ड्रेन और नालों की सफाई में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतें अधिकारी–किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिये खुद होंगे जिम्मेदारी:-डी.सी. अशोक कुमार शर्मा

अम्बाला, (अशोक शर्मा)

उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने आज अपने कार्यालय में सिंचाई विभाग, नगर निगम, नगर परिषद व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि सभी सम्बन्धित अधिकारी नालों व ड्रेनो की सफाई कार्य को बेहतर समन्वय बनाकर तुंरत प्रभाव से करना सुनिश्चित करें।  सफाई कार्य वास्तव में दिखना चाहिए इसमें किसी प्रकार की कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। आमजन को भी आभास होना चाहिए की सफाई व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन द्वारा कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे सफाई व्यवस्था के तहत आरम्भिक कार्य के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों की पहले ड्रेनों की सफाई कार्य को दुरूस्त करें उसके बाद अन्य क्षेत्रों में भी सफाई व्यवस्था का कार्य तेजी से करने की रूपरेखा तैयार करें।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने तीनों विभागों से बिंदुवार चर्चा करते हुए ड्रेनों व नालों की सफाई के लिए क्या-क्या व्यवस्था रहती है उस बारे जानकारी हासिल की। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि अम्बाला ड्रेन की सफाई का कार्य तुरंत शुरू कर दें। इसी प्रकार नगर निगम अम्बाला शहर व नगर परिषद अम्बाला छावनी से सम्बन्धित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के मुख्य नालों की सफाई कार्य को भी तुरंत करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आम तौर पर बरसात के मौसम में नालों की सफाई का कार्य किया जाता है लेकिन सफाई व्यवस्था बहुत जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को कहा कि नालों की सफाई के दौरान जो गाद होती है उसे भी वहां से साफ करके उठाना करवाना सुनिश्चित करें ताकि गंदे पानी की निकासी सुचारू रूप से चलती रहे। उन्होंने गुडगुडिया नाला, इंको नाला सहित अन्य सभी नालों की सफाई के कार्य को दुरूस्त करने के निर्देश दिये। उन्होंने बैठक के दौरान जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से एसटीपी की रूपरेखा के बारे में भी जानकारी ली और इन एसटीपी की क्या क्षमता है, इस बारे भी जाना। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के तहत डीपीआर तैयार करके एसटीपी से कनैक्टीवेट करें। उन्होने कहा कि ऐसी व्यवस्था करके हम काफी हद तक सफाई व्यवस्था के कार्य को दुरूस्त रख सकते हैं तथा बरसाती मौसम में होने वाली जल भराव की स्थिति से भी बच सकते हैं। उन्होंने इस मौके पर टयूबलेट तकनीकी के बारे में भी अधिकारियों से चर्चा की और उदाहरण के तौर पर बताया कि कुम्भ के मेले में पानी के सैम्पल लेकर इस तकनीक का प्रयोग करके जो भी गंदा पानी होता है उसे बाद में साफ कर लिया जाता है। इसलिए वे इस तकनीक का छोटे क्षेत्रों में प्रयोग कर सकते हैं, यदि यह तकनीक सफल होती है तो निसंदेह सफाई व्यवस्था के कार्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
उपायुक्त ने बैठक के दौरान जहां सफाई व्यवस्था से जुड़े कार्यों के बारे में जाना वहीं डेंगू के बचाव के लिए क्षेत्रवार की जा रही फोगिंग के बारे में भी सम्बन्धित अधिकारियों से जानकारी लेकर उन्हें कहा कि फोगिंग का कार्य निसंदेह अच्छा चल रहा है लेकिन इस कार्य को और अधिक तेजी से करें ताकि इस बीमारी से बचा जा सके।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त जगदीप ढांडा, नगर निगम कमीशनर सुशील मलिक, ईओ विनोद नेहरा, कार्यकारी अभियंता जन स्वास्थ्य विभाग दीपक गाबा, सुरेन्द्र नागपाल, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग रणबीर त्यागी व प्रवीन गुप्ता सहित अन्य सम्बन्धित विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहे।