कोण्डागांव पुलिस ने 70 बंधक मजदूरों को छुड़ाया, 6 बंदी, भोले भाले बालक-बालिकाओं, महिलाओं को कुछ लोग ज्यादा रुपए में काम दिलाने का लालच देकर अन्य राज्यों आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा में बंधुआ मजदूर की तरह काम करवा रहे हैं
December 18th, 2019 | Post by :- | 139 Views

 संवेदना योजना अंतर्गत कोंडागांव पुलिस ने मानव तस्करी के मामले में 70 बंधवा मजदूरों को आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा व अन्य जगहों से छुड़ाकर उनकी घर वापसी की है। साथ ही 20 दोषियों में से 6  को गिरफ्तार भी किया है।

पुलिस के अनुसार इस पूरे ट्रैफिकिंग में कोण्डागांव जिला ही नहीं नारायणपुर, जगदलपुर, कांकेर, सूरजपुर, रायगढ़ आदि के 300 से अधिक मजदूर फंसे हुए हैं। इन 300 बंधवा मजदूरों में अधिकांश नाबालिग शामिल हैं, जिनकी रिहाई के लिए पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

कोंडागांव एसपी सुजीत कुमार ने बताया कि पुलिस महानिदेशक ने महिलाओं और बालकों के विरूद्ध घटित हो रहे अपराध के प्रति चिन्ता व्यक्त करते हुए त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिए है। महिला संबंधी अपराधों में कमी लाने और उनकी रक्षा सुनिश्चित करने महिलाओं के लिए संवेदना योजना चलाई जा रही है। कोण्डागांव जिला के भोले भाले बालक-बालिकाओं, महिलाओं को कुछ लोग ज्यादा रुपए में काम दिलाने का लालच देकर अन्य राज्यों आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा में बंधुआ मजदूर की तरह काम करवा रहे हैं, ऐसी सूचना लगातार मिल रही थी। इसे गंभीरता से लेते हुए कोण्डागांव पुलिस ने विशेष टीम बनाकर मानव तस्करी पर नकेल कसने के उद्देश्य से संदेहियों पर कुछ समय से पैनी नजर रखी जा रही थी।

साल भर से पुलिस कर रही थी तलाश

एसपी ने आगे बताया कि सिटी कोतवाली में सितंबर-अक्टूबर 2018  में शिकायत मिली थी कि जयराम सलाम, उमेश कुमार मंडावी, जैतराम नेताम व अन्य क्षेत्र के बालक-बालिकाओं को बहला फुसला कर अधिक मजदूरी दिलाने का लालच देकर चेन्नई ले गए हैं, जहां उन्हें बंधक बनाकर काम लिया जा रहा था। यहां तक कि बीमार रहने पर भी मजदूरी कराई जाती थी। ये लोग दुबारा क्षेत्र के बालक-बालिकाओं को धमकी देकर मजदूरी कराने अपने साथ ले गए हैं। जानकारी मिलते ही पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया।

इसी प्रकार माकड़ी थाना में भी शिकायत मिली थी कि, अधिक मजदूरी का लालच व झांसा देकर बंधक बनाकर मजदूरी करवाया जा रहा है। इतना ही नहीं मजदूरी के बाद रुपए भी नही दिया जा रहा। इस पर माकड़ी पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर सभी पांच बंधकों को मुक्त कराया।

जिला कोतवाली समेत माकड़ी,फरसगांव से भी हुआ था दर्ज मामला

सिटी कोतवाली कोंडागांव माकड़ी के अलावा फरसगांव के पास भी ऐसा ही मामला पंजीबद्ध हुआ था। इसके चलते फरसगांव पुलिस ने बादसाय नेताम और रामसाय नेताम को गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों को 15 लोगों जिनमें अधिकांश नाबालिग हैं, को अधिक मजदूरी का झांसा देकर बंधक के रूप में कार्य कराने के उद्देश्य से हैदराबाद ले जाते गिरफ्तार किया गया था।

निजी संस्था और जिला बाल संरक्षण की मदद से पुलिस ने किया रेस्क्यू

कोंडागांव पुलिस को गुम बालक-बालिका की तलाश के दौरान सीसीआरएस प्रोजेक्ट सेलम तमिलनाडु के काउंसलर वेद भट्टाचार्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ के बालक बालिकाओं के सेलम में होने की सूचना मिली। उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बालक-बालिकाओं को  सुरक्षित घर लाने के उद्देश्य से जिला पुलिस कोण्डागांव, जिला बाल संरक्षण इकाई कोण्डागांव की संयुक्त रेस्क्यू टीम तैयार कर बंधकों को छुड़वाने के लिए सेलम टीम रवाना किया। छुड़वाए गए दल में सिटी कोतवाली कोण्डागांव, माकड़ी, फरसगांव, मर्दापाल, नारायणपुर, जगदलपुर, कांकेर, जशपुर, रायगढ़ और सूरजपुर के 42 बालिकाओं व 28 बालक को रेस्क्यू कर वापस लाया गया। छुड़ाए गए बंधवा मजदूरों में अधिकांश नाबालिग है। इसके अलावा तमिलनाडू, गोवा, आंध्रप्रदेश, दिल्ली आदि राज्यों के विभिन्न कारखानों व स्थानों पर छत्तीसगढ़ के करीबन 300 बालक-बालिकाओं को बंधक बनाकर काम कराने की भी सूचना मिली है। ऐसे में बचाव दल रवाना किया गया है।

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