जानें आपकी सेहत पर क्या फर्क पड़ता है, जब आप खाते हैं 1 समोसा
November 15th, 2019 | Post by :- | 532 Views

समोसा भारत के लगभग सभी हिस्सों में स्नैक के रूप में लोकप्रिय है। अगर किसी एक स्नैक को ‘भारत का राष्ट्रीय स्नैक’ बनाया जाए, तो शायद इसे समोसा ही होना चाहिए। तीखे मसालेदार आलुओं से भरे हुए समोसों का स्वाद खट्टी-मीठी चटनियों और चाय के साथ और बढ़ जाता है। इतिहास के झरोखे में जाएं, तो आपको हैरानी होगी कि समोसा पहली बार 10वीं शताब्दी में बनाया गया था। जबकि भारत में ये लगभग 14वीं शताब्दी में आया। मगर इसमें कोई हैरानी नहीं कि आज समोसा भारतीय स्नैक्स में सबसे ज्यादा पॉपुलर है।

उत्तर और मध्य भारत में तो समोसे इतने पॉपुलर हैं कि आपको हर गली हर मोड़ में कोई न कोई समोसे की दुकान या खोमचा मिल जाएगा। हममें से ज्यादातर लोगों की समोसों के साथ बचपन की ढेर सारी यादें जुड़ी हो सकती हैं। अब इससे पहले कि आपके मुंह में पानी आ जाए और आप इमोशनल होकर समोसा खरीदने पहुंच जाएं, हम आपको बताते हैं इससे जुड़ी कुछ खास बातें। जी हां, समोसा खाने से पहले आपको इसकी कैलोरीज के बारे में भी जान लेना चाहिए,

समोसा की न्यूट्रीशनल वैल्यू
1 समोसा= 262 किलोकैलोरी
फैट- 3 ग्राम
प्रोटीन- 10.5 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट- 45 ग्राम
डाइट्री फाइबर- 1.5 ग्राम

चूंकि समोसे में स्टार्च की मात्रा ज्यादा और फाइबर की मात्रा कम होती है, इसलिए एक रेगुलर साइज समोसा खाने से आपको लगभग 262 कैलोरीज मिलती हैं। इसके अलावा समोसे वनस्पति घी या तेलों में तले जाते हैं इसलिए इसमें बहुत अधिक ट्रांस फैट होता है, जो आपके शरीर के लिए नुकसानदायक होता है। अगर आप यह समोसा किसी गली-चौराहे की छोटी दुकान से खरीदते हैं, तो इस बात की भी पूरी संभावना होती है, वो समोसा पहले से इस्तेमाल तेल में तला गया हो। एक बार इस्तेमाल हो चुके तेल को दोबारा गर्म करके इसमें किसी खाद्य पदार्थ को डीप फ्राई करके खाना आपकी सेहत के लिए बहुत ज्यादा बुरा है।

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