(पर्ची से निकले राजस्थान के नए CM भजन लाल का संघ से पुराना नाता) पहली बार चुनाव लड़ा और जीते
December 13th, 2023 | Post by :- | 134 Views

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । राजस्थान के नए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा बने। विधायक दल की बैठक के बाद शर्मा के नाम का एलान किया गया। शर्मा सांगानेर सीट से चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने हैं। उन्होंने कांग्रेस के पुष्पेंद्र भारद्वाज को 48081 वोटों से शिकस्त दी थी। विधायक दल की बैठक से पहले हुए फोटा सेशन में वे चौथी पंक्ति में बैठे थे। कुछ देर भाजपा ने उनका नाम प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के लिए घोषित कर दिया।
*संघ के करीब है शर्मा:
भजन लाल शर्मा सामान्य वर्ग से हैं। संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं। लंबे समय से वे संघ से जुड़े हुए हैं। साथ पार्टी में भी उनकी अच्छी पकड़ है।
*भरतपुर के रहने वाले हैं:
भजन लाल शर्मा की उम्र 55 साल है। वे पोस्ट ग्रेजुएट हैं। शर्मा मूलरूप से भरतपुर के रहने वाले हैं। पार्टी ने उन्हें जयपुर जिले की सांगानेर विधानसभा सीट से पहली बार टिकट दिया था। जहां से बड़ी जीत दर्ज कर वे विधायक बने हैं।
*दस साल से है भाजपा प्रदेश महामंत्री:
भजन लाल शर्मा दस साल से भाजपा प्रदेश महामंत्री हैं। इससे पहले पहले यह मंडल अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
*पिछले चुनाव में पार्टी ने नहीं दिया था टिकट:
2003 में भरतपुर की नदबई सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन छ: हजार वोट से हार का सामना करना पड़ा था। 2018 में शर्मा ने भाजपा से टिकट मांगा था, लेकिन पार्टी ने उनकी मांग को दरकिनार कर दिया था।
*34 साल से राजनीति में हैं शर्मा:
भजनलाल शर्मा के पिता का नाम किशन स्वरूप शर्मा है। वे 34 साल से राजनीति में सक्रिय है। कृषि और खनिज सप्लाई के व्यवसाय से भी जुड़े हुए हैं। भरतपुर के गांव अटारी के रहने वाले हैं। उन्होंने नदबई में अपनी प्रारम्भिक और माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की। इस दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संपर्क में आ गए और यही राजनीति में प्रवेश का द्वारा बन गया।
*धीरे-धीरे आगे बढ़ते रहे कदम:
शुरुआती दौरान में भजन लाल शर्मा नदबई में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई के सक्रिय कार्यकर्ता रहे। इसके बाद उन्हें इकाई अध्यक्ष नदबई,इकाई प्रमुख नदबई बनाया गया। सह जिला सयोजक भरतपुर और फिर सह जिला प्रमुख भरतपुर भी बनाए गए।
*श्रीराम जन्म भूमि आंदोलन में जेल भी गए:
भजनलाल शर्मा एबीवीपी के 1990 में हुए कश्मीर मार्च में भी सक्रिय रहे। करीब 100 कार्यकर्ताओ कें साथ उन्होंने ऊधमपुर तक मार्च किया और फिर गिरफ्तारी भी दी। 1992 में श्रीराम जन्म भूमि आंदोलन के दौरान जेल भी गए। 1991-92 में भारतीय जनता युवा मोर्चा की जिम्मेदारी मिली। 27 साल की उम्र में पहली बार सरपंच बने और फिर लगातार दो बार सरपंच रहे। एक बार पंचायत समिति के सदस्य भी बनाए गए।
*शर्मा बैठे थे चौथी पंक्ति में:
विधायक दल की बैठक से पहले ग्रुप फोटो सेशन हुआ था। इस दौरान भजनलाल शर्मा चौथी पंक्ति में बैठे हुए थे। वहीं, दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा दूसरी पंक्ति में बैठे थीं। विधानसभा अध्यक्ष बनाए गए वासुदेव देवनानी पहली पंक्ति में बैठे थे। जबकि वसुंधरा राजे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बगल वाली कुर्सी पर बैठीं हुईं थी।
दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है।

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