पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए फसल अवशेष जलाने पर तुरंत दर्ज होगी एफआईआर : केशनी
November 4th, 2019 | Post by :- | 132 Views
कुरुक्षेत्र, ( सुरेश पाल सिंहमार )    ।      हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे है। इस कड़ी के तहत सबसे पहले खेतों में खड़े फसल अवशेषों को जलाने वाले लोगों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएगी और सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस विषय को गम्भीरता से लेकर अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पैनी निगाहे रखेंगे, जो भी अधिकारी लापरवाही बरतेगा उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अहम पहलू यह है कि कुरुक्षेत्र जिले में पराली जलाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन की तरफ से अब तक 64 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और 29 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई चल रही है।
मुख्य सचिव सोमवार को चंडीगढ़ से वीसी के माध्यम से अधिकारियों को फसल अवशेष जलाने जैसे विषयों को लेकर सम्बोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि जिले में पराली ना जले इसके लिए उपायुक्त सम्बन्धित अधिकारियों की डयूटी लगाए तथा पुलिस के नाके भी लगवाए और कृषि विभाग द्वारा लोगों को पराली न जलाने बारे अभियान चलाकर जागरुक भी करे। मुख्य सचिव ने कहा कि पंचायतों में ग्राम सभा की बैठक का आयोजन करे, इस बैठक में सरपंच, नम्बरदार, पटवारी व ग्राम सचिव की भागीदारी होना सुनिश्चित करवाए। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति पराली जलाता मिले, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करे तथा सम्बन्धित पराली में लगी आग को बुझाने में किसी भी प्रकार कोई खर्चा आए तो वह सम्बन्धित व्यक्ति से ही ले। ग्राम सभा की बैठक में अधिकारी खुद मौजूद रहे तथा कृषि विभाग द्वारा पराली ना जलाने के विषय पर बनाई गई लघु फिल्में भी दिखाए और आमजन में जागरुकता लाए।
उन्होंने कहा कि अगर कहीं पर भी कूड़ा-कर्कट जलाया जा रहा है तो उसे तुरतं प्रभाव से रोके तथा जहां पर भी ट्रैफिक जाम होने की स्थिति हो वहां ट्रैफिक जाम ना होने दे, इसके लिए पुलिस कर्मचारियों की डयूटी लगाए। उन्होंने सभी उपायुक्त को कहा कि 24 घंटें डाक्टरों की एक टीम तैयार रखे जिले में जो भी विश्वविद्यालय व कालेज है उनके बच्चे घर-घर जाकर लोगों को पराली ना जलाने बारे जागरुक करे। हर समय में मोबाईल टीम तैयार रहे, इसमें एडीओ, पटवारी व ग्राम सचिव जरुर हो तथा सम्बन्धित टीम प्रतिदिन अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को दे ताकि वह रिपोर्ट मुख्यालय आ सके। जिले में जितने भी भट्टïे, उद्योग व फैक्टरियां है उन्हें चैक करे तथा अगर किसी भी जगह से प्रदूषण फैलने की रिपोर्ट मिलती है तो उस पर सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने सभी उपायुक्तों को कहा कि जिले में चल रहे सीएचसी को चैक करे तथा पराली से सम्बन्धित जिले की पूरी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजे।
उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने बताया कि जिले में पराली जलाने से सम्बन्धित 64 एफआईआर दर्ज की गई है, इनमें थानेसर में 25, पिपली में 2, लाडवा में 1, शाहबाद में 5, इस्माईलाबाद में 10 और पिहोवा में 21 शामिल है। डीडीपीओ को निर्देश दे दिए गए है कि वह ग्राम सभा की बैठक बुलाए तथा लोगों को पराली ना जलाने के विषय पर जागरुक करे। वीसी के बाद डीसी ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वह अपने-अपने क्षेत्र में पराली ना जलाने से सम्बन्धित मामलों पर नजर रखे तथा प्रतिदिन इस सम्बन्ध में रिपोर्ट देना भी सुनिश्चित करे तथा इसके साथ-साथ सीएचसी का भी निरीक्षण करे। डीसी ने बताया कि 25 पंचायतों को 10 लाख रुपए तक के यंत्र जो कि पराली प्रबंधन में सहायक है वो निशुल्क दिए जाएंगे, इसके लिए सम्बन्धित पंचायतों का चयन कर लिया गया है।
उन्होंने अधिकारियों को कहा कि जहां भी पराली जलती मिले, सम्बन्धित व्यक्ति के खिलाफ उसी समय एफआईआर दर्ज करे, इसमें कोई भी लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने डीडीए को निर्देश दिए कि पराली ना जलाने से सम्बन्धित जिले में फलैक्स बोर्ड लगवाए तथा अभियान चलाकर आमजन में जागरुकता लाए। डीसी ने आमजन से अपील भी की वह किसी भी प्रकार फसल अवशेषों, कूड़ा-कर्कट इत्यादि में आग न लगाए क्योंकि इससे वायु प्रदुषित होती है और यह स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। इस मौके पर एसडीएम थानेसर अश्वनी मलिक, लाडवा एसडीएम अनिल यादव, पिहोवा एसडीएम डा. संजय कुमार, डीडीए प्रदीप मिल सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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