गीता जीवन का सार है और जीवन को किस भांति जिया जाए इसका संपूर्ण ज्ञान हमें पवित्र ग्रन्थ गीता से मिलता है : मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल
December 6th, 2019 | Post by :- | 277 Views

चंडीगढ़, ( महिन्द्र पाल सिंहमार )    ।  हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल ने कहा कि गीता जीवन का सार है और जीवन को किस भांति जिया जाए इसका संपूर्ण ज्ञान हमें पवित्र ग्रन्थ गीता से मिलता है। इसलिए भावी पीढ़ी को संस्कार व संस्कृति से जोडऩे के लिए सरकार द्वारा जिला स्तर पर गीता महोत्सव आयोजित करवाए जा रहे हैं और गीता के संदेश को घर-घर तक पहुंचाया जा रहा है।

श्री जय प्रकाश दलाल आज रोहतक में श्री राम रंगशाला में आयोजित जिला स्तरीय गीता महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि प्रदर्शनी का उद्घाटन व अवलोकन करने के उपरांत उपस्थित जनों को अपना संबोधन दे रहे थे। इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री मनीष कुमार ग्रोवर विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित थे। उन्होंने इस मौके पर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए हवन यज्ञ में आहुति डाली। इस महोत्सव के दौरान तीन दिवसीय प्रदर्शनी के माध्यम से गीता के अमर संदेश के साथ-साथ जिलावासियों को केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा क्रियान्वित की जा रही कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है।

श्री जय प्रकाश दलाल ने इस पावन अवसर पर जिला के साथ समस्त प्रदेश वासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी प्राचीन संस्कृति बहुत गौरवशाली रही है। धर्म क्षेत्र कुरूक्षेत्र में जिस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने मोहग्रस्त अर्जुन को नि:स्वार्थ कर्म योग, समता व सामाजिक न्याय से परिपूर्ण गीता का अमर संदेश दिया था, जिसका अनुसरण आज सुख व शांति की खोज में समूचा विश्व कर रहा है, यह हरियाणा प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि गीता के 18 अध्यायों व श्लोकों के माध्यम से जीवन का सार मानवता के सामने प्रस्तुत किया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा गीता के प्रचार-प्रसार तथा गीता के संदेश को घर-घर पहुंचाने के लिए हर वर्ष कुरूक्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन हो रहा है और जिला स्तर पर भी गीता महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम सौभाग्यशाली है कि कुरूक्षेत्र की पावन धरा भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति की जन्म स्थली है। गीता केवल उपदेश ही नहीं, उपचार भी है। गीता आस्था ही नही जीवन पद्धति भी है। गीता सोच ही नही चिंतन और दिशा भी है। इसके 18 अध्यायों में कर्मयोग, ज्ञान योग और भक्ति योग की सरस्वती बहती है, जिससे अज्ञान रूपी अंधकार धुल जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा श्रीमद् भगवद् गीता को वैश्विक मंच पर वर्ष 2016 में शुरू किया गया था, जिसका विस्तार अब मॉरिशस और लंदन तक हो गया है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री जय प्रकाश दलाल व पूर्व मंत्री श्री मनीष ग्रोवर ने प्रदर्शनी में गीता के अमर संदेश व सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित प्रदर्शित की गई प्रचार सामग्री का अवलोकन किया। इस मौके पर बंचारी गांव के विश्व प्रसिद्ध बीन व नगाड़ा वादक टीम ने भी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति की छटा बिखेरते हुए कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों व आमजन का स्वागत किया।

उपायुक्त आर एस वर्मा ने कार्यक्रम के मुख्यातिथि कृषि मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल, पूर्व मंत्री श्री मनीष ग्रोवर व अन्य गणमान्य अतिथियों का पवित्र ग्रंथ गीता की प्रति तथा स्मृति चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया।

इस अवसर पर निगम कमिश्नर प्रदीप गोदारा, एसडीएम राकेश कुमार नगर आदेश महेश कुमार डीपीपी के के वाष्र्णे, जिला अध्यक्ष अजय बंसल, सतीश नांदल, जोगिंदर सैनी, शमशेर खरक, राजवीर आर्य सहित अन्य अधिकारी एवं धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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