प्राईवेट स्कूल सोशल वेलफेयर एसोसिएशन के तत्तवावधान में कवि सम्मेलन का आयोजन
December 25th, 2023 | Post by :- | 104 Views

प्राईवेट स्कूल सोशल वेलफेयर एसोसिएशन के तत्तवावधान में कवि सम्मेलन का आयोज
होडल,  (मधुसूदन भारद्वाज): प्राईवेट स्कूल सोशल वेलफेयर एसोसिएशन के तत्तवावधान में रविवार को नव वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को गोविंदम पैलेस हाल में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें पलवल जिले के सैंकडों स्कूल प्रबंधकों,विभिन्न सामाजिक,शैक्षणिक व राजनैतिक दलों के सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री चौ.हर्ष कुमार,भाजपा जिला अध्यक्ष चरणसिंह तेवतिया, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक बघेल,खंड शिक्षा अधिकारी मामराज रावत,सुखबीर सिंह तंवर,एमवीएन विश्वविद्यालय के वाईस चांसलर डा. ऐ.के. गर्ग,चौ.हेतराम,देवेंद्र सौरोत,हरद्वारीलाल सौरोत,राजेश अग्रवाल,मोहनश्याम शर्मा,जितेंद्र गर्ग,बृजेश शर्मा,योगेश सोरोत,प्रद्युमनलाल व्यास,सुधीर सौरोत,सतीश कुमार सहित सैंकड़ों गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। कवि सम्मेलन में पहुंचे सभी लोगों का एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा चंदन का टीका व पटका पहनाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर विभिन्न जगहों से पहुंचे कवियों ने देश भक्ति व धार्मिक आधार पर कवित प्रस्तुत कीं। मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। सम्मेलन में हिंदी प्रवक्ता विष्णु गौड ने मंच संचालन किया।  कवियों ने अपनी कविता के माध्यम से कहा कि महसूस जिसे भारत माता का दर्द नहीं हो सकता है,कुछ भी हो सकता है वह,लेकिन मर्द नहीं हो सकता है। मौसम बदले,महिला बदले और अब बदलेगी साल,सपने सब के हो जाएं पूरे आने वाली साल कि बोलो साल मुबारक जैसी विभिन्न प्रकार की कविताएं प्रस्तुत की गईं। इनके अलावा कवियों ने कविता के माध्यम से अयोध्या में नवनिर्मित भगवान श्रीराम मंदिर के उदघाटन और आज देश की राजनीति पर भी कटाक्ष कर श्रोताओं की तालियां बटोरीं। सम्मेलन में मथुरा से पहुंची कवयित्री रेनू उपाध्याय ने महिला के जीवन पर आधारित कविता में कहा कि केवल एक महिला ही ऐसी होती है कि उसका जीवन कभी भी अपने लिए नहीं होता है। श्रष्टि को रचाने वाली महिला ही इतनी जिम्मेदारियों का संभाल पाती है। बेटी है तो पिता के लिए,पत्नी है तो अपने पति के लिए,बहन है तो अपने भाई के लिए प्रतिपल बलिहारी होने का नाम ही नारी है। साज श्रंगार है सब तुम्हारे लिए ,मन की महकार है सब तुम्हारे लिए,तुमने देखा मुझे और मैं जी उठी,गीत गुलजार हैं सब तुम्हारे लिए। चोर माखन का गिरधारी बना लिलहार मनिहारी,बाजकर बांसुरी प्यारी,रचाया रास गिरधारी जैसी विभिन्न कविताओं को सुनकर श्रोता भाव विभागर हो गए। इनके अलावा कवियों द्वारा हास्य रस पर प्रस्तुत की गईं कविताओं को सुनकर श्रोता अपनी हंसी नहीं रोक सके। कवि कुलदीप बृजवासी,शैलजा द्विवेदी,मोहित मनोहर आदि ने भी कविताएं प्रस्तुत की श्रोताओं की ताली बटोरी। इस अवसर पर mvn यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉक्टर एन के गर्ग ने कहा कि आजकल दौडभाग की जिंदगी में इस प्रकार के आयोजनों से लोगों को नई उर्जा मिलती है। कविताओं के माध्यम से भी बहुत कुछ सुनने और सीखने को मिलता है,लेकिन आज मोबाईल,फेसबुक,व्हाटऐप,इंस्टताग्राम आदि ने लोगों को ऐसी कलाओं से दूर कर दिया है।

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