ओरियन्टल बैंक ऑफ कॉमर्स की अध्यक्षता में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, गृह मंत्रालय, भारत सरकार की वार्षिक बैठक संपन्न |
November 22nd, 2019 | Post by :- | 91 Views

हिन्दी में सर्वश्रेष्ठ कार्य-निष्पादन करने वाले प्रथम 10 सदस्य कार्यालयों को नराकास राजभाषा पुरस्कार से नवाजा गया |

हसनपुर पलवल (मुकेश वशिष्ट) :- केंद्र सरकार के कार्यालयों व बैंकों एवं उपक्रमों में राजभाषा हिन्दी के प्रयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति पलवल का वार्षिक समारोह एवं पुरस्कार वितरण सहित छमाही बैठक का आयोजन होटल पप्पन प्लाजा में किया गया। वार्षिक समारोह की अध्यक्षता के मुख्य अतिथि प्रभारी महाप्रबंधक राजभाषा कॉरपोरेट कार्यालय संजीवन नीखर द्वारा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि व वरिष्ठ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक (राजभाषा) संजीवन नीखर ने कहा कि नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति भारत सरकार के गृह मंत्रालय राजभाषा विभाग के अधीन पलवल शहर में राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार और हिन्दी के विकास हेतु गठित समिति है। यह हमारे लिए प्रसन्नता का विषय है कि हमें इस उद्देश्य को परिपूर्ण करने का दायित्व सौंपा गया है।  उन्होंने सदस्यों से हिंदी में उपलब्ध यांत्रिक सुविधाओं का प्रयोग करने का आह्वान किया।

गृह मंत्रालय भारत सरकार के राजभाषा विभाग के सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) नरेन्द्र सिंह मेहरा ने कहा कि मूल कार्य में हिंदी का प्रयोग बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में भारत सरकार का अपेक्षित सहयोग मिलता रहेगा। इस नराकास समिति का कार्य सराहनीय है।
समारोह में डॉ सूर्यनाथ सिंह ने हिंदी की प्रगामी दशा एवं दिशा पर प्रकाश डाला। उन्होंने सरकारी कार्यालयों में हिंदी की सरलता एवं मौलिकता को अपनाने को कहा। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा बढ़ रही है।  हिंदी का विकास रोजगार की भाषा के रूप में हो रहा है। उन्होंने राजभाषा के रूप में हिंदी को इसकी मौलिकता के साथ आमजन के करीब ले जाने का आह्वान किया।

मण्डल अध्यक्ष फरीदाबाद ललित तनेजा ने अपने संबोधन में कहा कि यह हमारे लिए अति प्रसन्नता का विषय है कि नराकास के सभी कार्यालय अध्यक्ष इस बैठक में उपस्थित हुए है। यह नराकास की सक्रियता को दर्शाता है। उन्होंने सभी सदस्यों से नराकास की पत्रिका प्रकाशन हेतु सहयोग करने का अनुरोध किया। सहायक महाप्रबंधक भारतेंदु पंत ने समारोह को संबोधित करते हुए पलवल शहर में नराकास की सक्रियता के लिए अध्यक्ष एवं सदस्य सचिव के कार्यों की सराहना की।

समारोह में स्वागत अभिवादन करते हुए नराकास अध्यक्ष भारत भूषण बंसल ने कहा कि बैंक के लिए यह सौभाग्य का विषय है कि भारत सरकार द्वारा अग्रणी जिला बैंक कार्यालय को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति पलवल के अध्यक्ष कार्यालय का दायित्व सौंपा गया है और उसी दायित्व के निर्वाह की श्रृखंला में आज यहां इस वार्षिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि नराकास में कुल 27 कार्यालय है, जिसमें 19 बैंक तथा बीमा कंपनियां समेत 8 कार्यालय और भी सम्मलित हैं। उन्होंने सदस्यों की शानदार उपस्थिति हेतु धन्यवाद दिया।

संपूर्ण आयोजन का समन्वय एवं संचालन नराकास सचिव डॉ साकेत सहाय द्वारा किया गया। डॉ साकेत सहाय ने कहा कि नराकास समिति न केवल समिति के सदस्य कार्यालयों के बीच आपसी समन्वय, सद्भाव स्थापित करती है अपितु उनके कर्मचारियों के लिए विभिन्न हिन्दी प्रतियोगिताओं तथा अन्य गतिविधियों के माध्यम से राजभाषा हिन्दी की दशा और दिशा को निर्धारित करने के लिए उत्तरदायी भी है। उन्होंने इस कार्यभार हेतु गृह मंत्रालय का आभार जताया।

नराकास राजभाषा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत कार्यालय, बैंक, उपक्रम श्रेणी के अंतर्गत प्रथम दस कार्यालयों तथा भारतीय जीवन बीमा निगम लिमिटेड, सिंडिकेट बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, भारतीय रेल, रेलवे स्टेशन पलवल, केंद्रीय विद्यालय पलवल, युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, ओरियन्टल बैंक ऑफ कॉमर्स तथा पंजाब नेशनल बैंक को सम्मानित किया गया। उक्त सभी पुरस्कार कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि तथा विशेष रूप से आमंत्रित मंत्रालय के प्रतिनिधि के कर कमलों से संबंधित कार्यालयाध्यक्षों को समारोह के दौरान प्रदान किए गए।
इस अवसर पर ओरियन्टल बैंक ऑफ कॉमर्स मण्डल कार्यालय फरीदाबाद के मण्डल अध्यक्ष ललित तनेजा, कॉरपोरेट कार्यालय के सहायक महाप्रबंधक (राजभाषा) भारतेंदु पंत, नराकास अध्यक्ष भारत भूषण बंसल एवं  सदस्य-सचिव डॉ साकेत शहाय के अतिरिक्त राजभाषा विभाग गृह मंत्रालय भारत सरकार की ओर से विशेष रूप से आमंत्रति सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) नरेन्द्र सिंह मेहरा सहित सभी सदस्य कार्यालयों के अध्यक्ष तथा उनके प्रतिनिधि उपस्थित थे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पधाने एसोसिएट एडिटर जनसत्ता डॉ. सूर्यनाथ सिंह ने हिंदी की प्रगामी दशा एवं दिशा (राजभाषा के विशेष संदर्भ में) विषय पर व्याख्यान भी आयोजित किया।

 

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