सीईटीपी की जुर्माना राशी को प्रभावित मलपुर पंचायत में खर्चने की उठी मांग
October 22nd, 2019 | Post by :- | 60 Views

बददी के केंदुवाल में स्थित सीईटीपी संयत्र पर एन.जी.टी. व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई को स्थानीय मलपुर पंचायत ने उचित करार दिया है। भुडड में आयोजित पत्रकार वर्ताा को संबोधित करते हुए मलपुर पंचायत प्रधान पोला राम चौधरी , उपप्रधान गुरदास चंदेल व अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि सीईटीपी को हुए एक करोड़ रुपए के जुर्माना राशी ने साबित कर दिया है कि आज तक सीईटीपी स्थानीय लोगों के जनजीवन व पर्यावरण के साथा खिलवाड़ करता रहा। उन्होंने कहा कि हमारी पंचायत में सीईटीपी ने जलस्रोत व अन्य पर्यावरण को भारी नुक्सान पहुंचाया है। इसलिए सीईटीपी को हुए जुर्माना राशी से पंचायत के जल स्रोतो व अन्य पर्यावरण के सुधारों पर खर्च किया जाना चहिए। उन्होंने कहा कि सीईटीपी संचालक बददी इफ्रास्टक्चर ने स्थानीय लोगों के जनजीवन व जीवनदायिनी सरसा नदी से खुलेआम खिलवाड़ किया है। उन्होंने इसके लिए राज्य प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड़ को भी जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड़ की मिलीभगत से सीईटीपी आज तक बेलगाम होकर काम करता है और स्थानीय जनता की आवाज को लगातार दबाया गया। उन्होंने एनजीटी की स्टैंडिग कमेटी की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय पंचायत वासियों को लंबी लड़ाई के बाद न्याय मिला है। यही नही उन्होंने सीईटीपी के सचंालन की सारी शक्तियां बीबीएन के उद्योगपतियों से वापिस लेकर सरकार की निगरानी में किसी स्वतंत्र व अनुभवी एंजैसी या इंस्टीच्युट को सौंपने की भी मांग ही है। उन्होंने कहा कि सरकार व राज्य प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड़ को अंधेरे में रख कर सीईटीपी को ऐसे उद्यमी चला रहे है जिनके उद्योगों की बिजली प्रदूषण नियंत्रण के मानको पर खरा न उतरने पर कटती रही है। उन्होंने कहा कि राज्य प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड़ के चेयरमैन को पंचायत के पर्यावरण की क्षतिपूर्ति के लिए लिखित ज्ञापन भेजा जाएगा और जुर्माना राशी सीधे तौर पर पंचायत को देने की मांग की जाऐगी। इस मौके पर पंचायत प्रधान पोलराम चौधरी, उपप्रधान गुरदास चंदेल, पूर्व बीडीसी सदस्य सोमनाथ सैणी, पंच राज कुमार, समाजसेवी रणजीत सिंह, गुरचरण सिंह, बलवीर सिंह आदि भी उपस्थित थे।

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