देवीलाल, तैयब हुसैन और ध्यानचंद को भारत रत्न दे भारत सरकार: राजुद्दीन
November 24th, 2019 | Post by :- | 128 Views

मेवात (सद्दाम हुसैन) भारत रत्न देने का समय नजदीक आता जा रहा है और पुरस्कारों का एलान भी होना है। इस सिलसिले में देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल, पूर्व हॉकी कप्तान जादूगर मेजर ध्यानचंद और पंजाब, हरियाणा और राजस्थान राज्यों में मंत्री रहे चौधरी तय्यब हुसैन को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की गई है। लोगों ने 21 नवंबर को एक मांग पत्र उप तहसीलदार नगीना के मार्फत देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को विचार के लिए भेजा है। सामाजिक संगठन जागो चलो, मेवात संघर्ष समिति, मेवात सूचना अधिकार मंच और गालिब मौजी खान फाउंडेशन के बैनर तले क्षेत्रवासियों, शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में ज्ञापन पत्र सौंपकर इस साल दिए जाने वाले भारत रत्न में देश की तीन महान शख्सियतों को शामिल करने की आवाज उठाई है मेवात आरटीआई मंच के संरक्षक राजुद्दीन बताते हैं

कि चौधरी देवीलाल 1977-79 तथा 1987-89 तक हरियाणा प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने किसानों, गरीबों के लिए कार्य किये थे। उसके बाद 1989 में वो देश के उप प्रधानमंत्री बन गए। देशभर के किसानों का भला करने की ठान ली आज उन्हीं की देन है कि हरियाणा प्रदेश में सामाजिक सम्मान पेंशन सौ रुपए से लागू की थी। जिसे बाद में पूरे देश में विभिन्न सरकारों ने लागू किया।

आपातकालीन और आजादी के आंदोलन में जेल में गए। मेवात क्षेत्र के मशहूर समाज सुधारक राजुद्दीन मेव ने बताया कि चौधरी तय्यब हुसैन सबसे पहले पंजाब में कैबिनेट मंत्री बने उसके बाद हरियाणा और फिर राजस्थान में मंत्री रहे, उनका यह कारनामा देश के लिए मिसाल है। उन्होंने हिंदू मुस्लिम भाईचारे एवं देश की गंगा जमुनी तहजीब को मजबूत करने के लिए कार्य किया था। जिला कोच मनोज कुमार, खिलाड़ी राजुद्दीन जंग का कहना है कि ओलंपिक में तीन बार देश के लिए स्वर्ण पदक जिताने में पूर्व कप्तान मेजर ध्यानचंद का अहम योगदान रहा। उनके जन्मोत्सव को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। हर बार जब यह दिवस आता है तो देशभर के खिलाड़ियों को मायूसी होती है कि इतने वर्ष बाद भी हॉकी के जादूगर को भारत रत्न नहीं दिया गया। सभी लोगों ने चौधरी देवीलाल, चौधरी तय्यब हुसैन और मेजर ध्यानचंद को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की है।

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