उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने लिया गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद से आशीर्वाद, जीवन की हर समस्या का समाधान है गीता में
December 5th, 2019 | Post by :- | 62 Views
कुरुक्षेत्र, ( सुरेश पाल सिंहमार )    ।   अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर गीता ज्ञान संस्थान में कृष्ण कृपा व जीयो गीता परिवार द्वारा आयोजित संत्सग में व्यास पीठ से बोलते हुए गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी ने कहा कि श्रीमद्भगवतगीता एक मात्र ऐसा ग्रंथ है जो युद्घ के माहौल में शांति स्थापित करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अपने मुख से सुनाया। उन्होंने कहा कि आज दुनियां में अशांति व युद्घ का माहौल बना हुआ है और ऐसे हालात में गीता के सूत्रों का अनुसरण करके ही शांति स्थापित की जा सकती है।
गीता मनीषी ने कहा कि गीता में हर क्षेत्र की समस्याओं का समाधान है। मानसिक तनाव में गीता जहां मन को शांत करती है वहीं मानव की हर समस्या का समाधान करती है। गीता का अनुसरण करके शंाति और सकून मिलता है। उन्होंने कहा कि आज विश्व के बड़े-बड़े विद्ववान लोग इस बात पर आश्चर्य चकित हैं कि भगवान श्रीकृष्ण ने युद्घ के वातावरण में शांति स्थापित करने वाला संदेश कैसे दिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण को मालूम था कि एक दिन ऐसा आएगा कि जब पूरा विश्व अंशात होगा और इसका उपाय केवल गीता में ही दिया है। स्वामी जी ने कहा कि व्यक्ति को अपनी कमियों की ओर ध्यान देना चाहिए और दूसरों से गुण ग्रहण करने चाहिए। अर्जुन ने अपनी कमी को स्वीकार किया और वह भगवान श्रीकृष्ण की शरण में गया। इसलिए गीता का संदेश पूरे विश्व को मिला। उन्होंने कहा कि वृद्वावंन में बासुरी की ध्वनि और कुरूक्षेत्र में गाई गई गीता दोनों ही भगवान की लीलाएं है। राधा को प्रेम का प्रतीक बताते हुए स्वामी जी ने कहा कि राधा साकशात प्रेम तत्व है।
इस अवसर पर प्रसिद्घ भजन गायक बिजेन्द्र शास्त्री, रत्तनचंद तथा पवन कुमार ने राधा और कृष्ण भाव के भजन गाकर वातावरण को कृष्णमय कर दिया। जब से गीता ज्ञान पाया मै बड़ी मस्ती में हँू के भजन पर श्रोता झूम उठे।
फोटो कैप्शन-गीता ज्ञान सस्थान में व्यास पीठ से सम्बोधित करते हुए गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी से लिया आर्शीवाद
अन्र्तराष्टï्रीय गीता महोत्सव में भाग लेने आए उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने गीता ज्ञान संस्थान में पहुंचकर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी से आर्शीवाद लिया। इस अवसर पर स्वामी जी ने दुष्यंत चौटाला के साथ अन्र्तराष्टï्रीय गीता महोत्सव को लेकर व्यापक चर्चा की। गीता मनीषी ने दुष्यंत चौटाला को श्रीमद्भवगतगीता की प्रति भेंट की।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।