिछोर निवासी मोहम्मद रमजान ने अपनी बेटी जानिस्था का निकाह मथुरा जिले के गांव जंघाबली निवासी उस्मान के बेटे आलम के साथ तय कर दिया था उसके आर्थिक स्थिति कमजोर देखते हुए  गांव के निवासी हिंदू परिवार के कुछ लोगों ने मिलकर रमजान को विश्वास दिलाया था कि निकाह की तैयारियां शुरू करो और बेटी का निकाह हमारे गांव में होगा निकाह की तारीख और समय भी निश्चित होने के बाद गांव में स्थित नवल किशोर वाटिका में रमजान का परिवार अपनी बेटी परिवार व रिश्तेदारों के साथ पहुंचा जिसके बाद 52 सालों के अध्यक्ष अरुण जेलदार के साथ गोविंद, राजवीर, तूही राम ,पंडित ओमप्रकाश ,धर्मवीर, परमी, चिरंजी, सतबीर व पूर्व पंच बिरजू बेटी के निकाह के कार्य में शामिल हो गए। गांव हिंदू समाज के लोगों ने आपस में लाखों रुपए की रकम एकत्रित कर बड़ी धूमधाम के साथ निकाह करवाया गया गांव बिछोर स्थित मस्जिद के मौलवी शाहजहां ने निकाह करवाया जिसके बाद गांव की तरफ से नव विवाहित जोड़े को कन्यादान के रूप में घरेलू सामान देकर बेटी को विदा भी किया गया ।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।