12 साल बाद मिले दो सगे भाई: खिल उठे सबके चेहरे
October 20th, 2019 | Post by :- | 137 Views

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । बिछुड़े हुए लापता व्यक्तियों को उनके परिवारों से मिलाने के लिए प्रयासरत लॉस्ट फाउण्ड पर्सन अभियान की सफलताओं में एक और नया अध्याय उस समय जुड़ गया। जब बस्सी स्थित अपना घर आश्रम में पश्चिमी बंगाल के दो भाइयों का मिलन 12 वर्षों बाद हुआ। दोनों भाइयों की भाषा बंगाली होने के कारण मिलन के इस अवसर पर उपस्थित व्यक्तियों को उनके शब्द तो समझ नहीं आ रहे थे, लेकिन उनके चेहरे और उनके मनोभाव से झलक रही खुशी शब्दों की मोहताज नहीं रही। दोनों भाइयों की इस खुशी ने पूरे माहौल को खुशनुमा बना दिया। पश्चिमी बंगाल के दमकल गाँव का निवासी अफजाल मानसिक रूप के कमजोर होने के कारण 12 साल पहले अपने परिवार से बिछुड़ गया था। इन 12 सालों में अफजाल यहाँ-वहाँ भटकता रहा और सड़कों पर लावारिस का जीवन जीता रहा। वहीं दूसरी ओर उसका परिवार उसे तलाश करने के लिए प्रयास करता रहा। अंत में परिवार ने तो अफजाल के मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी थी, लेकिन नीयति को शायद कुछ और ही मंजूर था। मार्च 2019 में दौसा शहर में सड़कों पर लावारिस हालत में घूम रहे अफजाल को समाजसेवियों द्वारा अपना घर आश्रम बस्सी में भिजवाया गया। जहाँ इसकी देखभाल सार-संभाल और इलाज करके इसे स्वस्थ्य किया गया। हिन्दी भाषा नहीं समझ पाने और केवल बंगाली भाषी होने के कारण इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। लॉस्ट फाउण्ड पर्सन अभियान द्वारा अपनी नियमित काउंसिलिंग प्रक्रिया के दौरान अपना घर आश्रम में अफजाल की काउंसिलिंग की गई, तो इसकी भाषा संबंधी समस्या सामने आ खड़ी हुई।लेकिन उसी समय इस अभियान के पश्चिमी बंगाल के सहयोगियों से मोबाइल पर अफजाल की बात कराई जाकर इसके बारे में जानकारी प्राप्त की गई और उसी क्षण अफजाल के परिवार की तलाश प्रारंभ कर दी गई। इसके बाद लॉस्ट फाउण्ड पर्सन अभियान के प्रयासों से महज 4 घंटे के भीतर पश्चिम बंगाल के दमकल में अफजाल के परिवार से सम्पर्क कर लिया गया। 12 साल बाद अफजाल की सूचना पाकर उसका परिवार बहुत खुश हुआ। रविवार को अफजाल के भाई और भतीजा अपने एक दुभाषिए मित्र (हिन्दी और बंगाली भाषा समझने वाला) के साथ जयपुर पहुंचे और सभी को दुआऐं देते हुए अपना घर आश्रम से अफजाल को अपने साथ लेकर गये। लॉस्ट फाउण्ड पर्सन अभियान के संस्थापक राहुल शर्मा ने इस प्रकरण में जयपुर निवासी सेवानिवृत्त कार्मिक सुरेश कुमार परमार, पब्लिक हैल्प ग्रुप के संचालक लोकेश चतुर्वेदी युवा समाजसेवी आयुष एवं श्वेता जाजू कलकत्ता निवासी व्यवसायी श्रीगोपाल तापड़िया सहित अभियान के सभी देशव्यापी सहयोगियों का तथा अपना घर आश्रम बस्सी के प्रबंधक नरेन्द्र कुमार, राकेश कुमार सहित उनकी सम्पूर्ण टीम का धन्यवाद ज्ञापित किया।
*लॉस्ट फाउण्ड पर्सन अभियान:
लॉस्ट फाउण्ड पर्सन बिछुड़े हुए लापता व्यक्तियों को उनके परिवारों से मिलाने का देशव्यापी सामाजिक प्रयास है,जो लगभग साढ़े तीन वर्षों में अभी तक देशभर के 253 व्यक्तियों को उनके परिवारों से मिला पाने में सफलता प्राप्त कर चुका है। पूर्णतया निःशुल्क यह अभियान राजस्थान पुलिस सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा विभिन्न जिलों की बाल कल्याण समितियों द्वारा अधिकृत है। राजस्थान पुलिस की वेबसाइट पर इस अभियान की वेबसाइट का लिंक भी दिया गया है। इस अभियान के संस्थापक जयपुर निवासी श्री राहुल शर्मा हैं, जो एक सरकारी कार्मिक हैं और मुख्यमंत्री कार्यालय में कार्यरत है। इस अभियान का शुभारम्भ भारतीय नववर्ष के अवसर पर दिनांक 8 अप्रैल 2016 को हुआ था।
*अपना घर आश्रम:
अपना घर आश्रम लावारिस पाये गये व्यक्तियों को आश्रय देकर उनकी सेवा-सुश्रुषा करने वाली देशव्यापी संस्था है। जिसके संस्थापक डॉ. बी.एम. भारद्वाज है। इसका मुख्य कार्यालय राजस्थान के भरतपुर में है, परन्तु देशभर में फैले अनेक अपना घर आश्रमों में आवासित व्यक्तियों की पूर्ण मनोयोग एवं निर्विकार भाव से ना केवल सेवा की जाती है,

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