रजिस्ट्रार अरुण पराशर ने कांग्रेसी नेत्री चित्रा सारवारा को भेजा कानूनी नोटिस
August 23rd, 2019 | Post by :- | 62 Views

अंबाला :   जल्दबाजी में हरियाणा राज्य फार्मेसी काउंसिल के पूर्व चेयरमैन केसी गोयल के बहकावे में आकर काउंसिल के रजिस्ट्रार अरुण पराशर के खिलाफ पत्रकार वार्ता करने वाली कांग्रेस नेत्री चित्रा सारवारा को अरुण पराशर ने कानूनी नोटिस भेजा है। हरियाणा राज्य फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार अरुण पराशर ने कांग्रेस नेत्री चित्रा सारवारा सुपुत्री चौधरी निर्मल सिंह को कानूनी नोटिस भेजकर माफी मांगने के लिए कहा है, यदि चित्र सारवारा अपनी गलती के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगती हैं, तो उनके खिलाफ कोर्ट में केस दायर किया जाएगा। चित्रा सारवारा ने मीडिया को गुमराह किया और गलत तथ्य पेश करके अरुण पराशर की छवि को नुकसान पहुंचाया है।

अरुण पराशर ने अपने वकील तरुराग गौड़ के माध्यम से भेजे गए लीगल नोटिस में कहा है कि चित्रा सारवारा ने मीडिया के सामने उनकी फार्मेसी डिग्री एवं अन्य शैक्षणिक योग्यता के बारे में मीडिया के सामने गलत तथ्य पेश किए और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बारे में भी मीडिया को गुमराह किया है। अरुण पराशर ने नोटिस के माध्यम से बताया है कि जिन फार्मेसी काउंसिल के पूर्व चेयरमैन केसी गोयल के बहकावे में आकर चित्रा सारवारा ने प्रेस कांफ्रेंस की, उन्होंने खुद मीडिया और समाचार पत्र में माना है कि उन्होंने अरुण पराशर की डिग्री को लेकर कोई आपत्ति नहीं जताई, परंतु इसके बावजूद चित्रा सारवारा द्वारा बिना किसी सबूत के अरुण पराशर की छवि को खराब किया गया। साथ ही मीडिया के बंधुओं को भी गुमराह किया गया।

नोटिस में स्पष्ट तौर पर बताया गया है कि 25 जुलाई 2019 के आदेश में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा अरुण पराशर की शैक्षणिक योग्यता के बारे में कोई भी टिप्पणी नहीं की गई, परंतु चित्रा सारवारा ने केसी गोयल के साथ मिलीभगत करके अरुण पराशर की छवि को बिगाडऩे की कोशिश की है, जोकि बहुत ही निंदनीय है। अरुण पराशर ने कांग्रेस नेत्री को सलाह दी है कि वह ऐसा कोई भी कदम उठाने से पहले पूरी तहकीकात भी कर लिया करें। वरना कोई भी आकर बेवकूफ बनाकर अपना उल्लू सीधा करके चला जाएगा।

अरुण पराशर के एडवोकेट तरुराग गौड़ ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि उनके मुवक्किल अरुण पाराशर की फार्मेसीडिग्री और क्वालिफिकेशन मान्यता प्राप्त संस्थानों से है। केसी गोयल ने अदालत को गुमराह किया। जिस संस्थान से अरुण पराशर पढ़े हैं, उसकी डिग्री की कॉपी ना लगाकर किसी अन्य संस्थान की डिग्री लगा दी। जिसके चलते उन पर अरुण पराशर 420 का केस दर्ज करवायेंगे। एडवोकेट तरुराग गौड़ ने कहा है कि चित्रा सारवारा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मीडिया को गुमराह किया है, इसलिए उनके खिलाफ डेफिमेशन सिविल और क्रिमिनल अंडर सेक्शन 499 इंडियन पेनल कोड पुनिश्ऐवल अंडर सेक्शन 500 ऑफ इंडियन पेनल कोड विद इंप्रिजनमेंट 2 साल की सजा का प्रावधान है के तहत कार्रवाई बनती है। परंतु चित्रा सारवारा उनके मुवक्किल अरुण पराशर से सार्वजनिक तौर पर माफी मांग लेती हैं, तो वह उन्हें माफी कर देंगे। साथ ही चित्रा सारवारा को सभी के सामने सही तथ्य भी रखने के लिए कहा गया है।

 

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