पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की हालत बेहद नाजुक, अगले 24 घंटे के अंदर ही विदेश ले जाना जरूरी, अगर देरी की गई तो पूर्व प्रधानमंत्री की जान को खतरा
November 15th, 2019 | Post by :- | 64 Views

इस्लामाबाद,     :  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि शरीफ की हालत बेहद नाजुक है और उन्हें इलाज के लिए अगले 24 घंटे के अंदर ही विदेश ले जाना जरूरी है। उनका कहना है कि अगर इसमें देरी की गई तो पूर्व प्रधानमंत्री की जान को खतरा हो सकता है।

मीडिया रिपोर्ट में एक तरफ नवाज शरीफ की सेहत को लेकर इस तरह की रिपोर्ट हैं, दूसरी तरफ उनका नाम विदेश जाने के लिए प्रतिबंधित लोगों की सूची एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) से निकालने को लेकर पाकिस्तान में जमकर राजनीति हो रही है। सरकार ने नवाज शरीफ को चार हफ्ते के लिए सशर्त विदेश जाने की अनुमति दी है जिसके खिलाफ नवाज शरीफ की पार्टी मुस्लिम लीग-नवाज ने गुरुवार शाम को लाहौर हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई की और इसे कल (शुक्रवार) तक के लिए स्थगित कर दिया।

लाहौर हाईकोर्ट ने मुस्लिम लीग-नवाज द्वारा नवाज शरीफ का नाम बिना शर्त ईसीएल से निकालने की याचिका पर सुनवाई की। सरकारी वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि नवाज शरीफ अभी रिहा हैं। अदालत ने उनसे पूछा कि क्या सरकार के पास इसका अधिकार है कि वह ईसीएल से नाम निकालने के लिए शर्त लगाए। अदालत ने पूछा कि क्या नवाज शरीफ इलाज के लिए विदेश जाना चाहते हैं। इस पर नवाज के वकील ने कहा कि हां, जाना चाहते हैं, अगर उन्हें इसकी इजाजत दी जाए तो।

अदालत ने संघीय सरकार के वकील को जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई कल (शुक्रवार) तक के लिए स्थगित कर दी।

भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी करार दिए जा चुके नवाज शरीफ को अदालतों ने सेहत के आधार पर जमानत दी है। पाकिस्तान की सरकार ने कहा है कि वह करीब सात अरब रुपये (पाकिस्तानी) बॉन्ड के रूप में जमाकर विदेश जा सकते हैं। इस पर मुस्लिम लीग-नवाज ने कहा कि यह रकम एक तरह से अवैध वसूली है और नवाज इस शर्त को कबूल नहीं करेंगे। उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने की बिना शर्त इजाजत मिले।

 

 

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।