श्री राधे श्याम गौशाला में 1 दिसंबर से आरंभ हुए धेनुमानस गौ कथा का हुआ समापन।
December 6th, 2019 | Post by :- | 100 Views

कालका (चन्द्रकान्त शर्मा)।
एक वह भी समय था जब गाय को माता के रूप में पूजा जाता था। बाद में अंग्रेजों ने गौमाता को पशु का दर्जा दे दिया। लेकिन आजादी के कई साल बीत जाने के बाद भी गौमाता को राष्ट्र माता के पद पर सुशोभित नहीं किया गया है। यह बात श्री राघे श्याम गौशाला में धेनुमानस गौकथा के दौरान पूज्य श्री गोपाल मणि जी महाराज ने कथा के दौरान कही। महाराज जी ने कहा कि हमारे वेद पुराणों में कहा गया है कि गाय पशु नहीं है। महाराज जी ने कहा कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश ने प्रस्ताव रखा हुआ है, कि गौमाता को राष्ट्र माता के पद पर सुशोभित किया जाए।

1पिंजौर-कालका रोड पर स्थित श्री राधे श्याम गौशाला में 1 दिसंबर 2019 से आरंभ हुए धेनुमानस गौ कथा का दिनांक 5 दिसंबर को समापन हो गया। इस कार्यक्रम में प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सांय 5 बजे तक गंगोत्री से श्री गोपाल ‘मणि’ जी व उनके सपुत्र श्री सीता शरण जी द्वारा धेनुमानस गौ कथा का गुणगान किया गया। इस कार्यक्रम में प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या में कालका, पिंजौर, पंचकूला, परवाणू व आसपास के एरिया से आए भक्तों ने श्रद्धा पूर्वक भाग लेकर श्री गोपाल ‘मणि’ जी एवं उनके सपुत्र श्री सीता शरण जी द्वारा धेनुमानस गौ कथा का व्याख्यान सुना व गुणगान किया। गौशाला के प्रधान खुशदेव राज ने बताया कि गौ कथा के आखिरी दिन 5 दिसंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक गुणगान किया गया, इस संगीतमय कथा के दौरान खचाखच भरे पंडाल के दौरान बच्चें, बुढ़े व महिलाएं गौमाता की भक्ति भाव में थिरकते रहे। इस दौरान गौधाम परिसर गौ माता के जयघोष से गूंजता रहा। कथा का समापन गौमता की आरती के साथ किया गया तत्पश्चात विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। इस दौरान पंडित उमेश दत्त शास्त्री, संजय जोशी, राधा कृष्ण गोयल, काली माता मंदिर भंडारा कमेटी के संचालक संजय बंसल एवं सचिव राजेन्द्र सहजपाल सहित अन्य मौजूद थे।

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