यातायात नियम जागरूकता चलाने में अधिकारी हीरो, ट्रैफिक लाईट सिग्नल में जीरो : राहुल मंडोरा
November 25th, 2019 | Post by :- | 144 Views

बहादुरगढ़ लोकहित एक्सप्रेस ब्यूरो चीफ (गौरव शर्मा)

ट्रैफिक सिग्नल लाइट कई सालों से खा रही धूल, सीएम विंडो में की शिकायत : राहुल मंडोरा

बहादुरगढ़ शहर में लगे ट्रैफिक सिग्नल नगर परिषद अधिकारी व ट्रैफिक पुलिस प्रशासन की लापरवाही के कारण बना सफेद हाथी बन रहे हैं। यह कहना है सामाजिक कार्यकर्ता व आरटीआई एक्टिविस्ट राहुल मंडोरा का। सामाजिक कार्यकर्ता राहुल मंडोरा ने इस मामले की शिकायत हरियाणा के मुख्यमंत्री को सीएम विंडो 130795 शिकायत संख्या के द्वारा की है। जिसके विषय में सामाजिक कार्यकर्ता व आरटीआई एक्टिविस्ट राहुल मंडोरा ने बताया कि वर्ष 2016 में इन ट्रेफिक लाइट सिगनल का टेंडर पटियाला की कंपनी सैनिको इलेक्ट्रिकल को बहादुरगढ़ शहर के व्यस्त एरिया को यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए इन ट्रेफिक सिगनल लाइटों का टेंडर दिया गया था। जिसमें कि बहादुरगढ़ के बस स्टैंड, झज्जर मोड़, रेलवे रोड, नाहरा-नाहरी रोड और बादली रोड, सब्जी मंडी के पास लगाई गई थी। जिसपर 18,49,700 की धनराशि खर्च की गई थी। लेकिन पूरे 3 साल बीतने के बाद भी 1 दिन भी यह ट्रैफिक सिग्नल लाइट उपयोग में नहीं आ सकी ना ही यह कभी शुरू की गई। जिससे साफ जाहिर होता है कि नगर परिषद बहादुरगढ़ के अधिकारी और ट्रैफिक पुलिस बहादुरगढ़ के अधिकारियों की लापरवाही को साफ-साफ दर्शा रहा है। आज बहादुरगढ़ शहर मेट्रो सिटी में शुमार हो चुका है और बहादुरगढ़ में लगातार ट्रैफिक नियमों को समझाने के लिए बड़े-बड़े स्कूलों कॉलेजों मैं लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने व उन्हें मानने के लिए जागृत किया जा रहा है। परंतु दूसरी तरफ धरातल में सब कुछ फेल दिखाई देता है। क्योंकि बड़े-बड़े भाषण देने से ही लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागृत नहीं किया जा सकता। उन्हें जागृत करने के लिए प्रैक्टिकल भी होना आवश्यक है। हरियाणा सरकार के खजाने के 18,49,700 लाखों रुपए की धनराशि खर्च करने के बाद बहादुरगढ़ की जनता को ट्रैफिक सिग्नल लाइट भी नसीब ना हो तो नगर परिषद बहादुरगढ़ के अधिकारियों के एक बड़े घोटाले की तरफ साफ साफ इशारा जरूर करती है। ऐसा नहीं है कि इसकी शिकायत इन अधिकारियों को नहीं दी गई। दिनांक 8 जुलाई 2018 को एसडीएम बहादुरगढ़ एएसपी बहादुरगढ़ नगर परिषद के सेक्रेटरी को इस विषय में दी जा चुकी है। लेकिन इन अधिकारियों ने किसी भी तरह की कोई भी उचित कार्यवाही नहीं की जिससे यह साफ-साफ पता चलता है कि यह अधिकारी गण हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर को भी अंधेरे में रखकर उनके द्वारा भेजी जा रही विकास राशि को भी घोटाले की भेंट चढ़ाने में लगे हुए हैं।

सीआईडी विभाग के अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को सच्चाई से अवगत न करवाना उनकी कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह : राहुल मंडोरा

सामाजिक कार्यकर्ता राहुल मंडोरा ने कहा कि वहीं हरियाणा सरकार की सीआईडी विभाग के अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को सच्चाई से अवगत ना करवाना भी उनकी कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। वरना पूरे 3 साल से मात्र लोहे के खंभे के रूप में खड़ी ट्रैफिक सिग्नल लाइट दिखाई नहीं दी। बहादुरगढ़ की जनता के विकास कार्यों में बाधा डालने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने की भी मांग की है।

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