धान की खरीद के लिए भटकते किसान , 4 नवम्बर से बन्द है सरकारी खरीद ।
November 9th, 2019 | Post by :- | 95 Views

अंबाला , बराडा ( गुरप्रीत सिंह मुल्तानी )
धान की सरकारी खरीद को लेकर सरकार ने अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं दिखाई है।सरकारी एजंसियों द्वारा गत 4 नवम्बर से फिर से सरकारी खरीद रोक दी गई है। इसके कस्बा स्थित अनाज मंडी में उपज लेकर पहुंचे सैकड़ों किसानों को निराशा ही हाथ लग रही है। बिक्री के लिए भटकते किसानों को अनाज मंडी बोर्ड के अधिकरियों व धान खरीद करने वाली एजेंसियों के पास से फ़सल खरीदे जाने की सूचना का कोई संतोषजक उत्तर नहीं मिल पा रहा। खरीद रोक जाने से लाखों किवंटल धान अनाजमंडी में पड़ी है जबकि हजारों किवंटल धान खेतों में तैयार खड़ी है। सरकारी खरीद को लेकर किसान काफी हताश व परेशान है। सरकारी खरीद न हो पाने के चलते किसान अपनी उपज को निजी खरीददारों को औने पौने दामों पर बेचने को विवश है।

बॉक्स:- किसान सूबा राम, दिलावर सिंह, प्रेम चन्द, गुरप्रीत सिंह, जयपाल, श्याम लाल, नरेंद्र सैनी, राय सिंह, त्रिलोचन सिंह व सतविंदर सिंह ने बताया कि वो मेरी फसल मेरा ब्यौरा योजना के तहत पंजीकृत किसान हैं। लेकिन उनकी उपज को सरकार द्वारा खरीदा नहीं जा रहा। पिछले कई दिनों से अनाज मंडी के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें खरीद शुरू होने के बारे कहीं से भी कोई सूचना नहीं मिल पा रही। अभी कुछ फसल खेतों में भी तैयार खड़ी है। मौसम के बदलते तेवर भी उन्हें चिंतित कर रहे है। तथा रबी फसल के लिए खेत की जुताई, बुवाई व खाद आदि में भी देरी ही रही है।

बॉक्स:- गत वर्ष 11लाख 31 हजार 579 किवंटल धान की सरकारी खरीद की गई थी। जबकि सरकार द्वारा इस वर्ष 4 नवंबर तक 9 लाख 58 हजार 414 किवंटल धान की ही खरीद की गई है। यही वजह है कि अनाज मंडी बराडा व अधीनस्थ सरदेहडी व उगाला विक्रय केंद्रों पर गत 5 दिनों से सैकड़ों किसान का हजारों क्विंटल धान बिक्री के इंतजार में पड़ा है। लाखों किवंटल धान से मंडियों के शेड, फड़ व गेट धान से अटे पड़े हैं। हालांकि अभी कुछ धान बराडा क्षेत्र के खेतों में तैयार खड़ी है।

लोचन शर्मा, चेयरमैन मंडी बोर्ड बराडा:- इस समय करीब 1 लाख किवंटल धान बराडा अनाज मंडी व सलग्न विक्रय केंद्रों पर सरकारी खरीद के इंतजार में पड़ी है। किसानों की समस्या के दृष्टिगत सरकारी खरीद एजंसियों को शीघ्र खरीद शुरू करनी चाहिए।

विजय गौड़, मीडिया प्रभारी, भारतीय किसान संघ:- राज्य क सभी अनाज मंडियों में यही हाल है।सरकार किसानों के हितों पर कुठाराघात व शोषण कर रही है। फसल बेचने के लिए किसानों को भटकना पड़ रहा है। दाना दाना खरीदने का वायदा करने के बाद किसान के साथ विश्वासात करने का काम किया जा रहा है। सरकार हर फसली सीजन में किसान को परेशान करती आई है।

सरदार कंवरजीत सिंह विर्क प्रधान आढ़ती संघ अनाज मंडी बराड़ा:- खेतों में हजारों किवंटल फसल तैयार खड़ी है। बार बार सरकारी खरीद को रोके जाने से किसानों व आढ़तियों को आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है। इससे आढ़ती व किसान के परम्परागत सम्बन्धों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। सरकार को खरीद शीघ्र शुरू करनी चाहिए।”

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