नूह शहर में रैन बसेरा के सुविधाओं से पुख्ता इंतजाम
December 17th, 2019 | Post by :- | 119 Views
नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  ।  करीब 14 साल पहले सूबे के 20 वें जिले के रूप में वजूद में आये जिला मुख्यालय नूह शहर में कड़ाके की ठंड से गरीबों , राहगीरों , बेसहाराओं को रात्रि के समय विश्राम के लिए दो रैन बसेरा बनाये गए हैं। जिले की आबादी तो करीब 24 लाख है , लेकिन कोई बड़ा शहर , रेल लाइन इस जिले से नहीं गुजरती है। बस अड्डा परिसर तो बड़ा और सभी सुविधाओं से लैस है , लेकिन शाम ढलने के बाद इस जिले में बसों का पहिया लगभग थम जाता है। बाहर  का आवागमन इस जिले में शाम ढलने के बाद न के बराबर हो पाता है।
नूह शहर के बस अड्डा परिसर में शुलभ शौचालय  मंजिल पर सभी सुविधाओं से लैस रैन बसेरा तो बनाया हुआ है , लेकिन रुकने वाले कम ही लोग यहां आते हैं। बीते साल कुल 10 – 12 लोगों ने ही यहां कड़ाके की ठंड और दूसरे जिलों के लिए साधन नहीं मिलने के कारण रात्रि विश्राम के लिए ठहरे। इसके अलावा ओल्ड डीसी कार्यालय स्थित जिला रेड क्रॉस कार्यालय परिसर में दूसरा रैन बसेरा बनाया हुआ है। दोनों ही रैन बसेरा में बेड , चादर , कंबल , शौचालय इत्यादि का इंतजाम है , तो महिलाओं – पुरुषों के लिए अलग – अलग व्यवस्था की गई है। बस अड्डा परिसर में रैन बसेरा  किसी प्रकार का कोई बोर्ड इत्यादि अभी तक नहीं लगाया है तो शहर में मुख्य स्थानों से लेकर रैन बसेरा के बाहर बोर्ड लगाने की तैयारी की बात कही जा रही है। सिटी मजिस्ट्रेट गजेंद्र सिंह ने रेड क्रॉस नूह के कर्मचारियों के साथ इन रैन बसेरा का दो दिन पहले दौरा कर बोर्ड इत्यादि लगाने के दिशा – निर्देश देने की बात सामने आई। जिला रेड क्रॉस समिति नूह के कर्मचारियों की मानें तो सुबह 8 बजे से शाम को आठ बजे तक के लिए रैन बसेरा में मुसाफिर , गरीब इंसान रात गुजार सकता है। जिला प्रशिक्षण अधिकारी हरेंद्र सिंह कुंडू जिला रेड क्रॉस कार्यालय नूह ने पत्रकारों को बताया कि जरूरतमंदों , गरीबों , मुसाफिरों की तलाश सरकारी गाड़ी से रेड क्रॉस कर्मचारी करते हैं और ऐसे जरूरतमंदों को रैन बसेरा में पहुंचाया जाता है। कुंडू ने बताया कि रेड क्रॉस भवन वाले रैन बसेरा में 10 – 12 लोगों का रुकने का इंतजाम है तो बस अड्डा वाले रैन बसेरा में करीब 20 लोग रात्रि विश्राम कर सकते हैं। इस सीजन में अभी रेड क्रॉस भवन वाले रैन बसेरा का तो खाता भी नहीं खुला है , लेकिन बस अड्डा परिसर वाले रैन बसेरा में कुछ लोग इस सीजन में रात्रि विश्राम कर चुके हैं।
क्या है खास ;- नूह जिले में निजी होटल , रिसोर्ट , धर्मशाला जैसे रुकने या रात्रि विश्राम करने  इंतजाम नहीं हैं। व्यापार , उद्योग इत्यादि के एतबार से भी इस जिला का कोई खास महत्व नहीं है। कोई मजदूर तबके का व्यक्ति ही यहां मज़बूरी में साधन नहीं मिलने के कारण रात्रि विश्राम करता है। अधिकतर लोग शाम ढलते ही पक्षियों की तरह अपने – अपने घरों की तरफ रुख कर लेते हैं। बावजूद इसके नूह में सभी सुविधाओं से लैस रैन बसेरा जिला प्रशासन की तरफ से बनाये गए हैं।

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