जिला कलक्टर कुमारपाल गौतम ने एमआर टीकाकरण अभियान के पक्ष में पत्र लिखकर टीका लगवाने से असहमत अभिभावकों से की अपील।
August 22nd, 2019 | Post by :- | 372 Views

बीकानेर,(मनीष)।  मीजल्स-रुबैला टीकाकरण अभियान को गति देने जिला कलेक्टर कुमारपाल गौतम ने अभिभावकों के नाम पत्र लिखा है। ये पत्र विभिन्न सरकारी-निजी विद्यालयों के प्रशासन के माध्यम से उन अभिभावकों को भेजा जा रहा है जिन्होंने अपने बच्चों को मीजल्स-रुबैला का टीका लगवाने की सहमति नहीं दी थी।

उल्लेखनीय है कि 9 माह से 15 साल तक के बच्चों को प्रतिरक्षित करने 22 जुलाई से जिले में मीजल्स-रुबैला टीकाकरण महाअभियान जारी है। एक महीने में 7,84,448 लक्ष्य के विरुद्ध कुल 5,84,650 बच्चों के टीके लगाए जा चुके हैं। यानिकी 74.8 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है जो कि राज्य की औसत उपलब्धि प्रतिशत 71 प्रतिशत से आगे है। अधिकाँश सरकारी-निजी विद्यालयों में टीकाकरण पूर्ण होने के बाद आउटरीच सत्र आयोजित होने लगे हैं।

सीएमएचओ डॉ देवेन्द्र चैधरी ने बताया कि विद्यालयों में टीकाकरण से पूर्व विद्यार्थियों की डायरी में नोट डालकर अभिभावकों से इस बाबत सहमति मांगी गई थी जिसमे से अधिकाँश अभिभावकों की सहमति मिलने से टीकाकरण सफल रहा। लेकिन उक्त अभियान में अधिकाँश नहीं शत-प्रतिशत उपलब्धि आवश्यक है इसलिए कार्यक्रम की बागडोर संभाल रहे जिला कलेक्टर द्वारा नवाचार करते हुए ऐसे अभिभावकों के नाम अर्द्ध शासकीय पत्र लिखा गया है। साप्ताहिक समीक्षा बैठक में चिकित्सा विभाग द्वारा उक्त समस्या से अवगत करवाते ही जिला कलेक्टर ने ऐसे समस्त अभिभावकों को उनका खत भिजवाने के निर्देश दिए। आई.ई.सी. समन्वयक मालकोश आचार्य ने जानकारी दी कि पत्र में उन्होंने मीजल्स-रुबैला बीमारियों के कारण, खतरे, वस्तुस्थिति और टीकाकरण के लाभ बताए हैं। यह भी बताया है कि ये टीका 40 वर्षों से बिना साइड इफेक्ट्स के सफलतापूर्वक प्रचलित है, बारीक सुई से लगाया जाता है ताकि दर्द ना हो व ऑटो डिसेबल सिरिंज के इस्तेमाल से संक्रमण की गुंजाइश भी नहीं है। गुणवत्ता के प्रति आश्वस्त करते हुए लिखा है कि उन्होंने स्वयं ने अपनी पुत्री के भी ये टीका लगवाया है। झूठी अफवाहों व नकारात्मकता को त्याग कर अपने बच्चे के टीकाकरण की सहमति देने की अपील जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम द्वारा की गई है। सहमति मिलने पर उन विद्यालयों के लिए पुनः सत्र आयोजित कर टीकाकरण किया जाएगा।

 

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