हरियाणवी लोक कला ढेरु गाथा गायन को जींवत रखने काम कर रहे लोक कलाकार, ब्रहमसरोवर के उत्तरी तट पर ढेरु गाथा गायन ने बांधा समां, शिल्प और सरस मेले के दूसरे दिन पर्यटकों ने की खरीददारी, सेल्फी लेने का युवाओं में बढ़ा क्रेज
November 24th, 2019 | Post by :- | 171 Views
कुरुक्षेत्र, ( सुरेश पाल सिंहमार )    ।      हरियाणा की लोक कला और संस्कृति की लुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी कई विधाओं को संरक्षित करने का काम अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव कर रहा है। इस महोत्सव में ढेरु गायन गाथा, बाजीगर कला और कच्ची घोड़ी जैसी लोक कलाओं को ब्रहमसरोवर के पावन तट पर देखा जा रहा है। इस महोत्सव से न केवल लोक संस्कृति को जींवत रखने का प्रयास सरकार की तरफ से किया जा रहा है बल्कि लोक कलाकारों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करवाएं जा रहे है।
उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केन्द्र पटियाला और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के साथ-साथ राज्य सरकार की तरफ से हरियाणा ही नहीं विभिन्न प्रदेशों की लोक संस्कृति को संरक्षित करने और कलाकारों को एक मंच मुहैया करवाने का काम अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के जरिए किया जा रहा है। इस महोत्सव में विभिन्न प्रदेशों की लोक कला को पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। इन  प्रदेशों के उन लोक नृत्यों को कलाकार प्रस्तुत कर रहे है, जो लोक कला लुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी है। लोक कलाकार हरपाल नाथ ने बातचीत के दौरान इस बात का खुलासा किया कि हरियाणा प्रदेश में करीब 300 कलाकार ही बचे है जो बीन, तुम्बा, ढोलक, खंजरी बजा कर जोगी नाथ बीन सपेरा परम्परा को आगे बढ़ाने का काम कर रहे है।
कलाकार हरपाल नाथ ने कहा कि उनके ग्रुप में अजमेर नाथ, रमेश नाथ, ईश्वर नाथ, राकेश नाथ, अमन, राजकुमार, सुभाष नाथ आदि कलाकार पहुंचे है। सभी कलाकार पारम्पकि वेशभूषा से सुसज्जित होकर बीन, तुम्बा, ढोलक, खंजरी बजाकर लोगों का मनोरंजन कर रहे है। यह महोत्सव लोक कलाकारों का एक बड़ा मंच बन चुका है। सरकार द्वारा इस प्रकार के कलाकारों को ओर अधिक प्रोत्साहित करने के लिए अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव जैसे मंच उपलब्ध करवाने चाहिए।
महोत्सव के दूसरे दिन हरियाणा के विभिन्न गांवों के लोक कलाकारों ने ब्रहमसरोवर के उत्तरी तट पर ढेरु गाथा गायन की प्रस्तुती देकर पर्यटकों को झुमने पर मजबुर कर दिया। इन लोक कलाकारों ने ढेरु गाथा गायन के जरिए गुरु गोरख नाथ जी की गाथा, जवाहर गूगा पीर की गाथाओं का गुणगान किया। इन लोक कलाकारों का कहना है कि यह लोक कला विलुप्त करने के कगार पर पहुंच चुकी है। सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव से लोक कलाओं को जींवत रखने का प्रयास किया जा रहा है।
क्राफ्ट मेले में पहंचे कई राष्टï्रीय अवार्डी शिल्पकार
केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने बताया कि अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव 2019 में एनजेडसीसी की तरफ से 200 से ज्यादा शिल्पकार पहुंच चुके है। इनमें 8 राष्टï्रीय अवार्डी, 9 राज्य अवार्डी, संत कबीर अवार्डी, राष्टï्रीय प्रमाण पत्र अवार्डी व जिलास्तरीय अवार्ड विजेता शामिल है।
पर्यटकों ने खुब की खरीददारी
शिल्प और सरस मेले में पर्यटकों ने रविवार को जमकर खरीददारी की है। एक तरफ जहां पर्यटक ब्रहमसरोवर के तट पर खिली धुप में विभिन्न प्रदेशों के व्यंजनों का स्वाद चख रहे थे, वहीं अलग-अलग स्टालों पर जाकर खरीददारी भी कर रहे थे। इतना ही नहीं युवा वर्ग मेले में सेल्फी लेकर अपने आपको आनंदित महसुस कर रहे है।
बिछड़ों को मिलाने का काम कर रहा हैं सूचना केन्द्र
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2019 में ब्रहमसरोवर के मुख्य द्वार पर जिला सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग की तरफ से सूचना केन्द्र स्थापित किया गया हैं। इस सूचना केन्द्र के माध्यम से बिछड़ों को मिलाने का काम कर रहा हैं। इस सूचना केन्द्र से पल-पल की सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है।

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