फीस न भरने को लेकर स्कूल प्रबंधन ने छात्रा को भेजा घर अभिभावको ने पुलिस को शिकायत देकर की स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग
October 18th, 2019 | Post by :- | 165 Views

पिहोवा, लोकहित एक्सप्रेस (राजेश कुमार) ।

डेवलपमैंट चार्ज को लेकर अभिभावक एसोशिएसन व एक नीजि स्कूल के बीच विवाद गहराता जा रहा है। एक ओर जहां स्कूल बिना डेवलपमैंट चार्ज के फीस नही ले रहा है वहीं अभिभावक बढ़ी हुई फीस न देकर सामान्य फीस भरने को तैयार है। कई महीनों से सैंकड़ो बच्चों की फीस इसी कारण जमा नही हो पा रही है। फीस जमा न होने को लेकर स्कूल प्रबंधन ने शुक्रवार को दस जमा एक में पढऩे वाली एक छात्रा को कक्षा से उठाकर घर भेज दिया। बच्ची के पिता मनोज कुमार ने बताया कि स्कूल प्रशासन तानाशाही रवैया अपना रहा है। जब हम सब सामान्य फीस भरने के लिए तैयार है तो स्कूल का यह रवैया पूरी तरह गलत है। उन्होंने बताया कि घर आने के बाद बच्ची का रो-रो कर बुरा हाल है तथा मानसिक रूप से भी परेशान हो गई है। मनोज ने बताया कि अब उनकी बेटी उस स्कूल में कभी न जाने की बात कह रही है। स्कूल के इस व्यवहार से बच्ची का भविष्य अंधकार में दिखाई देने लगा है। अभिभावको ने मामले को लेकर स्कूल प्रबंधन कमेटी चेयरमैन को पुलिस चौकी बुलाया। चेयरमैन ने अभिभावको को भरोसा दिया कि जो तीन टीचर बच्ची को घर छोडऩे आए थे वहीं बाइज्जत बच्ची को घर से स्कूल लेने के लिए आएंगे। लेकिन बच्ची के पड़ोस में रहने वाली एक अन्य टीचर छुटटी होने के बाद बच्ची के घर गई और उन्हें बताया कि बच्ची कल स्कूल आ सकती है। लड़की के पिता ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
क्या कहते है अभिभावक एसोशिएसन प्रधान
इस बारे में मुकेश पुरी ने बताया कि स्कूल द्वारा बढ़ी फीस मांगने को लेकर उन्होंने हरियाणा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव रहे पी.के. दास को लिखित शिकायत की थी जिस पर सुनवाई करते हुए उन्होंने स्कूल द्वारा डेवलपमैंट चार्ज लेने पर स्टे लगा दिया था। मौजूदा समय में यह केस शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डा. महावीर सिंह के कार्यालय में लंबित है। मुकेश ने बताया कि इस मामले को लेकर जब अभिभावक संघ के सदस्य स्कूल प्रबंधन से बात करने स्कूल गए तो उन्हें बस चालको के हाथों बेइज्जत करवाकर धक्के मारकर स्कूल से बाहर भेज दिया गया। स्कूल प्रबंधन अभिभावको की मांग को दबान के लिए गुंडागर्दी पर उतर आया है जोकि किसी भी रूप से सही नही है।
क्या कहते है अभिभावक एसोशिएसन सदस्य
इस बारे रूपेश बंसल, सन्नी चुटानी, राजेश चहल, राजेश कौशिक, मेजर सिंह, अरूण कुमार, विजयदीप सहित अनेक अभिभावको का कहना है कि एक तो डेवलपमैंट चार्ज पर अंतिम निर्णय आने तक स्टे लगा है, दूसरे हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार जिन स्कूलों ने अपना फीस सबंधित फार्म छह आन लाईन नही भरा है वह स्कूल बढ़ी हुई फीस लेने का हकदार नही है। स्कूल को पिछले वर्ष के अनुसार ही फीस लेनी होगी। उक्त स्कूल द्वारा भी आनलाईन फार्म छह नही भरा गया है जिसकी पुष्टि एक आर.टी.आई. के माध्यम से हो चुकी है। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन बच्चों पर बढ़ी हुई फीस भरने का दबाव बनाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताडि़त कर रहा है। हैरानगी तो यह है कि इतना सब कुछ होने के बाद भी सरकार अथवा प्रशासन स्कूल के खिलाफ कोई कार्रवाई नही कर रहा है। ऐसे में हमें केवल न्यायालय का ही सहारा है जल्द ही मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। बता दें कि स्कूल प्रबंधन के इस तानाशाही रवैये के कारण अनेक अभिभावक पिछले दिनों धरने पर भी बैठ चुके है।
क्या कहती है अधिकारी
इस बार मेें चाइल्ड राइट प्रोटक्शन अधिकारी इंदु शर्मा का कहना है कि यह मामला उनकी जानकारी में है। दोनो पक्षों को बाल कल्याण कमेटी के समक्ष बुलाकर बातचीत की जाएगी तथा जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

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