कस्बा की डोर-टू डोर-कूड़ा उठान सर्विस व सफाई व्यवस्था पड़ी ठप्प।
November 14th, 2019 | Post by :- | 114 Views

अंबाला , बराड़ा ( गुरप्रीत सिंह मुल्तानी )
बराड़ा नगरपालिका क्षेत्र में कंई दिनों से डोर टू डोर कूड़ा कलैक्शन योजना तीन माह से ठप्प पड़ी है जिससे क्षेत्र के सभी वार्डों में स्थान-2 पर कूड़े के ढ़ेर कस्बे की सुंदरता को ग्रहण लगा रहे हैं। सफाई योजना के औधे मुंह गिरने से कस्बावासियों ने सर्वसम्मति से बैठक के उपरांत सफाई शुल्क न चुकाने का निर्णय लिया है। बता दें कि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन परियोजना अपने शुरुवाती समय से ही हिचकोले खाती चल रही है। सफाई कर्मचारियों के धरने प्रदर्शन व डंपिंग ग्राउंड के अस्थाई रास्ते की समस्या के चलते अधिकांश समय डोर टू डोर कलेक्शन करने वाले कर्मचारी कूड़ा एकत्रित करने लोगों के घरों तक नहीं पहुंचे। वर्तमान में यह महत्वकाक्षी परियोजना घुटनों पर आ गई है। हालात यह हैं कि 3 माह से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना लगभग पूर्ण रूप से ठप्प पड़ी है। जिस कारण कस्बा की सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। जिसके चलते अब कस्बा के लोगो का इस योजना से मोह उतर गया है। यही कारण है कि लोगों ने नपा प्रशासन को सफाई शुल्क देने से मना कर दिया है।

बॉक्स: माडर्न एंक्लेव के निवासियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री व स्थानीय शहरी निकाय विभाग के निदेशक को शिकायत व सूचना पत्र भेज कर स्वच्छता शुल्क न अदा करने बारे सूचित किया है। माडर्न एंक्लेव, हरगोबिंद पुरा कालोनी, करनाल कालोनी, साहा कालोनी, रेलवे कालोनी, दशमेश कालोनी, गुरदेव मौहल्ला व योगी बस्ती के निवासियों का आरोप है कि सफाई कर्मचारी उनके घरों में कूड़ा एकत्रित करने नहीं पहुंच रहे। इन कालोनियों में डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण का काम पूर्णतः ठप्प पड़ा है। इस बारे कई बार स्थानीय पार्षद, नपा सचिव, सफाई निरीक्षक व नपा प्रधान को लिखित व मौखिक रूप में शिकायत दी गई है लेकिन नपा प्रशासन व अन्य किसी भी अधिकारी ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। लोगों को मजबूरीवश घरों का खुले में कूड़ा जलाकर कूड़े के निपटान को विवश हैं।

बॉक्स: बता दें कि कस्बे के हर चौंक चौराहे पर लगे गंदगी के ढ़ेर स्वच्छ भारत अभियान को मुंह चिढ़ा रहे हैं। गंदगी के ढेर पर आवारा पशु मुंह मारते रहते हैं। हालात ऐसे हैं कि यहां दुर्गन्ध व मच्छर-मक्खियों की भरमार है। जिससे क्षेत्र में बीमारियों के फैलने का ख़तरा बना हुआ है। उषा रानी, कमलेश, परमजीत नेहरा, मीणा रानी, परमजीत कौर, मोनिका अग्रवाल, मंजू, गुरमीत कौर, अनीता देवी, विक्रम, राकेश, अवतार सिंह व कप्तान सिंह आदि ने बताया कि नपा के शिकायत रजिस्टर में एंट्री के बाद भी सफाई कर्मी कूड़ा एकत्रीकरण के लिए नहीं पहुंच रहे। इस कारण वो सफाई शुल्क अदा नहीं करेंगे।इसलिए डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण का बिल उनको न भेजा जाए।

ठेकेदार पर 2000 रुपए जुर्माने का प्रावधान: लोगों का आरोप है कि दर्जनों शिकायतों के बावजूद भी नपा प्रशासन द्वारा डोर टू डोर कलेक्शन की संविदा धारी फर्म पर कोई कार्रवाई नहीं की। लोगो का आरोप है कि नपा प्रशासन ठेकेदार पर मेहरबान है इसी कारण अभी तक ठेकेदार को कोई नोटिस नहीं दिया गया, जबकि नियमानुसार कूड़ा एकत्रीकरण बन्द रहने पर संविदा धारी फर्म पर 2000 रुपए प्रतिदिन जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है।
बॉक्स: बराड़ा नपा कार्यालय में सैनेटरी इंस्पैक्टर का एक पद है लेकिन इस पद के लिये अस्थाई तौर पर अन्य नगरपालिकाओं से सेनेटरी इंस्पेक्टर को चार्ज सोंपा गया है। लेकिन वे भी केवल मात्र दो दिन के लिये ही बराड़ा कार्यालय में आते हैं। जिनका कोई दिन व समय भी निश्चित नहीं है। आए दिन की राजधानी व जिलास्तरीय मीटिंगों के कारण भी कई बार सप्ताह भर तक सफाई निरीक्षक नपा कार्यालय नहीं पहुंच पाते। जिससे शिकायतों व समस्याओं को निपटान भी नहीं हो पा रहा। डोर टू डोर कलेक्शन परियोजना के औधे मुंह गिरने का यह भी एक अहम कारण है।

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