भाजपा सरकार गरीब विरोधी, गरीब वोट की चोट पर करेगा हितों की रक्षा:- वरूण चौधरी
October 14th, 2019 | Post by :- | 51 Views

अंबाला , मुलाना ( गुरप्रीत सिंह मुल्तानी )

भाजपा सरकार गरीब विरोधी है और उसका चेहरा सभी के सामने है। भाजपा सरकार की गरीब विरोधी मानसिकता के कारण मनरेगा जैसी योजनाओं का फायदा गरीब आदमी को नहीं मिल रहा है। चौधरी कहा कि अब बदलाव का समय आ गया है और गरीब वोट की चोट से अपने हितों की रक्षा करेगा।ये बात हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव व हल्का मुलाना से कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी वरुण चौधरी ने हल्का के गांव मोहड़ा,सम्भालखा, छपरा, धुराला, मलक पुर,कालपी,बसंत पूरा,सिंहपूरा,हरगोबिंद पूरा कलोनी,गुरदेव मोहल्ला,जनकपुरी कलोनी,रेलवे कलोनी,वाल्मीकि बस्ती,में सभाओ को।सम्बोधित करते हुए कही।इस दौरान अनेको दलों के कार्यकर्ता अपनी पार्टी छोड़ कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए।चौधरी ने सभी का कांग्रेस पार्टी के पटके पहनाकर स्वागत किया।
चौधरी ने कहा कि भाजपा की गरीब विरोधी सोच लोगों के सामने है और भाजपा सरकार ने सोच-समझ कर कांग्रेस के समय शुरु की गई लोक-कल्याण की योजनाओं को एक-एक कर, बंद करने का काम किया है।

आज हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े गरीब को भी अपने हक के लिए लड़ाई लडने के लिए बार-बार सड़क पर उतरना पड़ रहा है। पूरे प्रदेश में मनरेगा का बुरा हाल है और मनरेगा के तहत मिलने वाले काम में कमी आई है। कांग्रेस का राज में शुरु की गई 100 गज की प्लाट योजना में चार लाख परिवारों को घर बनाने के लिए जमीन दी गई पर भाजपा ने सत्ता में आते ही इस योजना को ठंड़े बस्ते में डाल दिया। जिन लोगों को प्लाट मिल गए थे, उनको कब्जा नहीं मिला और लगभग साढे चार लाख बीपीएल परिवार अभी भी इसके लाभ से वंचित हैं। कांग्रेस के शासन काल के दौरान शुरु की गई मकान बनाने की योजना का भी यही हाल है कांग्रेस सरकार ने गरीबों को शुद्ध पेयजल देने की योजना शुरु की पर भाजपा ने उस पर भी आगे काम नहीं किया। कांग्रेस ने भोजन का अधिकार दिया चौधरी ने कहा कि गरीबों का एक वर्ग भाजपा के झूठे जुमलों और वादों में आ गया था पर प्रदेश का हर वर्ग अब भाजपा के सच समझ चुका है और अब चुनाव में भाजपा की गरीब विरोधी नीतियों का जवाब देगा।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।