मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के छात्रों का भविष्य अधर में, एमसीआई से नहीं मिली मान्यता
December 13th, 2019 | Post by :- | 89 Views
नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  । मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के छात्रों का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। यहां साढ़े पांच वर्ष पूर्व जिन छात्रों ने एमबीबीएस में दाखिला लिया था उनका बैच 31 दिसंबर 2019 को पूरा तो हो रहा है, लेकिन उन्हें न तो आगे नौकरी मिलती दिखाई दे रही है और न ही वे आगे की पढ़ाई कर पाएंगे। इसके पीछे मुख्य कारण मेडिकल कॉलेज को मेडिकल काऊंसिल ऑफ इंडिया द्वारा मान्यता न मिलना है।
बता दें, कि शहीद हसन खां मेवाती राजकीय चिकित्सा एवं महाविद्यालय नलहड़ में एमबीबीएस के छात्रों का (पहला बैच) वर्ष 2013 में दाखिला हुआ था और यह बैच 31 दिसंबर 2018 को पूरा हो गया। मेडिकल काऊंसिल ऑफ इंडिया ने मेडिकल कॉलेज में स्टाफ व संसाधनों की कमी के चलते सिर्फ एक वर्ष के लिए ही मान्यता दी थी, जिसमें पहले बैच के छात्र तो अपनी पढ़ाई पूरी कर निकल गए, लेकिन मेडिकल कॉलेज द्वारा शर्तें पूरी नहीं करने पर एमसीआई ने उन्हें आगे मान्यता नहीं दी। इसके बाद 2014 बैच में 100 बच्चों ने एमबीबीएस में दाखिला लिया। वे लगातार पढ़ाई करते रहे और अब उनका बैच पूरा होने वाला है, लेकिन मान्यता न होने के कारण उन्हें अपना भविष्य अधर में लटका हुआ दिखाई दे रहा है।
जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज को मेडिकल काऊंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) से मान्यता लेनी होती है। जिसके लिए पर्याप्त संसाधनों के साथ-साथ नियमों के मुताबिक पर्याप्त स्टाफ भी चाहिए, लेकिन मेडिकल कॉलेज में शुरू से ही स्टाफ की भारी कमी रही है। यहां नियमित निदेशक नहीं, नियमित एमएस नहीं और मेडिसन, सर्जरी, ऑर्थो, रेडियोलॉजी, ईएनटी समेत सभी विभागों में एसआर, जेआर की भारी कमी है। जिसके कारण एमसीआई ने मेडिकल कॉलेज नलहड़ को मान्यता नहीं दी। यहां 2014 बैच के जो छात्र एमबीबीएस कर रहे है, उन्हें डिग्री तो मिल जाएगी, लेकिन मेडिकल कॉलेज को एमसीआई से मान्यता न होने के कारण छात्रों को मिलने वाली डिग्री किसी काम की नहीं होगी। क्योंकि उस डिग्री से न तो उन्हें कहीं नौकरी मिलेगी, न वे आगे एमडी की पढ़ाई कर सकेंगे और न ही अपने नाम के आगे डाक्टर लिख सकेंगे। इसके अलावा अगर 31 दिसंबर से पहले कॉलेज को मान्यता नहीं मिलती है तो जनवरी माह में नौकरी के लिए होने वाले इंटरव्यू भी वे नहीं दे पाएंगे। वहीं इस मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज नलहड़ के छात्र गुलेश, अमित, हर्षदीप, रजत, आकाश ने कहा कि 29 नवंबर को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से इस बारे में मुलाकात की और मंत्री ने यह कहकर भेज दिया कि वे सिर्फ पढ़ाई करें, यह काम सरकार का है और सरकार इस पर काम करेगी, लेकिन अभी तक भी इस मामले पर कोई कार्यवाही न होने से छात्रों का भविष्य अधर में लटका दिखाई दे रहा है।
डा. यामिनी निदेशक मेडिकल कॉलेज नलहड़ने बताया कि यह सही है कि मेडिकल कॉलेज को एमसीआई से मान्यता नहीं मिली है। हमने कॉलेज प्रशासन की स्थिति के बारे में एमसीआई को अवगत कराया है। अब एमसीआई और सरकार द्वारा ही इस मामले पर संज्ञान लिया जाएगा।

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