चंडीगढ़ से मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा द्वारा आयोजित वी.सी. में मिले निर्देशों की अनुपालना में डी.सी. ने वी.सी. के बाद ली अधिकारियों की बैठक–फाना प्रबन्धन के दृष्टिïगत दिये आवश्यक निर्देश।
November 4th, 2019 | Post by :- | 76 Views

अम्बाला, ( सुखविंदर सिंह ) हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा ने फाने न जलाने बारे व वायु प्रदूषण सम्बन्धी विषय पर प्रदेश भर के उपायुक्तों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जानकारी लेते हुए पराली न जले और न ही वायु प्रदूषण हो, इस सम्बन्ध में उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जो निर्देश दिये गये हैं, उनकी अनुपालना भी सुनिश्चित हो, इसलिये वे इस कार्य को पूरी गंभीरता से लेते हुए कार्य करें। मुख्य सचिव ने सम्बन्धित उपायुक्तों को यह भी निर्देश दिये कि वायु प्रदूषण की प्रतिदिन की रिपोर्ट भी वह भिजवाना सुनिश्चित करें, साथ ही पराली विषय को लेकर क्या-क्या कार्रवाई की गई है, इसकी रिपोर्ट भी तुरंत भेजें। उन्होंने इस मौके पर विधानसभा चुनाव में प्रदेश भर में शंातिपूर्ण व पारदर्शी तरीके से चुनाव सम्पन्न करवाने में उपायुक्तों व चुनाव डयूटी में लगे सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को बधाई भी दी। 
वी.सी. में मिले निर्देशों की अनुपालना में उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि पराली न जलाने बारे किसानो को जागरूक किया गया है और जहां पर जो किसान पराली जलाते पाये गये हैं, उन पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना भी वसूला गया है। पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष पराली जलाने के केस काफी कम हुए हैं। वी.सी. में जो निर्देश मिले हैं, उनकी पूरी तरह से अनुपालना की जायेगी। वी.सी. के उपरांत अधिकारियों की बैठक लेते हुए उपायुक्त ने कृषि विभाग के उपनिदेशक को स्पष्टï निर्देश दिये कि वे फील्ड में टीमें बनाकर कार्य करना सुनिश्चित करें। इस विषय को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिये खुद जिम्मेदार होंगे। फाना प्रबन्धन विषय पर किसी प्रकार की कोई ढील नही होनी चाहिए। जहां भी फाने जलते पाये जाते हैं, सम्बन्धित पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाएं। किसी गांव में यदि फाने जलाने का केस पाया जाता है तो सरपंच के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाएं। 
उन्होंने यह भी कहा कि कम्बाईन के साथ एसएमएस लगाया जाना अनिवार्य है। कोई भी कम्बाईन एसएमएस के बिना नही चलेंगी। मोबाईल टीमें फील्ड में जाकर सतर्कता से कार्य करें। पहले किसानो को फाने जलाने से होने वाले नुकसान बारे जागरूक करें। यदि वह न मानें तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाएं। उन्होंने कहा कि जहां पर फाने जलाने की संभावना रहती है, वहां पर ग्रामसभा की बैठक भी करें। लोगों को जागरूक करने का काम भी किया जा रहा है लेकिन ग्रामीणों की भी इसमें सहभागिता बेहद जरूरी है। फील्ड में टीमें समन्वय बनाकर कार्य करना सुनिश्चित करें। 
उपायुक्त ने बैठक में यह भी कहा कि फाना अवशेष प्रबन्धन बारे सीएचसी सेंटरों में उपकरण उपलब्ध हैं। इस बारे किसानो को जागरूक करें कि वह इन उपकरणों का प्रयोग कर पराली का उचित प्रबन्धन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि फाना प्रबन्धन विषय पर केन्द्र सरकार व हरियाणा सरकार पूरी तरह गंभीर है। इस विषय को लेकर समीक्षा बैठकें भी उच्च अधिकारियों की अध्यक्षता में हो रही हैं। इसलिए हमें फाने न जलाने बारे पूरी सतर्कता से कार्य करते हुए इस पर रोक लगानी है। इसके अलावा उन्होंने वायु प्रदूषण विषय पर कहा कि वायु प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। सम्बन्धित अधिकारी कारखानों, उद्योगों, कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी आदि विषयों पर पूरी नजर रखें और जहां पर भी कारखानों से या उद्योगों से वायु प्रदूषण की ज्यादा संभावना होती है, उन पर तुरंत लगाम लगाएं। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि वातावरण को साफ-सुथरा रखने के लिये वह स्वंय बीड़ा उठाएं। उन्होंने बैठक में यह भी कहा कि पराली जलाने मामले में एफआईआर दर्ज करना या जुर्माना वसूल करना ही नही है बल्कि किसानों को फसल अवशेषों के प्रबन्ध बारे जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित विभाग इस मामले में स्वंय भागीदारी निभाकर बेहतर कार्य करें।
बैठक के दौरान कृषि विभाग के उपनिदेशक डा0 गिरीश नागपाल ने उपायुक्त को अवगत करवाते हुए बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में पराली जलाने के केसों में काफी कमी आई है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष इस अवधि तक 110 से अधिक केस पाये गये थे लेकिन इस वर्ष अभी तक 43 केस आगजनी के पाये गये थे, जिन पर जुर्माना करते हुए 95 हजार रुपये की राशि वसूली गई है तथा 4 लोगों को एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर रोक लगाने के लिये जन भागीदारी की बेहद आवश्यकता है। बैठक में एसीयूटी अखिल पिलानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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