गुरूद्वारों में गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी के पदाधिकारियों व उनकी टीम के सदस्यों ने विधायक को सिरोपा भेंट कर उनका अभिनंदन किया
November 12th, 2019 | Post by :- | 73 Views

अम्बाला, ( सुखविंदर सिंह ) शहर के विधायक असीम गोयल ने आज गुरू नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव पर मंजी साहिब गुरूद्वारा, बादशाही बाग गुरूद्वारा, सैक्टर-10 स्थित श्री हरकिशन साहिब गुरूद्वारा व जोगीवाड़ा स्थित श्री भाट् साहिब गुरूद्वारों में मात्था टेक कर गुरू का आशीर्वाद प्राप्त किया, वहीं गुरूपर्व की लोगों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की भी कामना की। सभी गुरूद्वारों में गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी के पदाधिकारियों व उनकी टीम के सदस्यों ने विधायक को सिरोपा भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
श्री गोयल ने इस मौके पर कहा कि आज से कई दशकों पहले मानवता के सच्चे उपासक, हम सबकों सच्चाई, भाईचारा व मानवता का संदेश देने वाले श्री गुरू नानक देव जी ने सबसे पहले बेटी बचाओं बेटी पढाओं का संदेश दिया था। सो क्यों मन्दा आंखिये जित जम्मे राजान और आज उनके 550वें प्रकाश पर्व पर हम संकल्प ले कि कन्या भ्रूण हत्या नहीं करनी हैं, यहीं श्री गुरू नानक देव जी के प्रति हमारी सच्ची भक्ति व आस्था होगी। गुरू नानक देव जी ने जो उपदेश व जो प्रवचन सैकड़ों साल पहले दिए आज वहीं सब समाज को अपने जीवन में उतारने की जरूरत हैं। निश्चित रूप से यह धरती तभी स्वर्ग बनेगी जब हम गुरू नानक देव जी के वचनों को अपने जीवन में शामिल करेगें। उन्होंने कहा कि गुरू नानक देव जी ने हमें शिक्षा दी है कि ईश्वर सब जगह  विद्यमान है, हम सबका पिता वही है इसलिए सबके साथ प्रेम पूर्वक रहना चाहिए। अपने हाथों से मेहनत कर, लोभ को त्याग कर एवं न्यायोचित साधनों से धन का अर्जन करना चाहिए। एक साहूकार, मलिक भागो  की रोटी से रक्त निकालकर  एवं एक गरीब भाई लालो की मेहनत की  कमाई रोटी से दूध निकालकर उन्होंने इस शिक्षा को जन मानस  तक पहुंचाया कि यदि किसी को धन की अथवा कोई अन्य सहायता चाहिए तो हमें कभी भी पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने अपनी कमाई का ‘दसवंद’ (1/10)परोकार के लिए एवं अपने समय का 1/10 प्रभु के सिमरन भक्ति ईश्वर के लिए लगाना की शिक्षा दी। उन्होंने कहा कि माया (धन) को जेब में ही स्थान देना चाहिए अपने हृदय में नहीं तथा हमेशा स्त्री-जाति का आदर करना चाहिए।
श्री गुरू नानक देव जी ने कहा कि चिंता से मुक्त रहकर अपने कर्म (कार्य) करने चाहिए। गुरु जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है अहंकार मनुष्य को मनुष्य नहीं रहने देता अत: अहंकार कभी नहीं करना चाहिए, विनम्र हो सेवाभाव से जीवन गुजारना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसार को जीतने से पहले स्वयं अपने विचारो और विकारों पर विजय पाना अत्यावश्यक है।
इस मौके पर मनदीप राणा, हितेष जैन, रितेश गोयल, दलजीत सिंह भाटिया, संजीव टोनी, रमेश मल,  संत सिंह कंधारी, मनजीत सिंह बब्बू, भूपेन्द्र सिंह चड्डा, बलजिन्द्र सिंह, सुखदेव सिंह, टीपी सिंह, बलबीर सिंह, प्रीतम गिल, संदीप सचदेवा, जीएस जस्सर, शंटी धीमान, अर्पित अग्रवाल, सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।