सुश्री ज्योति कौशल द्वारा झुग्गी झोपड़ी इलाका अम्बाला शहर व अम्बाला छावनी मे कानूनी साक्षरता शिविरों का आयोजन किया गया और आंगनवाड़ी वर्करों के लिए कानूनी साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
November 23rd, 2019 | Post by :- | 71 Views

अम्बाला: अशोक शर्मा
जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष, जिला सेवा प्राधिकरण अम्बाला कमल कांत के निर्देशानुसार 21 से 23 नवम्बर तक जिला सेवा प्राधिकरण अम्बाला द्वारा जिला अम्बाला के विभिन्न स्थानो पर कानूनी साक्षरता शिविरों का आयोजन किया गया।
सी जे एम एवं सचिव जिला सेवा प्राधिकरण अम्बाला दानिश गुप्ता ने बताया कि पैनल अधिवक्ता सुश्री ज्योति कौशल द्वारा झुग्गी झोपड़ी इलाका अम्बाला शहर व अम्बाला छावनी मे कानूनी साक्षरता शिविरों का आयोजन किया गया और आंगनवाड़ी वर्करों के लिए कानूनी साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। पैनल अधिवक्ता सुश्री ज्योति कौशल ने उपस्थित लोगो को  अवगत करवाया और बताया कि अधिनियम के अंतर्गत बारह सप्ताह तक अनचाहे गर्भ का गर्भपात एक डाक्टर की सलाह पर व बारह से बीस सप्ताह के अनचाहे गर्भ को दो डाक्टरों की सलाह पर गर्भपात करवाने का प्रावाधान है। डाक्टर इस अधिनियम के अतंर्गत गर्भपात करवाने की सलाह गर्भवती महिला की मानसिक व शारिरिक स्थिति की जांच करने के बाद ही दे सकते है या फि र अगर गर्भ की जांच करने पर यह पाया जाए कि गर्भ मे पल रहे शिशु को किसी प्रकार की मानसिक व शारिरिक अपंगता हो सकती है।
उन्होने यह भी बताया कि अधिनियम के अंतर्गत गर्भपात करने का स्थान सरकारी अस्पताल के अलावा जिला कमेटी तय करती है जोकि सीएमओ द्वारा नियुक्त की जाती है। उन्होने बताया कि यदि रेप पीडि़त महिला/बालिका को बिना देरी किए सरकारी अस्पताल मे जांच के लिए जाना चाहिए। उनके साथ मौका पर डा. रचना भी उपस्थित थी जिन्होने उपस्थित लोगो को उत्पीडि़त गर्भवती महिलाओं के लिए सरकारी अस्पताल मे प्रदान की जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होने बताया गर्भ मे पल रहे शिशु को किसी प्रकार की मानसिक व शारिरिक अपंगता होने या उसकी आशंका होने पर ही गर्भपात की सलाह दी जाती है। यदि रेप पीडि़त महिला गर्भवती हो तो उसे मानसिक उत्पीडऩ से मुक्ति के लिए भी बीस सप्ताह तक के गर्भपात की सलाह दी जा सकती है।  उन्होने यह भी बताया कि गर्भपाल के लिए डाक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लेनी चाहिए

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