शीला बहन गादिया के 31 उपवास की तपस्या पूर्ण, पूरे हर्षोल्लास से निकला वरघोड़ा
August 25th, 2019 | Post by :- | 73 Views

बांसवाडा(अरूण जोशी)
कुशलगढ़ वर्धमान स्थानकभवन में विराजित महासती पुण्यशीला जी म.सा आदि ठाणा-4 की पावन नेश्रा में गर्मजल व धोवन पानी के आधार पर श्रीमती शीला नरेन्द्र गादिया व अंशुल डोसी ने 31 उपवास (मासक्षमण) की कठोर तपस्या पूर्ण की। इसी के साथ पूज्या श्री के सानिध्य मे कुशलगढ़ वर्षावास में अभी तक 13 मासक्षमण पूर्ण होकर तपस्या का जमकर ठाठ लगा हुआ है। इस अवसर पर तपस्वी शीला बहन गादिया को बग्गी में बैठाकर ढ़ोल-ढमाकों के साथ वरघोडा निकाला गया। वरघोडे़ में समाज जन जय उमेश-जय जिनेन्द और तपस्वियों के गगनभेदी जयकारें लगाते हुए चल रहे थें। वरघोड़ा निज निवास से प्रारम्भ होकर श्वेताम्बर केशरियाजी मंदिर पहुंचा, जहां तपस्वी ने देवदर्शन कियें। तत्पश्चात् मुर्तिपूजक संघ अध्यक्ष व महिला मण्डल के रंजना नाहटा,सुलोचना श्रीमार,प्रिति खामेसरा द्वारा तपस्वी शिला बहन का शाल-माला व श्रीफल भेंट कर बहुमान किया गया। मंदिर में बहुमान सभा में कमलेश कावडिया,उपाध्यक्ष रमेश गादिया,परीषद के अध्यक्ष अशोक श्रीमार, पारसमल मेहता, अनिल नाहटा व समाजजन उपस्थित थें। वरघोड़ा नगर के प्रमुख चोराहों से निकला, जहां क्षैत्रवासियों द्वारा जगह-जगह पर तपस्वी शीला बहन का स्वागत, बहुमान हुआ। वरघोड़ा नगर के मुख्य चैराहों से होता हुआ स्थानक भवन पहुंचकर धर्मसभा व बहुमान सभा में तब्दील हुआ। धर्मसभा में महासती पुण्यशीला जी म.सा ने श्रीकृष्ण जंमाष्टमी व शीला बहन के मासक्षमण पूर्ण प्रसंग पर फरमाया कि आज पूरे भारत वर्ष में जंमाष्टमी के रूप में कृष्ण वासुदेव का जंम मनाया जा रहा है। श्रीेकृष्ण जी के जीवन में कई विशेषता थी, जैसे कि वें धर्मप्रिय, निर्भय, गुणग्राहीं व दिखावा नहीं करते थें। उसी तरह हमारी शिला बहन गादिया ने उनकी मनोकामना अनुसार मासक्षमण तप को दृढ़ता से पूर्ण किया। कर्मो की निर्जरा करने वाली इस मासक्षमण तपस्या के लिए शीला बहन को बहुत-बहुत धन्यवाद। श्रीसंध अध्यक्ष राजेन्द्र गादिया ने जानकारी देते हुए बताया कि धर्मसभा में शीला बहन गादिया का बहुमान वर्धमान स्थानक श्रीसंघ कुशलगढ़ द्वारा चंादी का सिक्का, प्रशस्ति पत्र, शाॅल-माला देकर किया गया। जावरा के सिसोदिया परिवार द्वारा भी प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया।साथ ही समाज के वरीष्ठ प्रवीणचंद्र गादिया,रंजनीकांत खाबिया, सुभाषचंद्र लुणावत, प्रवीण काॅवडिया व गादिया परिवार द्वारा भी बहुमान किया गया। प्रशस्ति पत्र का वाचन रमेश तलेसरा द्वारा किया गया तथा शीला गादिया की तपस्या का बहुमान पल्लव गादिया ने 11 उपवास व शीखा गादिया ने आजीवन जमीकंद की बोली लगाकर किया। अन्य तपस्या में प्रकाश वोहरा 40 उपवास, राजेश गादिया 33 उपवास, निर्मला बहन चोपडा 25 उपवास की तपस्या कर मासक्षमण की ओर अग्रसर है। अरिहंत डोसी, राजश्री डोसी व लोकेश बाठिया सिद्धि तप की कठोर तपस्या कर रहें है। तपस्या अनुमोदन के इस अवसर पर गुजरात के दाहोद, लिमडी, संजेली, लिमखेडा व मध्यप्रदेश के थांदला, झाबुआ, मेघनगर, रतलाम, जावरा, इंदोर, बदनावर, उज्जैन, बांसवाडा आदि स्थानों से संघ पधारे थें।

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