कालका बसंत विहार स्थित नीलकंठ मंदिर के सामने लगे कूड़े के ढेर, स्थानीय निवासी और राहगीर परेशान।
November 6th, 2019 | Post by :- | 116 Views

कालका (चन्द्रकान्त शर्मा)।

स्वच्छता अभियान अब केवल नेताओं के भाषणों और पोस्टरों तक ही सिमटकर रह गया है। अभियान पर कालोनियों में काम होता दिखाई नहीं दे रहा। शहर की कालोनियों में जगह-जगह गंदगी के ढेर देखे जा सकते हैं। यही हाल कालका शहर के अंदर अपने आप में कहलाए जाने वाली पॉश कालोनी बसंत विहार का है। बसंत विहार स्थित नीलकंठ मंदिर के सामने लगे कूड़े के ढेर इसका जीता जागता सबूत है। मंदिर के सामने खाली पड़ा प्लाट कालोनीवासियों व राहगीरों के लिए मुसीबत का कारण बना हुआ है।

मंदिर के पुजारी पंडित चन्दरकान्त खाली का कहना है कि प्लॉट में लगे गंदगी के ढेर में से निकलने वाली बदबू से मंदिर आने वाले लोगों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शर्मा का कहना है कि आसपास के घरों में रहने वाले लोग अपने घरों का कूड़ा-कचरा इस खाली पड़े प्लॉट में फेंक देते हैं। मना करने के बावजूद भी वे लोग नहीं मानते। इसी प्लॉट के नजदीक से ही दिनभर सैंकड़ों लोग जिसमें बुजुर्ग, महिलाएं, स्कूली बच्चे आदि गुजरते रहते हैं, जिन्हें अपने नाक पर रुमाल बांधकर गुजरना पड़ता है। प्लॉट में लगे गंदगी के ढेरों के कारण बदबू से लोग परेशान हो रहे हैं।

कालोनीवासी मधु, बिमला, शिवानी, आकांक्षा, मंगत राम, रमेश, संजीव, सुभाष चंद्र, अशोक बेदी, नीलम कौर, परमेश्वरी देवी, आशु आदि का कहना है कि गंदगी के कारण लोगों को बीमारी फैलने का भी खतरा बना रहता है। शर्मा ने बताया कि उन्होंने कई बार नगर निगम के सम्बंधित अधिकारियों को प्लॉट की सफाई करवाने के लिए सफाई कर्मचारियों को भेजने के लिए गुहार लगाई है, लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं होती। लोगों की नगर निगम के अधिकारियों से अपील है कि मंदिर के सामने पड़े खाली प्लॉट की नियमित सफाई करवाई जाए ताकि लोगों को इस समस्या से निजात मिल सके।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।