जिला अम्बाला में 35 किसानों के खेतों पर नैनो उर्वरकों का प्रदर्शन किया जायेगा
November 3rd, 2019 | Post by :- | 105 Views

अम्बाला, ( सुखविंदर सिंह ) इफको द्वारा गांव रजपुरा में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें किसानों के खेतों पर किए जाने वाले नैनो उर्वरकों के प्रदर्शन के बारे में जानकारी दी गई। इफको द्वारा संतुलित उर्वरक उपयोग पर समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है ताकि किसान मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ कम लागत में पैदावार बढ़ाने में सरल हुए हैं। 

इफको के प्रबंध निदेशक डा0 उदय शंकर अवस्थी ने बताया कि जिला अम्बाला में 35 किसानों के खेतों पर नैनो उर्वरकों का प्रदर्शन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि नैनो उत्पाद पर्यावरण हितैषी हैं। परंपरागत रासायनिक उर्वरकों की तुलना में इनके उपयोग से फसलों की पैदावार में 15.30 प्रतिशत की वृद्धि पाई गई है। इनसे मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार होगा। नैनो नाईट्रोजन जिसे यूरिया के विकल्प के रूप में विकसित किया गया है, के सही तरीके से प्रयोग करने पर यूरिया की खपत को 50 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। दूसरा उत्पाद इफको नैनो जिंक है जिसे मौजूदा जिंक उर्वरक के विकल्प के रूप में विकसित किया है। इसकी 10 ग्राम मात्रा एक हैक्टेयर के लिये पर्याप्त है। तीसरा उत्पाद नैनो कॉपर पौधे को पौषण व सुरक्षा प्रदान करता है। पूरे भारत वर्ष में प्रगतिशील किसानों के खेतों पर इन उत्पादों का परिक्षण किया जायेगा।

उन्होने बताया कि उर्वरक क्षेत्र की दुनिया की सबसे बडी सहकारी संस्था इफको ने आज गुजरात स्थित कलोल इकाई पर आयोजित एक समारोह के दौरान नैनो उर्वरकों के फील्ड ट्रायल की घोषणा केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर कि उपस्थिति में की। 

इन तीन उत्पादों से मिट्टी किसान व पर्यावरण को फायदा मिलेगा व परंपरागत उर्वरकों की खपत में 50 प्रतिशत की कमी आयेगी। इससे किसानों की निवेश लागत भी कम होगी। उन्होने कहा किसानों को उर्वरक सुचारू रूप से उपलब्ध करवाने के लिये भारत सरकार द्वारा उर्वरक क्षेत्र में डीबीटी प्रणाली, नीम लेपित यूरिया व बिक्री हेतू पोस मशीन की शुरूआत की गई है ताकि हरेक किसान को आसानी से उर्वरक उपलब्ध हो सके। उन्होने कहा कि यद्यपि ये नैनो उत्पादों का  ट्रायल है लेकिन मेरा विशवास है कि ये उत्पाद असरदार सिद्ध होंगे। 

उल्लेखनीय है कि माननीय प्रधानमंत्री ने गांव, गरीब ओर किसान को केन्द्र बिन्दू में रखकर ही विकास योजनाओं को तैयार किया है। भारत की प्राथमिकता उत्पादन की बजाय अब किसान केन्द्रित हो गई है और अन्य पहलुओं के साथ-साथ कृषि उत्पादन में सुधार तथा निवेश लागत में कमी करके 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। ये नवीनतम नैनो उत्पाद हमारे सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे।

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