बालिका शिक्षा को बढावा देने से मिटेगी समाज की बुराईयां:- मित्तल।
December 13th, 2019 | Post by :- | 155 Views

नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  ।महिला एवं बाल विकास विभाग एवं मानव अधिकार आयोग हरियाणा की ओर से बाल विवाह रोकथाम व बालिका शिक्षा को बढावा देने के उद्देश्य को लेकर शुक्रवार को राजकीय कन्या महाविद्यालय सालाहेड़ी में एक सेमिनार का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में माननीय न्यायधीश (सेवानिवृत) एवं चेयरमैन मानवाधिकार आयोग हरियाणा सतीश कुमार मित्तल ने दीप प्रज्जवलीत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बतौर मुख्यातिथि समारोह को संबोधित करते श्री मित्तल ने कहा कि बालिकाओ को शिक्षा के क्षेत्र में आगे ला कर ही हम समाज से बुराईयों को मिटा सकते है, इसके लिए समाज के प्रत्येक नागरिक का सहयोग जरुरी है। मित्तल ने कहा कि बाल विवाह करना एक कानूनी अपराध है और इस अपराध में जो लोग शमिल होते है अथवा बाल विवाह में साथ देते है उनको को दोषी करार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि अगर कही बाल विवाह हो रहा है तो उसकी सूचना तुंरत दे जिससे की बाल विवाह को रोका जा सकें। उन्होंने कहा कि बाल विवाह के दोषी पर एक लाख रुपए का जुर्माना व दो साल की सजा का भी प्रवाधान है। उन्होंने कहा कि सरकार बालिका शिक्षा को बढावा देने तथा लड़कियों के मान-सम्मान को बढाने के लिए महिला एवं बाल विकास के माध्यम से अनेको कल्याणकारी योजनाए चलाई हुई है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार की कन्या की शादी में कन्या दान के रुप में प्रदेश सरकार द्वारा 51 हजार रुपए देने का प्रावधान किया हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कन्याओं के लिए अनेको जनकल्याण योजना चलाई हुई तथा शिक्षा को बढावा देने के लिए गांव-गांव में स्कूल तथा 20 किलोमीटर के क्षेत्र में कन्या महाविद्यालय खोले गए है। श्री मित्तल ने कहा कि शिक्षा के लिए भी प्रदेश सरकार ने बालिका शिक्षा वाहिनी की शुरुआत की हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लड़कियो की शिक्षा के लिए सभी सरकारी स्कूल में फ्री शिक्षा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि लड़कियों की शिक्षा को लेकर प्रदेश सरकार भी काफी गंभीर कदम उठा रही है। श्री मित्तल ने कहा कि प्रदेश में लिंग अनुपात में काफी सुधार आया है, जिससे लडकियों की संख्या में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से लोगों को निश्चित तौर पर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज के इस कार्यक्रम से हम सभी यह प्रण ले कि हम अपने क्षेत्र में बाल विवाह नही होने देगें और अपनी बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे लाकर कामयाब बनाएगें। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश के तीन जिलों नामत: नूह, सिरसा तथा फतेहाबाद को प्राथमिकता के आधार पर चुना गया है। क्योकि इन जिलो से बाल विवाह की शिकायते दूसरे जिलों की बजाय ज्यादा मिल रही है,तथा बालिका शिक्षा के मामले में भी ये जिले अन्य जिलों से पिछे चल रहें है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सबसे पहले नूह जिले में आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों में बालिका शिक्षा को बढावा देना है क्योकि जिस समाज में शिक्षा का प्रचार-प्रसार अधिक होता है तो उस समाज से समाजिक बुराईयां अपने आप कम होने लगती है। उन्होंने कहा कि जब बेटियां शिक्षित  होगी तो समाज से बाल विवाह का कलंक अपने आप हटने लगेगा। इस कार्यक्रम में विधायक आफताब अहमद व पुन्हाना के विधायक मौ. ईलयास ने भी लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि नूह जिले से इस बुराई को मिटाने के लिए सभी का सहयोग जरुरी है और इस बुराई को मिटाने मे शिक्षा का अहम योगदान रहेगा। इसलिए अपनी बेटियों को अच्छी शिक्षा अवश्य दिलाए। उन्होंने कहा कि जिले में आज महिला शिक्षा के क्षेत्र में पहले से सुधार हुआ है। लेकिन अभी महिला शिक्षा को ओर तेजी से आगे बढाना होगा। उन्होने कहा कि जन प्रतिनिधियों के नाते हमारा यह दायित्व  है कि हम समाज के प्रत्येक नागरिक को इस बारे जागरुक करें। अतिरिक्त उपायुक्त विवेक पदम सिंह कार्यक्रम ने मुख्यतिथि सहित अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि मेवात जैसे पिछडे जिले में इस प्रकार के जागरुकता कार्यक्रम से निश्चत तौर पर भी इस क्षेत्र के लोगों में जागरुकता आएगी और लोग अपनी बेटियो को पढा लिखा कर आगे लाएगे ताकि वे समाज में बढ-चल रही बुराईयों से स्वयं लड सके। इस मौके पर चेयरमैन मानव अधिकार आयोग की धर्मपत्नी मन्जु मित्तल, मानव अधिकार आयोग के सचिव चन्द्रशेखर,निदेशक महिला एवं बाल विकास गीता भारती, कुलदीप सिंह, एसडीएम पुन्हाना वैशली शर्मा, एसडीएम नूह प्रदीप अहलावत, एसडीएम फिरोजपुर-झिरका रीगंन कुमार, नगराधीश गजेन्द्र सिंह, डीएसपी अनिल कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी सुरजभान, महिला एवं बाल विभाग से ईशा, अनुपमा सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहें।

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