यौन उत्पीडन के मामलों को रोकने के लिए उठाए जाए ठोस कदम : भारत नागपाल
December 2nd, 2019 | Post by :- | 110 Views
बहादुरगढ़ लोकहित एक्सप्रेस ब्यूरो चीफ (गौरव शर्मा)
निर्भया गैंगरेप जैसी बडी वारदात होने के बाद देश में गैंगरेप रुकने का नाम नहीं ले रहे है। आए दिन अखबारों में महिलाओं व बच्चों से संबंधित यौन अपराधों की खबरों की भरमार रहती है। लेकिन इसके बावजूद भी इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। सरकार के तमाम प्रयास यहां पर विफल साबित हो रहे है। एक ओर सरकार यौन अपराधों के लिए ठोस कानून बनाने का दावा करती है लेकिन इसके बाद भी महिलाओं व बच्चियों के साथ आए दिन बलात्कार की वारदातें हो रही है।
यह कहना है हयूमन सोसायटी के चेयरमैन भारत नागपाल का। उन्होंने कहा कि जब भी इस प्रकार की वारदातें घटित होती है तो देश भर के सामाजिक संगठन, बुद्धिजीवी वर्ग व टीवी चैनलों पर यह बहस का मुद्दा बन जाता है लेकिन धरातल पर इस प्रकार की वारदातों के रोकने के लिए को हल नहीं निकल पाता। राजनीतिक पार्टियां भी केवल इस चुनावी मुद्दों तक सीमित करके रह जाती है और सरकार बनने के बाद कोई भी ठोस कार्यवाही नहीं की जाती। नागपाल ने कहा कि विदेशों की तरह भारत में भी यौन उत्पीडन के मामलों को रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाने चाहिए और उन्हें सख्ती के साथ लागू किया जाना चाहिए। ताकि यौन उत्पीडन जैसी घीनौनी वारदात को अंजाम देने से पहले अपराधी सौ बाद सोचे। साथ ही यौन उत्पीडन के मामलों को तुरंत प्रभाव से हल करने के लिए फास्ट ट्रेक कोर्ट में फैसले के लिए समय सीमा निर्धारित की जाए। ताकि पीडिता को त्वरित न्याय मिल सके और अपराधी को उसके अपराध की कडी सजा दिलाई जा सके। जिससे आमजन का देश की न्याय व्यवस्था पर भरोसा कायम रह सके।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।