होम्योपैथी चिकित्सा के प्रति लोगों का बढा विश्वास:- डा. सोमा 
December 2nd, 2019 | Post by :- | 69 Views

अम्बाला, नारायणगढ़  ( सुखविंदर सिंह )  होम्योपैथी चिकित्सा के प्रति लोगों का विश्वास बढ रहा है और होम्योपैथी दवाईयों से रोगी ठीक हो रहे है। नागरिक अस्पताल नारायणगढ़ के आयुष विभाग में स्थित होम्योपैथी क्लीनिक में प्रतिदिन काफी संख्या में रोगी उपचार करवाने पहुंच रहे है। नागरिक अस्पताल नारायणगढ़ में तैनात होम्यापैथी चिकित्सक गोल्ड मैडलिस्ट डा. सोमा चक्रवर्ती बी.एच.एम.एस. ने बताया कि प्रति दिन सौ से अधिक मरीज यहां पर विभिन्न बिमारियों की दवाईयां लेने आ रहे है। होम्योपैथी, एक चिकित्सा पद्धति है। जो समरूपता के सिंद्धात पर आधारित यह चिकित्सा पद्धति बिना किसी साइड-इफेक्ट के बीमारियों का उपचार कर सकती है। इस चिकित्सा के अनुसार रोग को अत्यंत निश्चयपूर्वक, जड़ से और सदा के लिए नष्ट और समाप्त किया जा सकता है जो मानव शरीर में, रोग के लक्षणों से प्रबल और लक्षणों से अत्यंत मिलते जुलते सभी लक्षण उत्पन्न कर सके। होम्योपैथी चिकित्सा में चिकित्सक का मुख्य कार्य रोगी द्वारा बताए गए रोग लक्षणों को सुनकर उसी प्रकार के लक्षणों को उत्पन्न करने वाली औषधि का चुनाव करना होता है। 

         होम्योपैथी क्लीनिक में लाईफ स्टाईल मैनेजमैंट, योगा से तनाव दूर कैसे करें, अच्छा कैसे जीये आदि के बारे में काऊंसलिंग के द्वारा बताया जाता है।  रोग लक्षण एवं औषधि लक्षण में जितनी ही अधिक समानता होगी रोगी के स्वस्थ होने की संभावना भी उतनी ही अधिक रहती है। होम्योपैथी चिकित्सा से गुर्दे की पत्थरी, चर्म रोग, फाइब्रो एडीनोमा, ब्रोनकाइटिस, अर्थराईटिस, बच्चों के व्यवहार सम्बंधि,मानसिक रोग, तनाव, अस्थमा, कोल्ड, फ्लू, हृदय की बीमारियों, गंजापन, थाइराईड, मूत्र रोग एवं संक्रमण तथा दांतों की समस्याओं जैसी बीमारियों का भी इलाज किया जा सकता है। होम्योपैथी एक सफल, सुरक्षित एवं सुलभ पद्धति है। होम्यापैथिक दवाईयां व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढक़ार रोगों से लडऩे की ताकत प्रदान करती है। जिससे बिमारी के दौबारा से होने की सम्भावना बहुत कम होती है। होम्यापैथी ओपीडी में रोजना अनेकों मरीज इस पद्धति से लाभान्वित हो रहे है। इस पद्धति के महत्व को देखते हुए सरकार भी इस ओर विशेष ध्यान दे रही है। डा. सोमा चक्रवर्ती ने कहा कि होम्यापैथी पद्धति मनुष्यों पर प्रमाणित, कोमल, स्थायी, प्रभावी, सुरक्षित, अनुकूल हानि रहित है। यह पद्धति रोग को पूर्ण रूप से ठीक करती है। गर्मी के मौसम से होम्योपैथी क्लीनिक सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक तथा सर्दी के मौसम में सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुलता है।   

         होम्योपैथी क्लीनिक से दवाई लेकर ठीक होने वाले मरीज रामकुमार ने बताया कि उन्हें मूत्र में संक्रमण व पत्थरी के शिकायत थी और उन्होंने जब होम्योपैथी क्लीनिक में डा. सोमा को दिखाकर अपना उपचार करवाया तो कुछ मास दवाई खाने के बाद उन्हें आराम मिला और आज वे अपने को स्वस्थ महसूस करते है। कुछ ऐसा ही कहना है महिला बबीता का, उन्होंने बताया कि उन्हें एलर्जी की शिकायत होने पर उन्हें किसी ने बताया कि वह होम्योपैथी दवा ले अब वे पिछले कुछ समय से यह दवाई खा रही है और उन्हें अब पहले से आराम है। होम्योपैथी की दवाई खाकर अपने को स्वस्थ महसूस कर रहे विनोद कुमार ने बताया कि इस क्लीनिक में दवाई के साथ-साथ लाईफ स्टाईल मैनेजमैंट, योगा से तनाव दूर कैसे करें, अच्छा कैसे जीये आदि के बारे में काऊंसलिंग के द्वारा जो जानकारी दी जाती है वह भी बिमार व्यक्ति को ठीक करने में काफी सहायक सिद्ध होती है। 

 

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