विशेष कानूनी जागरूकता कार्यक्रमों व शिविरों के माध्यम से प्राधिकरण ने मनाया 70वां संविधान दिवस  | 
November 26th, 2019 | Post by :- | 81 Views

हमें अपने मौलिक कर्तव्यों का निर्वहन राष्ट्र हित में करना चाहिए। मौलिक कर्तव्यों का पालन राष्ट्रीय प्रेम का आदर्श प्रमाण:- मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एंव सचिव पीयूष शर्मा 

हसनपुर पलवल (मुकेश वशिष्ट) :- हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में जिला विधिक सेवाएँ प्राधिकरण के तत्वावधान में माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश एंव चेयरमेन अशोक कुमार वर्मा व माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एंव सचिव पीयूष शर्मा के मार्गदर्शन में आज 70 वें संविधान दिवस के अवसर पर एडीआर सेंटर के सभागार में विशेष कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन पैनल रिटेनर जगत सिंह रावत एडवोकेट द्वारा किया गया। विशेष कानूनी जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एंव सचिव पीयूष शर्मा ने कहा कि हालसा के मार्गदर्शन में आज उक्त कार्यक्रम के अलावा स्कूलों व गांव में संविधान दिवस मनाया गया। जिसका उद्देश्य पैनल अधिवक्ताओं, पैराविधिक स्वयं सेवकों, छात्रों, नागरिकों को संविधान की प्रस्तावना सहित संविधान की विशेषताओं के बारे में जागरूक करना है।

उन्होंने एडीआर सेंटर के सभागार में पैनल अधिवक्ताओं व पैराविधिक स्वयं सेवकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि उन्हें संविधान की आत्मा प्रस्तावना का पाठ पढवाया और  संविधान के आधारभूत ढांचे व कार्यपालिका, विधानपालिका, न्यायपालिका सहित संविधान की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमें अपने मौलिक अधिकारों के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों का पालन भी करना चाहिए। यदि हम सभी मिलकर मौलिक कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे तो समाज में हर क्षेत्र में खुशहाली ला सकते हैं और हम अपने महापुरुषों की कुर्बानियों की बदौलत उनके द्वारा देखे गये स्वर्णिम सपने को भी साकार कर सकते हैं। हमें अपने कार्यों को खुद करना चाहिए। यदि हम सभी मिलकर समाज हित में कार्य करें। किसी के भी साथ भेदभावपूर्ण व्यहवार नहीं करना चाहिए। समाज में फैली समस्याओं को एक साथ मिलकर निपटाना होगा, ताकि भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।

हमें उन्होंने कहा कि हमारा मौलिक कर्तव्य है कि हम संविधान का पालन करना करें । राष्ट्र ध्वज व राष्ट्र गान का सम्मान करें। भारत की संप्रभुता, एकता व अखंडता की रक्षा करें। राष्ट्रीय सेवा के लिए अग्रसर रहें। महिलाओं का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि कोई भी समाज बिना महिलाओं के सम्मान के आगे नहीं बढ़ सकता है। हमें महिलाओं के साथ काम में भी हाथ बंटाना चाहिए। अपनी गौरवशाली संस्कृति व परम्पराओं का महत्व समझते हुए, उनका संरक्षण करें। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देते हुए, जल संरक्षण, प्रदूषण निवारण, जीवों के प्रति दया की भावना रखें। हमें ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करना चाहिए। वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवता, ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें जो कि हमारे भारत को ऊचाईयों तक लेकर जा सकती हैं। सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखें व हिंसा से दूर रहें। प्रत्येक अभिभावक का कर्तव्य है कि 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा के लिए उपयुक्त माहौल तैयार करें।  कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता जगत सिंह रावत ने भी काव्यबद्ध तरीके से संविधान के विशेष प्रावधानों के बारे में जागरूक किया।

उक्त कार्यक्रम के अलावा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाल, निशांत पब्लिक स्कूल, सिविल लाईन, कुसलीपुर पलवल में पैनल अधिवक्ता जगत सिंह रावत, हरिशंकर शर्मा, हंसराज शांडिल्य, विद्यासागर भारद्वाज व पैराविधिक स्वयं सेवकों इंद्रजीत, चंद्रपाल, राधा कौशिक द्वारा विशेष कानूनी जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों में संविधान की प्रस्तावना का पाठ करवाया। उन्हें संविधान के आधारभूत ढांचे सहित मौलिक अधिकारों, मौलिक कर्तव्यों, कार्यपालिका, विधानपालिका, न्यायपालिका की कार्यप्रणाली के बारे में जागरूक किया। नालसा योजनाओं, प्राधिकरण की सेवाओं सहित हेल्पलाइन नंबर 01275-298003 के बारे में भी जानकारी प्रदान की ।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।