मंप्स सामान्य तौर पर स्वत: नियंत्रित होने वाली बीमारी है…डॉक्टर आशीष
May 15th, 2024 | Post by :- | 27 Views
  1. हिंडौन सिटी।
    विगत कुछ समय से क्षेत्र में मम्प्स के काफी सारे रोगी देखने में सामने आ रहे हैं सामान्य भाषा में इसे गलसुआ हुआ भी कहा जाता है यह बीमारी सभी उम्र के लोगों में देखने को मिल रही है तथा इससे संबंधित कई जटिलताएं भी इस समय क्षेत्र में देखी जा रही हैयह पैरामिकसो वायरस से होने वाली बीमारी है शरीर में संक्रमण के पश्चात यह वाइरस सामान्यतः लार ग्रंथियां में एकत्रित होता है जहां से यह दूसरे व्यक्तियों द्तक छींकने, खांसने या लार के माध्यम से पहुंच जाता है एवं लक्षण आने से पूर्व भी व्यक्ति संक्रामक हो सकता है l संक्रमित व्यक्ति लगभग दो सप्ताह तक और लोगों के लिए संक्रामक हो सकता है।
    *लक्षण*
    लगभग आधे रोगियों इस वायरस के संक्रमण की कोई लक्षण नहीं देखे जाते या फिर सामान्य खांसी जुखाम बुखार जैसे लक्षण देखे जा सकते हैं l लक्षण वाले रोगियों में हल्का बुखार सिर दर्द शरीर दर्द कमजोरी थकान भूख का खत्म हो जाना जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं और 2 दिन के भीतर कान के पास एक तरफ या दोनों तरफ पैरोटिड ग्रंथि में सूजन दिखाई देती है यह सूजन अन्य लार ग्रंथियां जैसे कि सब मंडीबुलर में भी हो सकती है तथा बहुत अधिक होने की स्थिति में यह लोगों के श्वास में अवरोध उत्पन्न कर सकती है। कुछ रोगियों में यह सूजन बार-बार देखने को मिल सकती है l
    जटिलता के तौर पर प्रश्न लगभग 15 से 30% रोगियों में वृषण का इन्फेक्शन देखने को मिलता है जिससे पेशाब में जलन या बाद में शुक्राणुओं की संख्या में कमी देखने को मिल सकती है इसी प्रकार महिलाओं में ओवरी का इन्फेक्शन, स्तन का इन्फेक्शन भी देखने को मिल सकता है ।
    लगभग 50% संक्रमित व्यक्तियों में यह वायरस तंत्रिका तंत्र में सीएसएफ भी देखा जा सकता है एवं कुछ लोगों में सर दर्द गर्दन दर्द एवं आलस जैसी स्थिति 5 दिन के अंदर देखी जा सकती है सामान्य तंत्रिका तंत्र का यह इन्फेक्शन(ऐसेप्टिक मेनिनजाइटिस) स्वत: ही ठीक हो जाता है लेकिन कुछ व्यक्तियों में यह वायरस दिमाग को और तीव्रता से प्रभावित करता है तथा इंसेफेलाइटिस की स्थिति पैदा करता है ऐसी स्थिति में यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। तंत्रिका तंत्र के अन्य रोग हाइड्रोसिफेलस ,ट्रांसवर्स माइलिटिस,फेशियल पॉलिसी आदिभी मम्प्स वायरस से हो सकते हैं । कभी कभार कभी कभार पेनक्रिएटाइटिस, मायोकारडाइटिस लिवर इन्फेक्शन किडनी इन्फेक्शन थायराइड का इन्फेक्शन देखने को मिल सकता है ।
    *निदान*
    सामान्य रूप से इसका निदान लक्षणों के आधार पर किया जाता है स्पष्ट निदान हेतु वायरस का आरएनए या उससे बनने वाली एंटीबॉडी का पता लगाया जा सकता है ।
    *उपचार एवं रोकथाम*
    मंप्स सामान्य तौर पर स्वत: नियंत्रित होने वाली बीमारी है तथा इसके लिए कोई विशिष्ट एंटीवायरल दवाई उपलब्ध नहीं है। सूजन में तेज दर्द होने की स्थिति में गर्म कपड़े से सेक किया जा सकता है तथा लक्षणों के आधार पर दवाइयां का प्रयोग किया जाता है। रोकथाम के लिए एमएमआर वैक्सीन उपलब्ध है जो की जो की राजकीय अस्पतालों में छोटे बच्चों को निशुल्क लगाया जाता है।

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