पंचकूला उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने पराली जलाने पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध ।
November 5th, 2019 | Post by :- | 85 Views

कालका (चन्द्रकान्त शर्मा)

पूरे प्रदेश में पराली जलाने और अन्य कारणों से उत्पन्न हुए भयानक प्रदूषण को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाने वाले है। उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने धान की फसल के अवशेष यानी पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। भारतीय दण्ड प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 144 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उन्होंने यह निर्देश जारी किए हैं। इन आदेशों की उल्लघंना करने वाले किसानों पर चोट लग जाएगी। उक्त निर्देश जारी करते हुए उन्होंने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ता है जिससे मानव व अन्य जीवों के स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ता है। विशेषकर अस्थमा और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को इस धुंए के कारण अधिक कठिनाई पेश आती है।

उपायुक्त ने कहा कि किसान धान की पराली को जलाने की बजाए इसका वैज्ञानिक स्तर प्रबंधन करें। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा 8 तरह के उपकरण 50 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाये जा रहे हैं। उपायुक्त ने कहा कि जो छोटे किसान यह उपकरण अपने स्तर पर खरीदने की स्थिति में नहीं है उनकी सुविधा के लिए जिला में 7 कस्टम हायरिंग चाइल्ड स्थापित किए गए है जोकि गांव बतौर, रायपुररानी, ​​भगवानपुर, बिहौद, व भरौली में है। इन डिब्बों से कोई भी किसान दूरी पर उपकरण के बारे में पराली का वैज्ञानिक प्रबंधन कर सकता है।

इसके साथ साथ इस वर्ष कृषि विभाग द्वारा 42 रोटावेटर, 24 जीआरओ ड्रिल, 2 सर्ब मास्टर और 1 रिवरसिबल एमबी प्लो, 1 स्ट्रा चोपर, 1 स्ट्रा मनैजेट सिस्टम अनुदान पर दिया गया है। जिला उप कृषि निदेशक वजीर सिंह ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए जिले में 20 सितंबर से 5 अक्टूबर तक फसल अवशेष सीआरएम यानी फसल अवशेष प्रभाधन पखवाड़ा भी मनाया गया, जिसमें किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में जागरूक किया गया था।

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