सरेआम हो रहा नियम विरुद्ध अवैध मिट्टी खनन औऱ परिवहन करके व्यवसायिक इस्तेमाल।।
December 10th, 2019 | Post by :- | 196 Views

लोकहित एक्सप्रैस(सतनाम मांगट)।सरेआम जारी है नियमों के विरुद्ध  मिट्टी खनन।।आख़िर कहां हैं वो नियमों का पालन करने व करवाने वाले  56 इंच के सीने वाले चौकीदार क्या चौकिदार चोर हो गये हैं!!?।देश तब तक महान नहीं बन सकता जब तक बेईमानी का एनकोउन्टर नहीं कर दिया जाता।।भारत की महानता को बेईमानी का ग्रहण लग गया है।क्योंकि देश में आज क़ानून का पालन करवाने वाले ही क़ानून तोड़ने वाले लोंगो के सहयोगी के रूप में दिखाई दे जाते हैं।।आजकल पुलिस प्रशासन व उपखंड अधिकारी उन  अवैध गतिविधियों के संचालन कर्ता लोगों की अनदेखी कर रहे हैं और सक्षम होते हुए भी किसी तरह की कार्रवाई नही करते हैं तो  आमजन को यह संदेह होने लगता है कि यहाँ कानून का राज नहीं है सिर्फ़ माफिया राज हैं क्योंकि कानून का पालन करवाने वाले तो बिल्कुल कार्रवई करने को तैयार नहीं होते और ऐसा मामला उजागर करने वाले को को ही उल्टा डाँटने की कोशिश करते हैं।तो फिर यहां यह सवाल लाज़मी हो जाता है कि आखिर क्या कारण है कि क़ानून तोड़ने वाले लोगों पर कोई सख्ती नहीं कि जाती? और लगातार नियम टूटते रहते हैं और स्थानीय प्रशासन, पुलिस और उपखंड अधिकारी सिर्फ़ ऐसे मामलों की अनदेखी करते रहते हैं।ऐसा ही एक ताजा मामला श्रीविजयनगर में सामने आया जहाँ पुलिस प्रशासन व उपखंड प्रशासन की नाक में निचे मिट्टी खनन, और अवैध तौर पर मिट्टी परिवहन के साथ ही साथ व्यवसाइक उपयोग लगातार जारी है। श्रीविजयनगर उपखंड क्षेत्र में बिलोचिया रोड हो या चक 34 जीबी 35 जीबी और 33 जीबी या फिर 29 जीबी हो या 32 जीबी से 28 जीबी का क्षेत्र कोई भी क्षेत्र अवैध खनन, मिट्टी माफिया के कारनामों से बचा नहीं है। श्रीविजयनगर को जोड़ने वाली हर मुख्य सड़क पर खेती किसानी करते ट्रेक्टर कम दिखाई देते हैं और अवैध खनन की गई मिट्टी नियम विरुद्ध परिवहन करते, यातायात नियमों का उल्लंघन करते डम्पर, ट्रेक्टर ट्रालियों को सुबह से लेकर देर रात को भी सड़कों पर फ़र्राटे भरते देखा जा सकता बे रोक टोक, वैसे परिवहन विभाग भी बहुत दावे करता है कि श्रीविजयनगर में परिवहन विभाग के द्वारा नियमों के पालन के लिए अभियान चलाया गया लेकिन सिर्फ कागज़ी होगा वह अभियान, क्योंकि देखने में यह भी आया कि सड़क पर पुलिस की नाकेबंदी होते हुए भी ओवरलोडिंग मिट्टी लदे डंम्पर, ट्रेक्टर ट्रालियों से मिट्टी का परिवहन जारी था पुलिस ने उन्हें टोका तक नहीं,।फिर बात आती हैं वायु प्रदूषण, मिट्टी अपरदन, मृदा विनाश ओर व्यवस्थायिक उपयोग करते हुए अवैध गतिविधियों की।धरती की कोख चीरते हुए सरेआम दिन रात जे सी बी मशीनों का कोलाहल ध्वनि प्रदूषण करते हुए लोगों को बीमारी की चपेट में ले सकता है लेकिन फिर भी बदस्तूर बे रोक टोक रात दिन जे सी बी मशीन अवैध मिट्टी खनन करते दिखाई देती है। वहीं क्षेत्र में यह मिट्टी परिवहन करते हुए परिवहन नियमो की भी सरेआम धज्जियां उड़ाई जाती है फीर चाहे पुलिस मौके पर मौजूद हो और नाकाबंदी कर के बिलोचिया मोड़ पर दो पहिया वाहनों के चालकों से यातायात नियमों का पालन करवा  रही हो लेकिन ओवरलोड मिट्टी लदे हादसों का सबब डम्पर, मिट्टी लदी ट्रेक्टर ट्रालियों को बे रोक टोक जाने दिया जाता है तो इस दरियादिली से सवाल उठ खड़ा हो जाता है कि ये रहमों कर्म किस कीमत पर हो गया है।।चलो कोई बात नहीं पुलिस को बहुत काम है व्यस्त हो गई है तो बेचारे उपखंड अधिकारी भी श्रीविजयनगर उपखंड क्षेत्र के धनी होते हैं फिर ऊनको भी सड़कों पर बिखरी मिट्टी उड़ते धूल के गुब्बार ओवरलोड मिट्टी लदे डंम्पर, जेसीबी मशीन का कोलाहल, कोई अहमियत नहीं रखता ,फिर चाहे कोई राजस्थान में मान्यता प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों/ या संचार माध्यम  व्हाट्सप पर उपखंड अधिकारी प्रियंका तलानिया को पूरी डिटेल उपलब्द करवा दी गई हो तो भी महोदय जी कार्रवाई के लिए तैयार नहीं  हैं!! ऐसी दरियादिली पर सवाल तो लाज़मी है साहब, हम महान भारत,आज़ाद भारत के आजाद नागरिक हैं और दुनिया बड़े लोकतांत्रिक देश के लोकतंत्र में चौथे स्तम्भ हैं हो सकता है कार्यपालिका सुस्त हो व्यवस्थापिका विलासिन हो लेकिन न्याय पालिका तो जिंदा है और प्रेस जो की लोकतांत्रिक व्यवस्था का चौथा स्तंभ हैं वो तो जरूर सवाल करेगा क्योंकि यह सवाल लाज़मी हैं जिसके कर्तव्यों में क़ानून का पालन करवाने का जिम्मा है वो विलासिता में क्यों-?नियमों की धज्जियां उड़ाई जाते देख मौन क्यों हैं-? अवैध खनन, नियम विरुद्ध मिट्टी परिवहन पर दयालु क्यों हैं पुलिस और स्थानीय प्रशासन ??आखिर किसकी लापरवाही के कारण या किसकी शह पर जारी है मिट्टी का अवैध खनन, कौन है जिम्मेदार?जिम्मेदार उच्च अधिकारियों को पता होते हुए भी अवैध मिट्टी परिवहन लगातार जारी,है तो क्यों?कहीं मोटे कमीशन के लालची रसूखदार तो अधिकारियों की मिलीभगत से नहीं करवा रँहे अवैध खनन-?आखिर कब होंगी इन पर केावाही।

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