करवा चौथ: महिलाएं करेंगी अपने पति की दीर्घायु की कामना
October 17th, 2019 | Post by :- | 108 Views

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । जयपुर के बाजारों में करवा चौथ की धूम मची है अन्य बाजारों में भी खरीदारों की रौनक देखते ही बन रही है। जहां एक ओर महिलाएं अपने आप को सजाने-संवारने में व्यस्त है,तो वहीं दूसरी ओर पुरुष भी अपनी पत्नी को सरप्राइज गिफ्ट देने की तैयारी में जुट चुके है। करवा चौथ का क्रेज नव विवाहित महिलाओं सहित अन्य महिलाओं में भी बहुत रहता है महिलाओं की चौथ के लिए पहले से ही तैयारियां करना शुरू हो चुकी हैं। करवा चौथ के अनुसार महिलाएं लाल रंग सहित ब्राइट रंग के कपड़ों को महत्व दे रही है। सदाबहार साड़ी के साथ इंडो वेस्टर्न कपड़ों को ज्यादा पसंद कर रही हैं। बाजार में इस बार इंडो वेस्टर्न के साथ प्लाजो कुर्ती,स्कर्ट कुर्ती सहित धोती कुर्ता काफी ट्रेंड में है बाजार में महंगे गिफ्ट्स के अलावा कम रेंज के गिफ्ट्स भी उपलब्ध है।जिसमे कार्ड्स, वॉच,कप्स,चॉकलेट्स,विंगचैन, पिलो आदि शामिल है। ये सभी गिफ्ट्स 50 रुपए से 3 हजार रुपए के बीच में ही मिल जा रहे हैं। पूजा सामग्री से भी पूरा बाजार सजा हुआ है। करवा चौथ की पूजा सामग्री सहित करवा की भी बढ़चढ़कर खरीददारी की जा रही है। मिट्टी के करवा सहित चीनी के करवा भी बाजार में उपलब्ध है। मिट्टी के करवा 10 रुपए से लेकर 30 रुपए तक उपलब्ध है। वहीं चीनी के करवे 5 रुपये से 50 रुपए तक हैं। इसके साथ ही चौथ माता का पोस्टर भी बाजारों में उपलब्ध है, जिसमें चौथ माथा की कथा भी लिखी हुई है। सजे धजे परिधानों के साथ महिलाएं ज्वेलरी की भी खरीदारी का रही है। ज्वेलरी में  सोने चांदी के अलावा सिल्वर ब्लैक पोलिश की ज्वैलरी काफी पसंद की जा रही है। ये ज्वेलरी इंडो वेस्टर्न कपड़ों सहित साड़ी पर परफेक्ट लुक देती है।*दिनभर उपवास करेंगी महिलाएं:
करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। ये व्रत सुबह सूर्योदय से पहले करीब 4 बजे शुरू हो कर शाम में चंद्रमा दर्शन के बाद पूरा होता है। शाम होते ही महिलाएं करवा माता की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ करती हैं। चीनी मिट्टी के करवे की अदला-बदली करने के बाद बयाना दिया जाता है,जिसमें सात पूड़ियां, गुलगुले, मिठाइयां आदि का चांद को अर्घ्य दिया जाता है। सुहाग के करवा चौथ के दिन विवाहित महिलाएं सुबह से ही तैयारी में लग जाती हैं।महिलाएं इस दिन सजती हैं,मेंहदी लगवाती हैं और अपने पति की लम्बी आयु की प्रार्थना करते हुए पूरे दिन उपवास करती हैं। इस दिन ये महिलाएं सास के हाथ की सरगी खाकर और चौथ माता की कहानी सुनकर अपने व्रत की शुरुआत करती हैं।करवा चौथ के दिन सुबह से उपवास कर रही महिलाएं सोलह-श्रृंगार कर नई दुल्हन की तरह सजती हैं और बस इंतजार होता है सिर्फ चांद का महिलाएं पति के घर पहुंचने के बाद ही व्रत खोलती हैं सारा परिवार उत्सव में शामिल होता है।
*चांद और पति का दर्शन कर व्रत खोलेंगी महिलाएं:
शास्त्रों के मुताबिक इस व्रत के समान सौभाग्यदायक व्रत कोई दूसरा नहीं है। करवा चौथ पर दिन भर उपवास के बाद शाम को महिलाएं नई दुल्हन की तरह सजती-संवरती हैं। फिर पूजा करने के बाद बारी आती है चांद के दीदार की, जिसमें पत्नियां चांद और पति का दर्शन करके व्रत खोलती हैं।

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