कैंप में सीखी गई जानकारी को अपने जीवन में लागू करें- कब और बुलबल : भारद्वाज , तीन दिवसीय जिला स्तरीय कब बुलबुल उत्सव संपन्न
November 13th, 2019 | Post by :- | 176 Views

जींद, लोकहित एक्सप्रेस, (अनिल सैनी)। उप जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष भारद्वाज ने कहा कि इस तीन दिवसीय कब बुलबुल उत्सव में हासिल की गई जानकारी को कब बुलबुल अपने जीवन में भी लागू करें। ताकि यहां से हासिल किए गए ज्ञान के बूते जिंदगी में आने वाली चुनौतियों से पार पाते हुए अपने लक्ष्य को हासिल किया जा सके। सुभाष भारद्वाज बुधवार को सफीदों रोड स्थित जाइट स्कूल में आयोजित तीन दिवसीय कब बुलबुल उत्सव के समापन पर विद्यार्थियों को सम्बोधित कर रहे थे। समापन समारोह में डिप्टी सुपरिडेंट ज्ञानचंद ने विशेष अतिथि के तौर पर शिरकत की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर कब बुलबल ने तीन दिनों में सीखी गई गतिविधियों की प्रस्तुतियां दी। इस अवसर पर रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने जल बचाओ अभियान पर भी नाटक की प्रस्तुति दी।
सुभाष भारद्वाज ने कहा कि यह जींद जिले के लिए बड़े गर्व की बात है कि इस तीन दिवसीय उत्सव में 400 बच्चों ने भाग लेकर टीवी दुनिया से बाहर निकल कर वास्तविक दुनिया से परिचय करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इस तरह के कैंप बच्चों के भविष्य निर्माण में काफी कागर सिद्ध होते हैं। इसलिए बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ इस तरह की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। क्योंकि कब बुलबुल के माध्यम से छोटे बच्चे खेल-खेल में गुणवता पूर्वक शिक्षा ग्रहण करते हैं। इस तरह की गतिविधियों से बच्चे कठिन से कठिन पाठयक्रम को भी आसानी से याद कर लेते हैं। इससे बच्चों को रटने की आदत से निजात मिलती है। इसमें बच्चों में अनुशासन की भावना पनपती है। वहीं बच्चों को राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर मिलता है। जिला संगठन आयुक्त राजेश वशिष्ठ ने कहा कि इस तीन दिवसीय जिला स्तरीय कब बुलबल उत्सव के दौरान बच्चे अपने घर से दूर रहकर अपने अभिभावकों के बिना अपनी दिनचार्या का पालन किया। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने कहा कि इस उत्सव के दौरान बच्चों को बड़ा सौहार्द पूर्ण माहौल मिला तथा यहां पर वह बिना किसी मानसिक दबाव के अपने बचपन का आनंद लिया। जाइट के निदेशक नरेंद्र नाथ शर्मा ने कहा कि उनके संस्थान द्वारा कब बुलबुल उत्सव में आने वाले बच्चों को हर प्रकार की सुविधा मुहैया करवाई गई। इस तीद दिवसीय उत्सव को बच्चों के लिए पूरी तरह से यादगार बना गया ताकि बच्चे अपने जीवन में कभी भी इस उत्सव को भूल नहीं पाएं। इस अवसर पर कार्यक्रम में संतरो, विक्रम मलिक, नरेंद्र, भरपूर, महावीर, पुष्पा, गौरव, मोहन, प्रमोद, भी विशेष तौर पर मौजूद रहे।

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