हुक्का बार्स को बन्द करने के लिए हरियाणा सरकार को लीगल नोटिस – दीपांशु बंसल ने अपने वकील अमरबीर के माध्यम से भिजवाया नोटिस।
December 2nd, 2019 | Post by :- | 92 Views

कालका (चन्द्रकान्त शर्मा)

हुक्का बार्स को बन्द करने के लिए हरियाणा सरकार को लीगल नोटिस

– दीपांशु बंसल ने अपने वकील अमरबीर के माध्यम से भिजवाया नोटिस, कहा एक माह में बंद करे हुक्का बार

– एक महीने में बंद नही हुए हुक्का बार तो खटखटाएंगे हाईकोर्ट का दरवाजा-

कानूनी माध्यम से बन्द होंगे जिले के अवैध हुक्का बारजि

जिला पंचकूला में हुक्का बार्स को बंद करवाने के लिए कांग्रेस छात्र संगठन, एनएसयूआई में राष्ट्रीय संयोजक व शिवालिक विकास मंच के उपाध्यक्ष दीपांशु बंसल ने कानूनी रास्ता अपना लिया है, जिसमे हरियाणा सरकार को अपने अधिवक्ता अमरबीर सलार के माध्यम से लीगल नोटिस भेजकर एक माह के भीतर जिला पंचकूला में अवैध रूप से चल रहे हुक्का बार्स को बंद करवाने के लिए कहा है। जानकारी देते हुए हाईकोर्ट के वकील अमरबीर सलार ने बताया कि मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री हरियाणा, डीजीपी हरियाणा, डीसी पंचकूला, आयुक्त फूड व ड्रग विभाग, एस्टेट अफसर एचएसवीपी को कानूनी नोटिस भेजकर जिले में अवैध रूप से चल रहे प्रमुख हुक्का बार्स के नाम भी बताए है व इन्हें बन्द करने के लिए भी कहा है।बंसल के वकील का मानना है कि उनके क्लाइंट को 7 माह बीत जाने के बाद भी आरटीआई में जवाब न देने से व बार बार इन हुक्का बार्स को बंद करने की मांग पर कोई कार्यवाही न होने से यह तो स्पष्ट हो चुका है कि इसमें प्रशासनिक व सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत है।इसके साथ ही कानून के अंतर्गत भी निकोटिन बैन है जिसे एंटी पर्यावरण एलिमेंट व इंसेक्ट माना गया है।पुलिस भी हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद परमानेंट टास्क फोर्स बनाकर इनको मॉनिटर करने में नाकाम साबित हुई है।

दीपांशु बंसल का कहना है कि जिला पंचकूला में दर्जनों हुक्का बार्स व केफेस प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में धड़ले से चल रहे है। जहां नशे का कारोबार पूर्ण रूप से फल फूल रहा है। यह भी सर्व विदित है कि सरकार इसके रोकथाम में विफल साबित हुई है, पहले तो प्रशासन द्वारा कोई रेड ही नही की जाती यदि कोई होती भी है तो कागजी कार्यवाही के लिए नामात्र कार्यवाही की जाती है।यह कारोबार करोड़ो की राशि मे चलता है जिसमें बच्चे भी इसका शिकार हो रहे है और पंचकूला, पिंजोर, चंडीमंदिर, मोरनी आदि जगहों में इन्हें विशेष रूप से चलाया जा रहा है। इन केफेस को नशा कारोबारियों द्वारा नशे का अड्डा बनाया जा चुका है जहां युवा तरह-तरह के नशे करते है परन्तु सरकार, प्रशासन इन्हें बन्द करने के लिए कोई कार्यवाही नही करता व हर्बल हुक्के की आड़ में फलने फूलने दे रहा है। यही नही शहर के अधिकतर हुक्का बार तो बेसमेंट में चल रहे है जोकि हुड्डा के नियमावली का भी उल्लंघन करते है।

बंसल ने बताया कि फ़ूड व ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन विभाग भी 7 महीने बीतने के बावजूद भी आरटीआई के अंतर्गत उनके द्वारा मांगी गई सूचना को उपलब्ध करवाने में नाकाम साबित हुआ है। वही हरियाणा सूचना आयोग भी 3 माह से सूचना देने के मामले में कोई कार्यवाही न कर सका। गौरतलब है कि बंसल ने आरटीआई में विभाग से काफी प्रश्न पूछे थे जिससे जिला पंचकूला में नशा खत्म करने में काफी तथ्य सामने आने थे और हुक्का बार्स व केफेस में चल रहे नशे को रोकने के लिए विभाग की कारगुजारी का भी पता लगता। दीपांशु के अनुसार सभी हुक्का बार्स में निकोटिन फ्लेवर्ड हुक्के दिए जाते है जोकि जानलेवा है और हरियाणा में प्रतिबन्ध लगा हुआ है।

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