डॉ काशी प्रसाद जायसवाल को मरणोपरांत भारत रत्न से केन्द्र सरकार सम्मानित करें: ध्रुवचन्द जायसवाल
February 8th, 2024 | Post by :- | 96 Views

गोरखपुर (एके जायसवाल), अखिल भारतीय जायसवाल सर्व-वर्गीय महासभा की इकाई उत्तर प्रदेश अध्यक्ष ध्रुवचन्द जायसवाल ने कहा कि कई वर्षों से भारत सरकार से डॉक्टर काशी प्रसाद को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग महासभा द्वारा की जा रही है किन्तु केन्द्र सरकार द्वारा अनसुनी की जा रही है अभी भी समय है केन्द्र सरकार से अनुरोध है कि लोकसभा चुनाव से पूर्व डॉक्टर काशी प्रसाद जायसवाल को मरणोपरांत भारत रत्न देने की कृपा करें अन्यथा 2024 के लोकसभा चुनाव में मुद्दा बनेगा। क्यों कि वर्तमान केन्द्र सरकार ने अपने कार्यकाल में 7 महानुभावों अटल बिहारी वाजपेई, नानाजी देशमुख, पंडित मदनमोहन मालवीय, भुपेंद्र हजारे,प्रणव मुखर्जी, कर्पूरी ठाकुर एवं लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न दिया है। हमारे समाज के सभी संगठनों ने अपने-अपने स्तर से भारत रत्न देने की मांग करते आ रहे हैं किन्तु वर्तमान केन्द्र सरकार ने मांग को अनुसूची करती रही है।

देश भरके स्वजाति बन्धुओं में खिन्नता एवं रोष है। करोड़ों स्वजाति बन्धुओं की भावनाओं को साझा करते हुए एक बार पुनः वर्तमान केन्द्र सरकार ने अनुरोध है कि 2024 के लोकसभा में चुनाव पूर्व डॉ.काशी प्रसाद जायसवाल को मरणोपरांत भारत रत्न देकर करोड़ों लोगों की भावनाओं को सम्मान देने की कृपा करें।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।

काशी प्रसाद जायसवाल,देश को गुलामी से मुक्त कराने हेतु अग्रणी पंक्ति के स्वतंत्रता सेनानी एवं महान व्यक्तित्व,अद्भुत,अन्तर्राष्ट्रीय इतिहासविद विद्वान थे। उन्होंने ने प्राचीन इतिहास,विधिवेत्ता,पुरातत्वज्ञ प्राचीन लिपि मर्मज्ञ,लुप्त इतिहास, मुद्रा शास्त्री,सुक्ष्म अन्वेषण भारतीय सभ्यता संस्कृति के अनन्य पुजारी भी थे। ग्रीक, लेटिन, जर्मन, फ्रेंच, इंग्लिश, चीनी, तमिल, तेलुगू, हिंदी, संस्कृत आदि 35 देशी व विदेशी भाषाओं के जानकार थे। डाक्टर काशी प्रसाद जायसवाल, एम. ए.,डी.लिट, बार-एट-ला किया था।उन्हें कलकत्ता विश्वविद्यालय के उप कुलपति सर आशुतोष मुखर्जी ने प्राचीन इतिहास विभाग में अध्यापन का कार्य सौंप दिया।

क्रांतिकारी प्रवृत्ति का व्यक्ति इतिहास पढ़ाए यह सरकार कैसे बर्दाश्त कर सकती थी। डॉ काशी प्रसाद जायसवाल ने कई पुस्तकें भी प्रकाशित हुई थी जो की देश एवं विदेश के महाविद्यालयों में पढ़ायी जाती है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की उपस्थिति में डा. काशी प्रसाद जायसवाल को डाॅक्टर आफ फिलोसॉफी की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया था।डा. काशी प्रसाद जायसवाल ने डार्कनेस आफ इंडिया में वर्णन किया है कि भारत मे गुप्तकाल ही स्वर्ण युग रहा है, यह भी साबित किया कि चीन और जापान का आध्यात्मिक गुरु भारत ही था।

ध्रुवचन्द जायसवाल ने कहा कि डॉ.काशी प्रसाद जायसवाल जी को भारत के महान विभूतियों, साहित्यकारों एवं राजनेताओं द्वारा कही हुई शब्दों से उनके व्यक्तित्व के महानतम होने का अंदाजा लगाया जा सकता है। महात्मा गांधी के शब्दों में-भारत के बाग का एक सुन्दर गुलाब का फूल सूख गया। डॉ राजेंद्र प्रसाद के शब्दों में अंतरराष्ट्रीय ख्यात के पंडित हमारे बीच में नहीं रहे गुलाम भारत में जन्म लेकर भी डॉ. काशी प्रसाद जायसवाल ने जितनी खोजें की अगर भारत स्वतंत्र होता तो उन्हें सर्वोच्च सम्मान से विभूषित किया जाता। पंडित जवाहरलाल नेहरू के शब्दों में अपने लेख में डिस्कवरी ऑफ इंडिया में लिखा कि डॉक्टर काशी प्रसाद जायसवाल प्राचीन इतिहास के मामले में सही रूप से जानकार थे और उनके ज्ञान की प्रशंसा की। विश्वकवि रवींद्रनाथ ठाकुर-डा.काशी प्रसाद जायसवाल मेरे कला के सच्चे व स्टीक पारखी थे।

सर आशुतोष मुखर्जी -जायसवाल जी अपनी साधना से भारत का मुख उज्जवल किया। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के शब्दों में- डॉक्टर जायसवाल जी का प्रेम मेरे जीवन में सूर्य बनकर उदय हुए मेरे भीतर कमल बंद था उसके दल स्वयंमेव उन्मुख होने लगा। डॉक्टर निरंजन रे के शब्दों में- काशी प्रसाद जायसवाल जी युगांतरकारी महापुरुष थे।

महापंडित राहुल सांकृत्यायन के शब्दों में-श्रद्धेय डॉक्टर जायसवाल जी के संबंध में कह सकता हूं कि इतना बड़ा विद्वान भारत में पैदा नहीं हुआ। पंडित महावीर प्रसाद द्विवेदी के शब्दों में-डॉक्टर काशी प्रसाद जायसवाल इतिहास पुरातत्व वेत्ता थे। प्रसिद्ध उपन्यासकार अमृतलाल नागर के शब्द अपने लेख में लिखा कि मुझे हुमायूं की जान बचाने वाले निजामुद्दीन भिश्ती की तरह चार घड़ी का समय मिल जाए तो गांव गांव-गांव, नगर-नगर तथा में डॉक्टर काशी प्रसाद जायसवाल की मूर्ति लगवाने का हुक्म दे दूं। वर्तमान केन्द्र सरकार डॉ.काशी प्रसाद जायसवाल को भारत रत्न देने से चूकी तो इतिहास उन्हें माफ़ नहीं करेगा।

आप अपने क्षेत्र के समाचार पढ़ने के लिए वैबसाईट को लॉगिन करें :-
https://www.lokhitexpress.com

“लोकहित एक्सप्रेस” फेसबुक लिंक क्लिक आगे शेयर जरूर करें ताकि सभी समाचार आपके फेसबुक पर आए।
https://www.facebook.com/Lokhitexpress/

“लोकहित एक्सप्रेस” YouTube चैनल सब्सक्राईब करें :-
https://www.youtube.com/lokhitexpress

“लोकहित एक्सप्रेस” समाचार पत्र को अपने सुझाव देने के लिए क्लिक करें :-
https://g.page/r/CTBc6pA5p0bxEAg/review