गृहमंत्री अनिल विज के विशेष प्रयासों से शहीदी स्मारक की स्थापना
November 22nd, 2019 | Post by :- | 142 Views

अम्बाला, ( सुखविंदर सिंह ) गृह, शहरी स्थानीय निकाय एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की विशेष प्राथमिकता में शामिल अम्बाला-दिल्ली मार्ग पर 22 एकड़ में बनाए जा रहे शहीदी स्मारक की स्थापना की परियोजना पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। लोक निर्माण विभाग द्वारा इस परियोजना के तहत मिट्टी भराई का कार्य करने के साथ-साथ चारदीवारी का कार्य आरम्भिक प्रक्रिया के तहत कर लिया गया हैं। परियोजना पूरी होने से अम्बाला छावनी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक विशेष पहचान मिलेगी। इस स्मारक के निर्माण कार्य पर 200.56 करोड़ रूपए राशि खर्च करने का काम किया जा रहा हैं। 

गृहमंत्री अनिल विज के विशेष प्रयासों से शहीदी स्मारक की स्थापना की यह सौगात अम्बाला छावनी विधानसभा क्षेत्र के लोगों को मिल सकी हैं, उन्हीं के प्रयासों से इस स्मारक का निर्माण कार्य तेजी से करने का काम किया जा रहा हैं। स्मारक का डिजाईन राष्ट्रीय स्तर की आर्किटैक्चर रेनू खन्ना द्वारा तैयार किया गया है और अन्य सुविधाओं के साथ-साथ पर्यटकों के सुविधाजनक आवागमन के लिए हैलीपैड की व्यवस्था भी रहेगी। इस बारे लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियन्ता निशांत ने बताया कि इस परियोजना के निर्माण कार्य की शुरूआत 1 अगस्त 2018 को की गई हैं तथा निर्माण कार्य के तहत यहां पर लेवलिंग के कार्य के साथ-साथ चारदीवारी का निर्माण कार्य कर लिया गया हैं। इन्टरपेशन सैन्टर (सिंगल स्टोरी)के तहत प्रथम तल पर लैंटर डालने का कार्य किया जा रहा हैं। उन्होनें यह भी बताया कि अम्बाला छावनी के साथ-साथ आस-पास के क्षेत्र के लोगों के लिए काफी गर्व की बात है, कि यह सौगात उन्हें मिली हैं तथा गृहमंत्री द्वारा समय-समय पर यहां का निरीक्षण भी किया जा रहा हैं ताकि निर्माण से सम्बधिंत जानकारी की वास्तविकता का पता चलता रहे और उसमें यदि कोई सुधार की आवश्यकता हैं तो उसको ध्यान में रखकर कार्य किया जा सकें ।  

देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की शुरूआत 1857 में मेरठ से पहले अम्बाला छावनी में सैनिको की बगावत से हुई थी। इस महत्व को ध्यान में रखते हुए गृहमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की मांग पर हरियाणा सरकार द्वारा अम्बाला छावनी में 1857 के शहीदों एवं देशभक्तों की स्मृति में भव्य और अंतर्राष्ट्रीय स्तर का शहीद स्मारक बनाने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत यहां पर तेजी से कार्य किया जा रहा हैं। इतना ही नहीं शहीदी स्मारक के नजदीक 35 करोड़ रूपए की लागत से विज्ञान केन्द्र बनाने का काम भी किया जाएगा। जिसका शिलान्यास गृहमंत्री द्वारा किया जा चूका है।

लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता निशांत ने बताया कि इस स्मारक में 70 फुट उंचाई के विशाल और आकर्षक शहीदी स्मारक के साथ-साथ 20-20 फुट ऊंचाई की दो दीवारें बनाई जायेंगी, जिन पर 1857 की क्रांति के योद्धाओं का उल्लेख किया जायेगा। इस स्मारक में विकसित किए जाने वाले 6 लॉन में 1857 की क्रांति के विवरणों का उल्लेख होगा तथा अम्बाला के इतिहास तथा 1857 की क्रांति में हरियाणा के स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित म्यूजियम भी बनाया जायेगा। अंतर्राष्ट्रीय स्मारक होने के कारण इस स्थल पर विशिष्ट तथा अति विशिष्ट व्यक्तियों के आगमन की सुविधा के लिए शहीदी स्मारक के पिछली ओर हैलीपैड बनाया जायेगा। 

इस स्मारक में 750 व्यक्तियों की क्षमता वाला ओपन एयर थियेटर बनाया जायेगा जिसमें त्री-आयामी चित्रों का प्रदर्शन करने की तकनीक होगी। इसके साथ-साथ म्यूजियम, ऑडीटोरियम, कनेक्टीविटी ब्रिज, वॉटरबॉडी, सब-स्टेशन, अन्डरग्राउंड वॉटर टैंक एण्ड पम्प हाउस,ग्रीन एरिया, मैमोरियल टॉवर को बनाने की योजना हैं। इसे अलावा इस शहीदी स्मारक में कवर्ड पार्किं ग, चिल्ड्रन पार्क, जन सुविधाएं, रिफलैक्टिंग पूल तथा आउटडोर कैफेटेरिया की सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इस स्मारक पर रात्रि के समय लेजर शो से महान क्रांतिकारियों के जीवन व 1857 की क्रांति की घटनाओं का जीवंत प्रदर्शन की व्यवस्था भी की जाएगी। दिल्ली से अम्बाला छावनी की ओर आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए इस स्मारक तक पंहुचाने हेतू एक सब-वे भी बनाया जायेगा। इस स्मारक के बनने के बाद अम्बाला का अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर महत्व और बढ़ जायेगा जोकि पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का विशेष केन्द्र होगा।

इससे पूर्व गृहमंत्री ने अपने आवास पर क्षेत्रवासियो के साथ-साथ दूर-दराज से आए लोगों की शिकायतों को भी सुना तथा संबधित अधिकारियो को दूरभाष के माध्यम से निर्देश दिए कि वह लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान करना सुनिश्चित करे। जायज कामों के लिए लोगों कों कार्यालयों के बेवजह चक्कर ना लगाने पड़े इसके लिए वह लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनकर उनका निवारण करे। 

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